00:27।
00:30It doesn't happen to be a machine in order to prepare for any kind of machine.
00:34The price of these things is about 3500 rupees in the year 2000.
01:00इसे काम बहुत अच्छी से कर रहे हो डेली वेस्टिस पर तो लगवक एक या दो मेने में अच्छी से
01:04कर पा हूँ
01:05इसे एम्बोज बोलता है जब आख किसी चीज को 2D से 3D में बनाते हो तो से एम्बोज पेंटिंग बोलते
01:10हैं 3D YDR
01:12जोती बताती है कि कलाकृतियों को तयार करने के लिए कीकर की लकडी, लकडी का बुरादा और टेराकोटा के मिश्रन
01:20को तयार कर कलाकृती के रूप में ढालते हैं
01:23कलाकृतियां को बनाने में 2 घंटे से 20 दिन तक का समय लगता है
01:28उनके इस कारे में महिलाओं की टीम भी उनका साथ देती है
01:32इसके माध्यम से उन्हें रोजगार भी मिल रहा है
01:58जिनको मतलब रोजगाई नहीं है तो उसके लिए उनको डेली बेसिस पर पेमेंट भी मिलता है
02:03और बाती काम देजाएगा
02:06नहीं मुझे क्या बुद्धा थोड़ा जाधा पसंद है और क्या थोड़ा शांती का प्रतिक है
02:11तो मैं अपने योगा सेंटर के लगाने के लिए इसको लेह हूँ
02:14तो कि मेरा योगा सेंटर है तुम्हाँ लोगों को थोड़ा श्क्रीटी चीवती है
02:18एंवायरमेंट तोड़ो पॉजिटिव राज्यों तक जाती है
02:28जोती बताती है कि कलाकृतियां अलवर ही नहीं देश के कई राज्यों तक जाती है
02:33कई लोग अपने पसंद की कलाकृती तैयार करने के लिए ओर्डर भी देते है
02:38राधाकृष्ण, वर्ली आर्ट, रामायर से संबंधित चित्र, बुद्ध, सहित अन्य तरह की कलाकृती लोगों को काफी पसंदा रही है
02:47अलवर से ETV भारत के लिए प्यूश पाठक की रिपोर्ट
Comments