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  • 13 hours ago
क्या ईरान युद्ध अब 'न्यूक्लियर अटैक' से थमने वाला है? देखें

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00:00आज सबसे पहले हम आपको यह बताएंगे कि क्या इरान युद्ध अब नुकलियर हमले के साथ ही खत्म होगा
00:05कल राश्रपती ट्रम्प ने टूथ सोशल पर ये दावा किया था कि अमेरिका और इरान के बीच अच्छी बातची चल
00:13रही है
00:14दोनों देशों के बीच बहुत जल्द एक डील भी हो जाएगी लेकिन इसी पोस्ट के सिर्फ बारा घंटे बाद राश्रपती
00:24ट्रम्प ने एक विडियो पोस्ट किया
00:26जो एरान के इसफ़ान शेहर का बताया गया ये वही इसफ़ान शेहर है जहां दावा है कि इरान ने अपना
00:33440 किलो ग्राइम यूरेनियम छपा कर रखा है
00:35जो साथ प्रतिशत तक इन्रिक्ष हो चुका है
00:38और इसी शहर में इरान ने अपनी मिसाइलों, आत्मखाती ड्रोन्स, गोला बारूत बनाने के लिए अंटरग्राउंड बंकर्स बनाए है
00:45The Wall Street Journal का दावा है कि जब अमेरिका इरान से बाचीत का दिखावा कर रहा थे
00:50ये देखिए, उसने इस फ़हान शहर के गहरे बंकर्स को निशाना बनाया है
00:58ये विडियो इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका पीछे हटने को तयार नहीं है
01:04अमेरिका एक तरफ बाचीत की बे मुद्दे को सामने रखता है
01:07लेकिन दूसरी तरफ इश्वहान उसके न्यूक्लियर शहर पर कितना बड़ा हमला
01:12और ये विडियो किसी और नहीं खुट डॉनल्ड ट्रम्प ने पोस्ट किया है
01:16इन बंकर्स पर 2000 पाउंड यानी 907 किलो ग्राम के बंकर बस्ट अब बॉंब्स गिराए गये
01:24जो जमीन को चीर कर पहले नीचे जाते हैं और बाद में अपने लक्ष तक पहुँच कर थमाका करते हैं
01:31इन हमलों में जिन अंडरग्राउंड खिकानों को निशाना बनाया गया वहाँ इतना बारूद मौझूद था कि अमेरिका के हमलों के
01:38बाद भी काफी देर तर इस्वहान में लगतार धमाके होते रहें
01:42सोचे हमला हुआ वहां से वह चले भी गए उसके बाद भी इस्वहान में अटाक्स मतलब इस तरह के धमाके
01:51होते रहें
01:53खैरानी की बात यह कि जो राश्रपती ट्रंप यह दिखाने की कोशिश कर रहें कि अमेरिका इस युद्ध को अब
01:57और खीठना नहीं चाहता युदकांत चाहता है जल्दी डील कहते है वो डील नहीं हो रहा है वही राश्रपती ट्रंप
02:05इस हमले का वीडियो भी खुद द�
02:07झाले कि अ
02:40यह हमला आपने अमेरिका का देखा हमले के बाद भी वहां लगातार इस फ़हान में धमाके होते रहें जिसे इमाना
02:47जा रहा है कि जो बारूद नीचे पड़ा था वो धढ़कता रहा अमेरिका के समले के बाद पूरी दुनिया उससे
02:53यही पूछ रही कि आखिर वो इरान से
02:54चाहता है कभी कहता है बाजचीत चल रही है कभी केता है डील होने वाली यह कभी कहता है युद
03:00को ज्यादा नहीं कीचा जाएगा जब लोग इन बातों को गंभीता से लेने रखते हैं तब यही अमेरिका इरान पर
03:06एर ट्रॉक कर देता है और फिर खुद राश्रुपती व
03:11वेवार कर रहा है जो अपने मुँ में कीडे जैसा लाल हिस्सा दिखा कर मचलियों को अपने पास बुलायता है
03:18उन्हें धोका देता है और जब मचलियां उसके पास आ जाती है तब वो ने निगल जाता है आज भी
03:25रक्षावंत्री पीट हेक्सित ने एक प्रेस कांफरेंस में
03:27लगद रख्या है लिब में एमरीकी पास कई विखल्पेंगे जब की रांकि विकल्प हो चुके है और ये अमेरीक दैकरे
03:36का कि इस दो को कब कैसे खत्म करना है तुनियो पहले फीट हैक्स давай को को कि आमाप बौर
03:41की की यह नूकलियर अटेक की काहनी की है
03:46बut chapters atual
03:47क दमे बड़फीस कंची गुस्टने इन
03:50अमरिकन आपयर quंग अम इन आख एहे कलुआ एली को एंग։
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03:58मुच मी आवल एई स उतम में एई एंग नोली
04:08कोड़ एंगे ने ए होंग मीन ही ही तर्म
04:15But we will shoot them down.
