00:23।
00:30वो महल लोटकर राजकुमार के बगल में सिंहासन पर जा बैठी
00:34और किसी को कानो कान खबर तक नहीं हुई
00:36उधर रेगिस्तान में एक हुंखार बास उस बेबस छिपकली को खाने के लिए आस्मान से जपता
00:43मौत सिर पर थी तभी हुआ एक बड़ा चमतकार
00:46साक्षात भगवान विश्णू अपने गरुड़ पर सवार होकर प्रकट हुए
00:50उन्होंने सुदर्शन चक्र चलाया और उस शिकारी बास को पल भर में भगा दिया
00:55भगवान ने अपने शंक से पवित्र जल छिड़का और छिपकली वापस अपनी असली पहचान में आ गई
01:01उन्होंने उसे एक पवित्र तुलसी का पत्ता दिया और कहा
01:05जाओ बेटी अपना हक वापस पाओ
01:07महल पहुँचकर नंदिली ने वो पत्ता नकली राजकुमारी पर फेका
01:11जादू तूटते ही सब के सामने आ गई वो डरावनी बूढ़ी नौकरानी
01:15राजकुमार ने तुलसी का पत्ता नकली राजकुमारी पर फेका
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