00:21मेरी बाते हैं तेरे जुक्र से शुरू
00:36सुखुन दिल का कसी शकायत चाहूं जिसे
00:49दिल से साथ जन्मों के लिए क्यों नहीं मिलता मुझे
01:00क्या खता है सीने में जहां दिल की जगाए है तू
01:10हस्तारू फिर क्यों नजर खुद को ना कभी आईने देखू तो भी
01:26दुखता है बस तू ही नजारों में तू सदा
01:49तू ही जिन्दगी के दो ही लम है
02:05एक मैं हूँ एकत तू चल रही है सांस जब तक
02:15यूही बैठ रोबरू
02:27कहिन पाया बात मैं जो कह रही है ये नजर
02:36होगा शायद वो खुदा भी तेरे जिसा होगा थोड़ा
02:46सामगर जतना भी है ये सफर एक जिसा
02:57सारी उम्र रह नहीं लगता ओ यारा
03:06इश्क ये जाना सा है हजारों में
03:15ये नहीं बिकता है लाखों में भी तू है नजर
03:24हजारों में भी तू ही एक था तू ही रसवा
03:48बस तू ही क्यों नहीं समझ रहे हो ये जगर सहीर नहीं है
04:04अरजन तू ही जन नजरों में तू तू ही है यार
04:30सतारों में तू दुख था
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