00:09जाँ एक तरफ गर्मी का मौसम लेकर आता है तो दूसरी तरफ ग्रामेन क्षेत्रों में इसे कमाई का मौसम भी
00:17कहा जाता है
00:1736 गढ के जंगल और ग्रामेन क्षेत्र इंदिनों महुआ की खुश्बू से सराबोर है
00:23महुआ फूल की एक नहीं कई फायदे है
00:26जिसके चलते ही गाउं की महिलाए, पुरुष
00:29और यहां तक की बच्चे भी सुबह चार बजे ही जंगल की ओर महुआ बीनने निकल जाते है
00:35MCB जिले के भरतपुर में भी आदिवासी समुदाय के घर इन दिनों महुआ से भरी हुए है
00:43चार बजे सुबह बीनने, वहां से बीन किलाते हैं तो सुखवाते हैं
00:51सुखा के फिर कुछ अपने घर का निस्तार करने के लिए कुछ रख लेते हैं
01:18महुआ का उपियोग बहु आयामी है
01:21इसे बेच कर ग्रामीन सबजी भाजी, राशन जैसे जरूरी चीजे खरीद लेते हैं
01:26साथ ही अपने इस्तमाल के लिए भी रखते है
01:28वहीं इसका उपियोग पारंपरिक पे देशी शराब बनाने में भी होता है
01:33इसके अलावा महुआ फल का उपियोग भी आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है
01:38महुआ बीने से पुब्लिकों बहुत आयका साधन है
01:52महुआ गरीब परिवारों के लिए आयका मुख्य साधन है
01:56महुआ के जरिये जहां ग्रामेणों के आर्थी किस्तिती मजबूत होती है
02:01वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक तो एक सीजन में ही महुआ का एक पेड किसानों या ग्रामेणों को 40
02:08-50,000 रुपए तक की कमाई करा सकता है
02:12महुआ पेड से भीसेष दो तरफ से फाइदा होता एक तो से महुआ का खुल से लाभ होता है
02:22अब दूसरा महुआ उसके फ़लिश को दोरी काते हैं उसे लाभ होता है
02:27एक बिच से लगभाग दोस कुटल महुआ पराप्त हो जाता है
02:31और यदि इसको अबरेज लगाए जाए तो एक ब्रिच से लगभग 40,000 तर किसानों की आय हो जाता है
02:40और दूसरा फ़फल दोरी के बारे हम बात करें तो एक ब्रिच से लगभग 2 क्यूटल दोरी लगभग मिल जाता
02:51है महुआ पल
02:52भरतपुर में महुआ का यह सीजन सिर्फ फूलों का नहीं बलकि उम्मीदों, महनत और आत्म निर्भरता की खुश्पू का मौसम
03:00भी है वहीं यह मौसम जंगल और जनजातिय जीवन के बीच के संबंध और परंपरा और प्रकृती के गहरे नाते
03:08को भी दिखाता है
03:09रजनीष्टिवास्तो, ETV भारत, MCB
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