04:18Of note, the last 24 hours saw the lowest number of enemy missiles and drones fired by Iran.
04:45इस्तमाल करके देख चुका है. लेकिन इसके बावजूद इनका इरान पर कोई बड़ा असर नहीं हुआ. इरान ने अपने शीर्ष
04:52नेताओं को खोने के बाद भी अमेरिका के खिलाफ इस युद्ध में हार नहीं मानी और आज भी इस पहान
04:57में हमलों के बाद इरान परटवा
05:14नहीं हुआ कि वो समर्पड कर दे. और ऐसे में इस बात की आशंका बहुत बढ़ जाती है कि क्या
05:18अब इरान की सरकार को जुकाने के लिए अमेरिका उस पर परमाणू हमला कर सकता है. अगर ऐसा होता है
05:25तो इससे लाखों लोग मारे जाएंगे और इरान पूरी तरह बरबा
05:43से यूएन से उन्होंने स्तीफा दे दिया है कि संयुक्त राश्ट्र में लगातार ये चर्चा हो रही है कि अमेरिका
05:50इरान पर न्यूक्लियर बॉम गिरा सकता है. महम्मद सफा के मताबिक इरान पर परमाणू हमले का खत्रा अब ज्यादा दूर
05:58नहीं है. संयुक्त राश्
06:12महम्मद सफा एक सलाहकार की भूमिका में संयुक्त राश्ट्र से के साथ काम करते हैं और संयुक्त राश्ट्र में वोने
06:19वाली चर्चाओं का हिस्सा बनते हैं. लेकिन अब इनका दावा है कि अमेरिका इस युद में इरान को हराने के
06:25लिए बहुत जल्द उस पर न्यूक्
06:40किया है. वेस्टन मीडिया भी इस पूरी खबर को लेकर बहुत चर्चा कर रहा है. और इसी वजह से अमेरिका
06:46से लेकर यूरप तक इस मुद्दे पर एक बड़ी बहस छड़ गई है कि क्या वाकई अमेरिका इस दौर में
06:53न्यूक्लियर हमले की सोच भी सकता है. ये अभी सि
06:57क्योंकि मुहम्मद सफा ने ये आरोप लगाते हुए स्तीफा जरूर दिया है लेकिन उनके पास प्रमाण किसी बात का नहीं
07:05है. वही देखिए सिप्री के मुताबिक रश्या के बाद पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा न्यूक्लियर वारहेड अमेरिका के पास है.
07:26जि
07:27इससे भी भायानक तबाही हो सकती है. अमेरिका के पास लो इल्ड के यानि सबसे कम शमता के जो परमाणू
07:35हतियार है उनमें W76-2 थर्मो न्यूक्लियर बॉम्म प्रमुक है. ये 50 से 70 लाग किलोग्राम का न्यूक्लियर बॉम होता
07:45है जो एक बार में अधिक्तम 2 वर्ग किलो
07:56रेडियो आक्टिव फॉलाउट के कारण लोगों की खाल पिघल कर गिरने लगती है. कई किलोमिटर के इलाके में हवा के
08:02साथ रेडियो आक्टिव जो रेज है वो फैलने लगते हैं. लाखों लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं. जापान के
08:10हिरोशिमा शहर पर अमेरिका न
08:23के न्यूक्लिय बॉम का इस्तिमाल कर सकता है. जो हिरोशिमा पर गिराए गए न्यूक्लिय बॉम के मामले में आधा होगा.
08:31अगर अमेरिका ऐसा वाकई में करता है तो इसके पीछे तीन बड़े कारण होगे. पहला, अपने वर्चसों को बनाए रखना.
08:39दुनिया को ये बत
08:53वो युद्ध को रोकने के लिए अपनी ही सरकार पर दबाव बनाएंगे और इससे अमेरिका इस युद्ध में खुद को
08:58विजेता साबित कर पाए. तीसरा, इस हमले से अमेरिका ये बताने की कोशिश कर सकता है कि उसके परमाडू हत्यार
09:06सिर्फ दिखावे के लिए नहीं ह
09:08अमेरिका इनका इस्तमाल युद्ध में भी कर सकता है और इससे दुनिया के कई देश अमेरिका के दबाव में आ
09:13जाएंगे. आगे से कोई भी युद्ध होगा तो उसमें विरोधी देश अमेरिका पर जवाबी हमला करने से पहले हजार बार
09:20सोचेगा. बड़ी बात ये है क
09:22इस मामले में अमेरिका नो फर्स्ट यूज की पॉलिसी को बिलकुल नहीं मानता. अमेरिका के न्यूक्लिय पोस्चर रिव्यू के बताबे
09:29से धान्तिक रूप से अमेरिका बिना हमले के भी अपने दुश्मन देश पर परमाणू हतियार का इस्तमाल कर सकता है.
