00:12अगर उसे इस तरहा से MCR किया चाता है तो कहीं न कहीं हमारे मन में एक दर सा बैठता
00:19है
00:19क्योंकि बड़ी मुश्किल से महिलाएं सामने आती है
00:23बहुत ज्यादा जहमत से बहुत ज्यादा कोशिश करने के बाद महिलाएं आती है
00:29और जो अपना दुखड़ा है वो बताने के लिए तयार होती है
00:33लेकिन अगर खराद को अब MCR होता है तो इसका अर्थ यह है
00:37कि क्या सरकार को सही माइने में यह जो पूरा मसला है
00:42एक लोजिकल एंट तक ले जाना है
00:44या सिर्फ और सिर्फ अपनी ही साथ बैठे जो मित्रपक्ष के लोग है
00:49उन्हें बस चेतावनी देकर ऐसे ही छोड़ देना है
00:52करना क्या चाहते है
00:54थोड़ा बताना पड़ेगा
00:55क्योंकि बहुत सारे ऐसे लोग है
00:58कि जिन लोगों के अब भी
01:01इनक्वाईरी नहीं हुई है
01:03खासकर हम चाकनकर की इनक्वाईरी मांग रहे है
01:06उनके CDR जाच की जाए मांग रहे है
01:08हम चाकनकर हो
01:10केसर कर हो, खरात हो
01:12इन लोगों का आपस में क्या कोई बातचीत हुई है, इन सभी के CDR निकाले जाए, इनकी जो प्रॉपरिटी है,
01:20इनकी जो इंकम के जो सोर्सेस है, वो सोर्सेस निकाले जाए, ED ने भी इसमें दिल्चस्पी लेनी चाहिए.
01:29इसी केस को लेकर हम सियम साहब से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, इन में बहुत सारे ऐसे मसले
01:39हैं, जो शायद मैं पब्लिकली बोल नहीं पाऊंगी, क्योंकि यह महिलाओं के सम्मान की बात है, लेकिन इन से जुड़े
01:46जो कुछ लोग है, शायद कुछ ब्यूराकेट से, कुछ �
01:50राजे नेता है, कुछ डिपार्मेंट से जुड़े लोग है, तो इन लोगों के बारे में मुझे लगता है कि मैं
01:57सीयम साहब से मिलो और उनसे, जो मेरे कुछ इन्पुट है, वो इन्पुट शेयर करो.
02:01रोहित पवार जी का सवाल उठाना बड़ा लाजमी है, उन्होंने अपने परिवार के मुख्या स्वरूप व्यक्ति को खोया है, और
02:15जैसे एक तरहा से जो कनेक्शन सामने आता है,
02:18कि वियसायर कंपणी से जुड़े हुए लोग खरात के कनेक्शन में थे, खरात के कॉंटेक्ट में थे, वही लोग जिन
02:27पर रोहित पवार अपनिया अशंका जताते हैं, तो ऐसे माहोल में, जब अगर रोहित पवार कहते हैं कि इसी तरह
02:36से कुछ जादू टोना करने की कोश
02:40जिजाई बंगले के सामने की जो की अजित दादा का निवास्तल है, तो इन सारे मामलों की तह तक जाने
02:46के लिए ये बड़ा ज़रूरी है कि इन लोगों की बिलकुल इनके सीडिया निकाल कर इनकी इंक्वारी होनी चाहिए, ये
02:54मसियार अगर होता है ना, तो थोड़ी सी आ
02:57कॉशन का आ जाती है कि या काम कैसे आगे कर पाएंगे, अब हमें ये साइटी पर पिछले चार दिनों
03:03से हम ये साइटी के बारे में बहुत ही पॉजिटिव सोच लेते और पॉजिटिव बोल रहेते, लेकिन अगर अगर अब
03:09ऐसे किसे सामने आते हैं, तो फिर हमारे मन में
03:12संदे होता है कि क्या सही माइने में ये साइटी, एक लॉजिकल एंट तक यह सारा किस्सा ले जाना चाहती
03:18है, या कुछ और है, अकोला में जिस तरह से शिरसाट नाम के एक व्यक्ति की मृत्यू हो गई, और
03:31वो ग्यास की लाइन में कतार में खड़ा था, एक तरफ गवर्म
03:42कोई किलत नहीं है, बहुत ज्यादा मातरा में गयास है, पेट्रोल है, डिजल है, अगर ऐसे हैं तो फिर इतने
03:49सारे पेट्रोल पंप्स के बाहर इतनी बड़ी-बड़ी कतारे क्यों लगी है, सरकार एक बार तैतो करें, फिर सरकार हमें
03:55बताए कि क्या ये सारे जो पेट्रो
04:10दून रही थी और मेरी गाड़ी के लिए डिजल नहीं मिल रहा था तो एक बार सरकार यह बात खुले
04:16तोर पर हमें बताए कि क्या सही माइने में ग्यास है अगर है तो फिर यह सारी एजंसिया हमें क्यों
04:24नहीं दे रही है और अगर नहीं दे रही है तो किलत क्यों है और यह कि
04:29कितनी तारीख तक रहेगी कितने महिनों तक रहेगी इसका भी हमें वह जवाब उन्होंने देना चाहिए
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