00:00और अब मंत्री जी के धुआदार भाशन के बाद आज शाम की आखरी वकता वेश्या समाज के हग के बारे
00:07में बात करने जा रही है
00:09उसी समाज की श्रीम अ मेरा मतलब है कुमार, कुमारी
00:16अब रहने दीजे रहने दीजे इतनी अच्छी से पहचान करवा है हमारी नहीं नहीं सुक्रिया सुक्रिया इनने बोलने में कन्फूजन
00:24हो रहा था हम तो जी रहे हैं
00:29मैं गंगुबाई प्रेसेडेंट कमाठीपुरा कुमारी आपने छोड़ा नहीं और स्रीमती कभी किसे ने बनाया ही नहीं
00:45नमस्ते ए राजा इधर आख कुर्सी लेकर आख
00:55लाना राजा राकिदर और मेक नीचे कर नियुक्त नियुक्त नियुक्त नहीं है मुझे आज सिधा दिल से बात करूंगी मैं
01:14सायद आप लोगों को मेरी बात थोड़ी सी कड़ी लगे लेकिन ध्यान से सुनना आप लोग भी
01:21समाज के ठेकेदार जो हो
01:27सिधा पॉइंट पे आती हूं मैं
01:32यहां यहां बैठे सब का कुछ ना कुछ तो धन्दा होता होगा बिजनेस कोई ड़क्टर होगा कोई इंजेनियर कोई टीचर
01:40कोई चाना बेचता है कोई दारू कोई कपड़ा साबून बरतन
01:44है किने फिजी बाई जी दिमाग वाला दिमाग बेचता है हमारा धन्दा सरीर का है तो हम सरीर बेचते हैं
01:52बदन तुडवा कर काम करते हैं
01:53क्या गलत करते हैं
01:59इनको सिर्फ हमारी दुकान पेट राज क्यों सिर्फ हमारा ही धन्दा बेच
02:06आदमी लोगे का आते आप टे मोल्ले से हमारे मोहले में फिर भी हमारा ही मॉले बदनाम क्यों
02:13आप लोग जानते हो दुनिया का सबसे पुराना पेसा कॉन सा है
02:19वेस्या ओका
02:21हमारे बेना तो स्वर्ग भी अधुरा है भाई
02:25थोड़ी तो इजद देनी पड़ेगी है के नहीं
02:31सच कहुतो
02:33आप से ज्यादा इजद है हमारे पास
02:35पूछो कैसे
02:38आपकी इजद एक बार गई तो गई
02:40हम तो रोज रात को इजद बेचती है
02:42जाली खत्तम इज नहीं
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