09:50इसके अला�
09:52परमाणू हतियारों का इस्तमाल करते हैं तो उन्हें अमेरिका की नीती ऐसा करने से नहीं रोकेगी. लेकिन यहाँ बड़ा सवाल
09:59यही है कि क्या अमेरिका ऐसा करेगा और क्या वाकई अब ऐसी नौबत आ चुकी है कि अमेरिका को इरान
10:06पर न्यूक्लियर बॉम गिराना प
10:21क्योंकि उन्होंने आज ये कहते हुए इस्तीफा दिया कि संयुक्त राष्ट्र में सबसे जादा चर्चा मोहमत सफा के हिसाब से
10:29इसी मुद्दे पर हो रही है कि क्या अमेरिका अब इरान पर न्यूक्लियर हमला कर सकता है और उनके इस
10:36स्तीफे के बाद इसके इर्थकिर्�
10:45चार से छे हफ़तों तक कि ये युद्द चलेगा चार से छे हफ़तों का मतलब है 28 से 42 दिन
10:51अब आज इस युद्द को 32 दिन पूरे हो रहे हैं और अब राष्ट्रपती ट्रम्प ने इस युद्द को खत्म
10:56करने की जो डेडलाइन रखी थी उसमें सिर्फ 10 दिन बाकी है
11:03मौजुदा वक्त में हालात ऐसे हैं कि युद्द 10 दिन में खत्म होता हुआ तो नजर नहीं आ रहा है
11:07ना तो इरान अमेरिका की किसी भी शर्ट को मानने के लिए तयार है ना ही वो पीछे हटने की
11:12बात कह रहा है
11:13इरान के इस कड़े रुख से यही लगता है कि अगले 10 में से दिन में से ये युद्ध खत्म
11:19नहीं होगा
11:19लेकिन वाइट हाउस का कहना है कि राश्ट पती ट्रम इसी डेडलाइन में इस युद्ध को हर हाल में खत्म
11:26करेंगे
11:27इस बयान से या अश्रण का बढ़ जाती है कि दस दिन में से युद को खत्म करने के लिए
11:30अमेरिका इरान पर कौन सी हमले की सोच रहा है
11:34कहीं वो नुकलियर अटाक की बात तो नहीं सोच रहा है
11:37Caroline Levitt क्या कह रही है इस पर सुन्ये
12:09अगर अगर अरण पर पर्माडू हमला नहीं करता तबी C के कारन दुनिया में पर्णी परेश फ्रणी नेजह फिए इस
12:16नहीं पर ट्रणीड को खिए कि ए छिव जट अगर आमयर्का इरान पर परमाडू हमला नहीं करता तबी सुन्ट थे
12:26कारण दुनिया में पर्माणू हतियार बनानी की एक नई रेज, एक नई होड होने वाली है।
12:31Bloomberg की ये रिपोर्ट है और Bloomberg की नई रिपोर्ट कहती है कि अब पर्माणू हतियार सुरक्षा की सबसे बड़ी
12:36गैरंटी बन गए है।
12:37अगर किसी देश के पास पर्माणू हतियार हो तो उस पर कोई भी देश युद्ध धोपने से पहले कई बार
12:42सोचता है।
12:44यही वज़ा है कि अब दुनिया के ऐसे 20 देश पर्माणू हतियार बनाने के बारे में सोचने लगे हैं जो
12:49पर्माणू शक्ती का इस्तमाल अब तक ऊर्जा के क्षित्र में ही करते थे।
13:14पर दिखाती हूँ देखिए आज पूरे विश्व में क्या डर है। कई लोग यह कह रहे हैं ना कि नॉर्थ
13:19कोरिया पर तो अमेरिका आटाक नहीं करता है क्यों क्योंकि वहाँ पर पर्माणू शक्ती है।
13:44तो अमेरिका ने अपने नए पर्माणू हतियारों पर 23 से 24 आते आते 10 प्रतिशत पैसा जादा खर्च किया।
13:52चाइना ने आठ प्रतिशत जादा खर्च किया। वहीं ब्रिटेन ने सबसे जादा 26 पीज दी अपने पर्माणू हतियारों पर खर्च
14:01किया।
14:02रशिया ने 6 परसेंट, फ्रांस ने 13 परसेंट, भारत ने 3 परसेंट, इस्राइल ने 2 प्रतिशत और पाकिस्तान ने 18
14:15प्रतिशत और उसके बाद से 7 प्रतिशत उत्तर कोरिया ने किया।
14:49नौर्थ कोरिया।
14:50नौर्थ की जो रेस बनी हुई है, नौर्थ हतियारों की इसको स्नियंत्रत क्या जाए।
15:05हलांकि कई देश अब ये मानते हैं कि नुकलियर पावर होना ही युद्ध से बचने की या फिर किसी दूसरे
15:13देश के हमले से बचने की यारिंटी है।
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