00:07नबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सईद अंसारी अवेरिकी अंतरिक्ष एजिंसी नासा ने दो अप्रिल
00:15को आर्टिमिस टू को अंतरिक्ष में रवाना किया
00:19इस मिशन में चार अंतरिक्ष जातरी चांद की और रवाना हुए तरेपन वर्ष बाद लाउंच किया गया है यह पहला
00:25मानव युक्त चंदर मिशन है अपूलो प्रोग्राम के बाद पहला मानव मिशन है जो चंदरबाग के चक्कर लगाएगा यह मिशन
00:32कैनेडी स्पेस सें�
00:35के उस प्रयास में एक बड़ी उपलब्धी माना जा रहा है बारती समय के अनुसार सुबह चार बच कर पांच
00:44मिनिट विशाल नारंगी और सफेद SLS रॉकेट ने फ्लॉरीडा के केनेडी स्पेस सेंटर में जोरदार गरजना के साथ उडान भरी
01:04रॉकेट की धुएनी कई किलो मेटर दूर तक गुझी जबकि हजारों दर्शक और नासा कर्मचारी तालियां बजाते हुए उच्छा से
01:12इस एत्यासिक पल का कवावा बने
01:21क्या इस मिशन की विशेश्टा क्यूं इसे एत्यासिक माना जा रहा है और ये मिशन नासा के लिए किस तरह
01:30से महत्पूर होगा
01:31क्योंकि ये मानवयूक्त मिशन है इसलिए वहां से क्या क्या चीजे धर्ती पर भेजी जाएंगी जो आपकी और हमारे लिए
01:39कितने महत्पूर्ण होंगी
01:40तो नासा का ये एक बेखद महत्पूर्ण मिशन माना जा रहा है इस रिपोर्ट के दोरा हम आपको ये सब
01:47बताने का प्रयास करते हैं आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखेगा देखते रहिए आज तक
02:15फ्लॉरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में हुए इस लॉंचिंग के साथ ही अमेरिकी अंत्रिक्ष एजिंसी नासा नया इतिहास रचने के
02:23लिए तैयार है
02:27इसके साथ ही विश्याल, नारंगी और सफेद SLS रॉकिट ने कैनेडी स्पेस सेंटर से जोरदार गर्जना के साथ उडान भरी
02:37और उससे जुड़े ओरिन कैपसूल में सवार अंत्रिक्ष यात्री 54 साल बाद एक बार फिर से चंद की ओर चल
02:45दिये
02:49भारतिय समय के अनुसार सुभें लगभग 3 बच कर 54 मिनट पर फ्लॉरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से रॉकिट को
02:57लॉंच किया गया
02:58और इसके साथ ही नासा ने आर्टमिस 2 मिशन को सफलता पूर्वक अंत्रिक्ष में भेजने का ऐलान कर दिया
03:07नासा का ये मून मिशन अपने आप में बेहत खास है और काफी माइने रखता है ये 54 साल बाद
03:17इंसानों की चांद की पहली यात्रा है
03:20खास बाद ये है कि आर्टमिस 2 लेंडिंग मिशन नहीं है नासा का ये मिशन 10 दिन की टेस्ट फ्लाइट
03:27है
03:27इसके अंतरगत अंतरक्ष यात्रियों का कैप्सूल चांद के बहुत खरीब जाएगा ये चांद के पीछे वाले हिस्से से भी गुज़ेगा
03:35इस दोरान कई व्यग्यानिक प्रयोग किये जाएंगे अंत्रिक्ष यात्री चान्द के चारों और चक्कर लगाएंगे और फिर प्रत्वी पर वापस
03:44आएंगे
03:45इस दोरान ओरियन कैपसूल की गहरे अंत्रिक्ष में काम करने की शमता को आँखा जाएगा
03:51साथ ही जीवन रक्षा प्रणाली, नेविगेशन, कम्मिनिकेशन और हीट शील्ड की पूरी चांच की जाएगी
03:59वापसी के समय ओरियन्ट 40,000 किलोमीटर प्रती घंटे की तेज रफतार से प्रित्वी के वाईउ मंडल में दाखिल होगा
04:08नासा के इस मून मिशन में चार अंतरक्षियात्रियों का दल शामिल है, जो चांच के करीब जाकर अपने लक्षक का
