00:12भरतपुर में सेवर क्षेत्र के मालीपुरा गाउं में स्थित रेलवाले हनुमान जी का मंदिर आस्था का अनुखा प्रतीक है।
00:21यहां स्वयंभू हनुमान जी की प्राचीन मूर्ती जमीन से प्रकट हुई थी। रेलवे ट्रैक बिछाते समय मूर्ती हटाने की कई
00:30कोशिशें नाकाम रही। और अंत में अधिकारियों को ट्रैक का रास्ता बदलना पड़ा।
00:36यहां मूर्ती की बात करें यहां प्राचीनता की बात करें तो यहां रेल वाले अनुखा इनको इसलिए का जाता है
00:42कि जब रेल की पठली यहां सबसे पहले डली तो जगे जगे जगे जो भी मूर्ती आए पड़ी है जो
00:48भी मंदिर पड़े उनको सब को पीछे थोड़ा कर �
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01:54अनुप कृष्ण शास्त्री का कहना है कि आज भी इस मंदिर के सामने से गुजरने वाली हर ट्रेन होर्ण वजाकर
02:02हनुमान जी के सामने अपनी स्रध्धा प्रकट करती हैं।
02:06ग्रामिनों का कहना है कि मंदिर के आसपास 20 किलोमीटर क्षेत्र में कभी भी भारी उला वरिष्टी नहीं हुई और
02:14फसलें भी सुरक्षित रहती हैं।
02:16हमारे बुजरक लोग बताते आएं यह जमीन से निकल हुई प्रतिमा यह उसके बाद जब रेल लाइन का कारश शुरू
02:25हुआता है यहां पर तो उसको जब लाइन शुरू रादर काम में बादा आ गए तो इसके लिए उन्होंने पूरा
02:33लाइन को टेड़ा कर दिया पूरा
02:36गुमावे लाइन में इसमें है क्या है और यहां की प्रितमा आप जो भी मनत मांगते ने हैं यहां पर
02:41पूरी होती है और करीव इस मंदर के परिचेतर में 20 किलोमेटर इदारे में कभी भी बड़ी ओला बिरिष्टी नहीं
02:50यहां पर है क्या है ओले आते हैं चना बराबर आत
03:05की हर मनत पूरी होती है हनमान जयनती पर भक्तों की भारी भीड़ो मरती है सद्धालू मंदिर में मत्था टेक
03:13कर अपनी मनों कामनाएं व्यप्त करते हैं और हनमान जी का आशिरवात प्राप्त करते हैं भरतपुर से शामविर सेहीं की
03:23रिपोर्ट
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