00:00अबिए हमानिया सन 1960 में लाइट आई थी और ये पोल अभी भी आगी वोई गड़े होई थी सरकार सिर्फ
00:08पैसे ले रही है किसानों से लेकिन व्यवस्ता के नाम पर कुछ नहीं है
00:11मैंटेनेस के नाम पर लाखो रुपे प्रतिवर्श आते हैं संसाधन उपलब नहीं करा पाता है विभाग अभी आपने देखा होगा
00:19कि अपरेल में टेरिप बढ़ा कर फिर सुल्क बढ़ा देंगे
00:21लेकिन आपने देखा हाथ अगर उच्छा तरो तो किसान का हाथ अड़ जाता है कई खेतों में जाड़ों पर बांध
00:28रखें उन्होंने पोल तारों को पिछले दो तीन महीने में ही हमारा रतलाम जिले में तीन किसान इन अकान मृत्यों
00:35की मोत में समा गए और हजारों भीग
00:48आपको देख लिए बांध रखाते हैं आपको देख लो कोई सुनने वाला नहीं अब आवाज जल रही है तो लेकिन
01:07इससे फाल्ड हो जाता है तो उसके जिम्मेदार को वह भी किसान है क्या
01:12लोगों को किसानों को इत्ती समस्या रही है खेतों में ग्योंपड़े हैं और किसान इनको बोलने जाते हैं MPB वाले
01:19को तो यह बोलते हैं अभी नहीं होगा हमसे नहीं होगा हमारी इस तरह से हम काम करेंगे उसके बाद
01:24हाई टेंसन 11 केवी की हाथ लगा तो उचे कर लो तो �
01:29करेंट आ जाता है इत्ती नीची हमसे वसूली तो पूरा किया जा रहा है और मेंटेनेंस के नाम पर बोलते
01:35हैं कि आप अपने नीजी खर्चे से करवा लो
01:38मत्यप्रदेश में विद्यूत वित्रण करने वाली कंपनी किसानों से बिल तो लेती है मैंटेनेंस चार्ज लेती है और विभिन रुटकार
01:45के चार्जेस समय समय पर बढ़ा दी रहती है
01:48मावजूद इसके जो क्रशी की विद्यूत वित्रण व्यवस्था है वह भगवान बरो से है आप देख तकते हैं कि इस
01:55तरह से जो है विद्यूत वित्रण कंपनी मैटेनेंस कर ली है कि तार को जो है किसानों को बांधना पड़
02:01रहा है कि कहीं ये तार आपस में टकराना ज
02:05जाए अगर रत्राम जिले की ही बात करें तो पिछले तीन महीनों में चार किसानों की जान वित्यूत मित्रण कंपनी
02:13की लापरवाई की वजह से गई है वहीं कई आजजनी की घटना भी सामने आई है किसानों को पशूहानी का
02:20सामना भी करना पड़ा है।
02:21Kisansomka ispastorpa kheana hai ki jab unse maintenance charge liya jata hai
02:26aur vibil prakar ka paisa liya jata hai
02:29to unki vitut vitran laino ka maintenance kyo nahi kiya jara hai
02:35Tiberaj, DTV bharat, Ratla
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