04:16अध्यन करेंगे
04:17इस मिशन में शामिल अंतरक्षियात्री है
04:32पूरी दुनिया की निगाहें इस लॉंच पर लगी हुई थी
04:35नासा के अनुसार रॉकेट के लॉंचिंग पूरी तरह सफल रही
04:39और चारों अंतरक्षियात्री सुरक्षित रूप से पृत्वी के कक्षा में पहुँच गए है
04:45क्योंकि अमेरिका की ओर से 1972 के अपॉलो 17 मिशन के बाद
04:50पहली बार इनसान को चांद के इतने करीब भेजा जा रहा है
04:54इसके बाद नासा आर्टमिस तीन के जर्ये चांद की सथेह पर इनसानों को उतारने की तैयारी में है
05:01फिर आगे चल कर चांद पर स्थाई बेस बनाने की तैयारी की जाएगी
05:08माना जा रहा है कि नासा का ये मून मिशन महत्वकांची है
05:12इसके अधार पर आने वाले समय में मंगल ग्रह के लिए भी अंत्रिक्ष मिशन की तैयारी में मदद मिलेगी
05:20लगभग दस दिन बाद ओरियन कैपसूल प्रशांत महासागर में पेराशूट की मदद से उतरेगा
05:26और फिर इसमें शामिल अंत्रिक्ष याथियों के अनुभव और अध्यनों के अधार पर भविश्य के ऐसे अंत्रिक्ष मिशन की दिश्या
05:33तैय की जाएगी
05:35प्यार रपॉर्ट गुड न्यूस टोड़ेई
05:47नासा ने आज 2 अप्रेल 2026 को आटेमिस 2 मिशन की सफलता पूर्वक लाउंचिंग कर दी है
05:53फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से भारतिय समय अनुसार सुबह 3 बच कर 54 मिनट पर विशाल SLS रॉकेट ने
06:02आसमान में उडान भरी
06:03ये 54 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाने वाला पहला मानव मिशन है
06:09लाउंच पूरी तरह सफल रहा और चारों अन्तरिक्षियातरी सुरक्षित रूप से प्रित्वी की कक्षा में पहुँच गए है
06:15पूरी दुनिया इस लाउंच को देख रही भी इस मिशन में चार सदस्य क्रू शामिल है
06:21इट वाइज मैन मिशन कमांडर
06:24विक्टर ग्लोवर पाइलेट
06:26क्रिस्टीना कोज स्पेशलिस्ट
06:28जेरेमी हैंसें स्पेशलिस्ट
06:31आर्टिमिस 2 लैंडिंग मिशन नहीं है
06:34ये दस दिन का परीक्षन मिशन है
06:36क्रू चांद के बहुत करीब लगभग 9600 किलो मीटर तक जाएगा
06:41विचांद के चारो और घूमेंगे और फिर प्रित्वी पर वापस आएंगे
06:45इस दोरान ओरियन कैपसूल की गहरे अंत्रेक्ष में काम करने की शमता
06:50जीवन रक्षा प्रणाली, नैविगेशन, क्यम्मुनिकेशन और हीट शील्ड की पूरी जाच की जाएगी
06:56वापसी के समय, ओरियन 40,000 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज स्पीट से प्रित्वी के वायुमंडल में दाखिल होगा
07:05ये लॉंच इसलिए इतिहासिक है, क्योंकि अपोलो 17 के बाद पहली बार इंसान चांद के इतने करीब जा रहा है
07:13ये मिशन आर्टेमिस कारिकरम की असली शुरुवात है, इसकी सफलता के बाद नासा आर्टेमिस 3 में चांद पर इंसानों को
07:21उतारेगा
07:21और आगे चलकर चांद पर स्थाई बेज बनाने की तयारी करेगा
07:26अब क्रू कई दिनों तक चांद की ओर बढ़ता रहेगा
07:30वे चांद के पीछे वाले हिस्से से भी गुजरेंगे
07:33जहां प्रिथ्वी से रेडियो संपर्क कुछ समय के लिए तूट जाएगा
07:36इस दोरान कई वैज्यानिक प्रयोग किये जाएगे
07:40लगभग दस दिन बाद ओरियन कैपसूल प्रशांत महसागर में पेरशूट की मदद से उतरेगा
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