00:00होर्मुज को कहेंगे बाए बाए नए तेल रूट की खोज में जुटे अरब देश जानिये क्या है तैयारी
00:05मिडल इस्ट जंग ने खाड़ी देशों को अपनी दशकों पुरानी रणीतियों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है
00:10सवाल ये है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर इरान का दबदबा लंबे समय तक बना रहा तो क्या दुनिया
00:15की उर्जा सप्लाई इसी तरह जोखिम में रहेगी
00:17इसी चिंता ने अब खाड़ी देशों को एक बड़े फैसले की ओर धकेल दिया है
00:21और वो है हॉर्मुज को बाइपास करने का प्लाई
00:23यानि ऐसा विकल्ब जिसमें तेल और गैस की सप्लाई इस समुदरी रास्ते पर निर्भर न रहे
00:28अब पुराने पाइपलाई प्रोजेक्ट्स को फिर से जिन्दा करने की बात हो रही है
00:31साओधी अरब की 1200 किलोमीटर लंबी इस्ट वेस्ट पाइपलाई इसका सबसे बड़ा उदाहरन है
00:361980 के दशक में इरान इराक युद्ध के दोरान बनाई गई ये पाइपलाईन आज भी एक लाइफलाईन बनी हुई है
00:42ये रोजाना करीब 70 लाख बैरल तेल को रेटसी के यनबु पोर्ट तक पहुँचाती है
00:46वो भी बिना हॉर्मुज से गुजरे
00:47सौधी की सरकारी तेल कंपनी सौधी अरामको के प्रमुख अमीन नासिर ने हाल ही में कहा कि यही पाइपलाईन इस
00:53वक्त सबसे अहम रूट बन गई है
00:55अब सौधी अरब इस पर विचार कर रहा है कि इसकी क्षमता और बढ़ाई जाए या नई पाइपलाईनों का नेटवर्क
01:00तयार किया जाए
01:01ताकि उसके कुल एक करोड बैल तेल रोजाना उत्पादन का बड़ा हिस्सा समुद्री रास्तों के बजाए जमीन के रास्ते भेजा
01:07जा सके
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