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  • 17 minutes ago
धोनी ने अपनी प्रोफेशनल जिंदगी की शुरुआत रेलवे में टिकट कलेक्टर (TT) के रूप में की थी। वे 2000-2004 के आसपास South Eastern Railway में खड़गपुर स्टेशन पर काम करते थे।धोनी शुरू से ही चाय के शौकीन थे और रोज़ 2-3 बार थॉमस की चाय की दुकान पर चाय पीने आते थे। धोनी अपने दोस्तों के साथ थॉमस टी स्टॉल पर काफी वक्त बिताते थे।

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Transcript
00:00कर दो
00:56झाल झाल
01:16पहले हम लोग का यह वाला जो घुम्टी यह हुआ करता था
01:22कभी कुई पुरानी बाते बताओ कभी मामा ने जित्री किया हो कि हम यह ऐसा बुनता था पुछ ऐसी कुई
01:28पाते हो
01:28जब मिलने जब लोग जब मिलने गए थे तो बोले से बोला रहे यार तू तो पहले भी जैसी था
01:34भी भी वैसी है तेरा ना मतलब फिगर में हेल्थ में कुछ चेंज़स आया पहले जैसी था भी भी वैसी
01:40यह तू है
01:40और वुशर में भी इसमें वह इंडिया खेल रहा था या थे रखेला था?
02:00वहां पे उसका जब रणजी का गेम होरा था, जब वह जालकंट के जब फोसГा मतब क्या कहला करते थे
02:06तब ही मामा लोग को ऑम सब गरआ थे
02:11जिसमे वह इंडिया थे खेल रहा थी जब है?
02:24जब प्रैक्टिस किया करते थे वहां पे फ्राक्टिस जो साउथ इसंट Raz gas jam
02:29चट्रीट्डिया में सारसा स्टीडियं में उैप्राक्टिस ऐए �м hall Jb
02:34इंद ऑफन थे घु�பिफ आप नहीं प्ला है बार्वेर प्रेंड ब्रेक्ष सुट्रीं के साथ दो आठ है
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02:54झाल झाल
03:24झाल झाल
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