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01:29कि पहली परिक्षा थि और सीता सफल हुई रावण ने विक्षुक के रूप्में राम और लक्ष्मन की शक्तिओं पर व्यंग
01:36कसना शुरू किया उसने पूछा कि क्या आपके साकु के अकीला चोड़कर रवभण चाल रावण जाना चाहता था कि क्या
01:47सीता भैःता
01:48संदेह में आकर राम की निंदा करेंगी
01:50पर सीता द्रिड स्वर में बूली
01:52मेरे स्वामी भगवान विश्णु के अंशे
01:54उनकी शक्ती का आप मान मत करो
01:56रावन को उत्तर मिल चुका था
01:57सीता अपने धर्म और निष्ठा से डिगने वाली नहीं थी
02:00अब रावन ने अंतिम और सबसे गहरी परिक्षा ली
02:03उसने अपना अस्थी रूप तो नहीं दिखाया
02:06लेकिन उसने अपने भीतर की मायवी शक्ती हलकी सी प्रकट की
02:09ये एक अगनी चिंगारी जैसी चमक थी
02:12जिससे साधारन मनिश्य डड़ जाए
02:14लेकिन सीता तनिक भी नहीं ड़ी
02:16उन्होंने शांतिस्वर में कहा कि
02:18आरे आपका ये रूप भिक्षुक के लिए उचित नहीं
02:21रावन समझ गया था
02:22सीता देवियों के समान तेजवाली है
02:25उन्हें भैभीत करना असंभव है
02:27रावन की तीनों परिक्षाएं असफल रही
02:29सीता ना डरी ना टूटी ना विचलित होई
02:31इसके बाद रावन ने सोचा
02:33अगर ये इस रूप में भी इतनी डर्ड है
02:36तो इनका अपारण करना आसान नहीं होगा
02:38इसलिए उसने अपने मायवी रथ और बल का प्रयोग करने का निड़े लिया
02:42और फिर वही हुआ
02:43रावन ने असली रूप धारण किया
02:45दसो सिरो वाला दानव सामने था
02:47सीता का तेश देखते हुए भी
02:49वो उन्हें उठा कर रथ में लेकर उड़ गया
02:51पर सीता अंतिम शर्टक शांत रही
02:54उन्होंने धर्ती को प्रणाम किया
02:56और केवल एक वाक्य कहा
02:57हे राम हे लक्षमन मेरी रक्षा कीजे
03:00और इस तरह रावन की तीनों परिक्षाएं
03:02सीता की पवित्रता और दिविता के सामने नाकाम हो गए
03:05इसी के साथ इस वीडियो मिलता ही
03:07अगर आप कोई जानकारी पसंद आई हो तो
03:09कॉमेंट में जरूर बताएं
03:10मिलते हैं अगली वीडियो में तब तक के लिए नमस्कार
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