00:00तक रिबर नहीं ऐसा है इस वकत मार्कित की इसकपी है वो भागत चल लए तकरीबन यहां पर जो है
00:12क्षाने के जो होटल है कुछ होटल तो बंद हो चुके हैं और कुछ होटल जो दो-चार बाकी रह
00:19गए हैं वो बंद करने के लिए सोच रहे हैं और दूसरी बात
00:24जो सबसे बड़ी बाद जो है वो यह है कि जो इद के बाद दो फंक्शन हुआ करते से हमारी
00:31है साधी के उसके अंदर बहुत जित्क्त आ रही है
00:39अब अगर जो नहीं मिल लिया तो इसकी पर जो है ज़्यादतर शादिया या तो आगे बढ़ लएंगे तारिखे
00:49मार्षिट पर इतना फरक बढ़ा है कि आप यह देखलो यह अग्मानी चौक है यह हमारियां का सबसे मशाओर चौक
00:56है आज यहां कि आलत देखलो आप बिल्कुल संदा पड़ावाई एक तो दुकानी यह बंद हो गई जो मेरे पीछे
01:05है और एक उससे आगे है वो भी होटल ब
01:12बंद हो चुके हैं अभी तक और आगे जो है जो उन लोगों को इंधन नहीं मिल लिया देश चलंडर
01:19तो शायद मेरा जाता खाल है यह चार पांच यह बच्छे में यह भी बंद हो जाएंगे लेवर यह लेवर
01:28का यह है कि नेवर यह प्लाइं तर रही है यहां से क्योंकि �
01:33जब उनको खाने को नहीं सविलियत सही मिलेगा तो यहां से अपने गाउं चले गाएंगे यह तर चले जाएंगे यह
01:40इस्तिकी चले यह मार्किट के अंगर जो है इस वाकत बिल्कुल सन्नाथा बढ़ावा दुकंदार सब अपने दुकानों में बेठे में
01:48जेको आप इतर �
01:50चैमरा करके देखिए इस दुकान दे बहुत भील रही थी जब जी हम तो अपनी गवर्मिन से बहुत उम्मीजे लगाएं
01:56में हैं क्योंकि उसने हमें आसवास्चन भी दे रखा है कि हम जो है कोई परिशानी नहीं होने देंगे तो
02:04हम तो चाहते हैं कि पब्लिक को और जो इ
02:20क्लेंडर नहीं मिल पारा है तो परिशादिया है कि मोटल किपने चल रहे हैं यहां पर तक्रिपन सब बंद होगा
02:25है आपको सामने बिल्कुल सब्सक्राइब बढ़ा हुआ है तो क्या करेंगे आप पर लिए और सफका है रोज चेहिए उसका
02:35खाना का माना क्लेंडर चीज व
02:50करता हुं है नहीं हुआ पक दे लिवायर का मारे इंट भूसाई को बैठां में में आखें तो और सब्सक्रेंग
03:13निंगियांके कि तक अब और सब्सक्राइब
03:19में आपको आखिय को साओंτο सब्सक्रिम सब्सक्राइब
03:32को देख्वन कोला सूशת दो
03:39याद ऊंट कम बहुत पढ़ेए
04:09इसारे जादर गैंस की वज़े से लिकारता पूट्रन शुर।
04:13सब्सक्राइज निकालने मुश्किल पड़ रहे हैं बहुत जादे महंगी है नहीं और यह यह जो रहे हैं तो क मदूर
04:34आखो पी रहे हैं तो
04:41यहां वजीराबाद में बहुत सारे होटल थे इस वक्त रूनक होती ती जी जी जी आपको देखी निए देख लो
04:49मार्केट में कहीं दूर कुछ नजर आ रहा हो तो कुछ भी नहीं है कितने होटल बंद होते हैं यहां
04:55दस्वार होटल 15 होटल थे सब यहां हमारे जानकार के हो�
05:04सकते होटल में कंश पांच को होते हैं मजदोर जब नहीं होगा की कराया मालिक कहां से देगा इसी शरु
05:14लोग यहां से बुक्त हो घुन में घथन आ रही है
05:26सब्सक्राइब लोगों बहुत खराब बहुत जादी क्योंकि इस टेम गेस के चक्कर में जो इतने भी लेवर रुकी थी वह
05:34दुगान बंद होने कारण सारे का सारे चले गए ठीक है इसका मिले रहे हैं इस वह से सारा कारोबार
05:43बेकार हुआ पड़ा है अभी हम देखें हैं आ
06:01अब यूद बंद नहीं हो रहा है लमवे समय चलने की उमीर है इसना लग रहा है कि दिल्ली से
06:09क्या पलायन करना पड़ेगा रोजान नहीं होगा तो भाइट तो करना ही पड़ा होगा यह ओगा
06:26झाल
06:27झाल
06:29झाल
06:29झाल
Comments