00:00इस विक्टर में उत्तर प्रदेश के माफियाओं का जिक्र है जिनके साथ गाठ आतंगवादियों से था उत्तर प्रदेश की विखास
00:12के लिए तभी नहीं सोचे और हमेशा माफियों का साथ दिये
00:16नकली नोटों का कारोबार होता था फिल्म का अगर विशय लोगों को प्रिडित कर रहा है तो निश्चीत रूप से
00:27कहीं ने कहीं उनकी ऐसी कोई कमजोड कड़ी होगी जिस कारण से लोग प्रिडित हो रहे हैं पिक्चर देखने के
00:37बाद ही सारी विशय असपरस्टा सकता है �
00:38लेकि जहां तक मैं सुना हूं कि इस पिक्चर में उत्तर परदेश के माफियाओं का जिक्र है जिनके साथ गाठ
00:46आतंगवादियों से था और आपने देखा होगा नोटबंदी और करोना के पहले कि जिस परकार से नकली नोटों का कारोबार
00:58होता था जिस परकार से पाच-प
01:08से आतंगवादी आए दिन कोई ने कोई घटनाए करते रहते थे तो जब तक अंदर के माफियाओं से तालमिल नहीं
01:17होगा बाहर के आतंगवादी बहुत सफल नहीं हो सकते हैं अगर यह पिक्चर सत्य घटनाओं पर अधारित है अगर कुछ
01:24लोग के चेहरों को उजागर कर
01:38एक दिशा देती हो जो समाज में छुपे हुए कुकृत्य और कुकर्म हैं उनको सामने लाती हो तो इस प्रकार
01:47के पिक्चर और भी बननी चाहिए जो काली राते हैं जो स्याह पक्ष है वो सामने आकर और अस्पस्ट हो
01:55और लोग को पता चले कि हमारे बीच में रहने वाले �
02:00जो सफेद पोस हैं वो कैसे काली करतूतों के द्वारा हिंदुस्तान को बरबात करने के तरफ बढ़ रहे हैं ने
02:06कहीं न कहीं तो पूरा पिक्चर देखने के बाद ही असपस्ट हो पाएगा लेकिन कहीं न कहीं मुक्तार अंसारी का
02:10जिस प्रकार की छवी रही एक एक बक्�
02:27हो लोग उसको देखने गए हैं और सबको अच्छा लगा है क्योंकि अतिक एहमत की पूरी सच्चाय दिखाया गया है
02:34मगर अखलेश यादू और विपच्छी जो सवाल उठा रहे हैं कहीं न कहीं ये इतने नीच हैं कि ये राजनीत
02:42के लिए क्यों सवाल उठाना जानते हैं
02:45उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कभी नहीं सोचे और हमेशा माफियों का साथ दिये देखिए जो धूरंधर फ्रिम बनाने
02:53वाले जो निर्देशक हैं निर्माता हैं डारेक्टर हैं उनको मैं दिल से अभार प्रक्त करूँगा जिरों सच्चाई सामाज के सामने
03:00जन्सम
03:02के सामने प्रदर्शित करने का काम किया किस तरह से पुरवर्ती सरकारों का द्वारा पालित पोचित माफिया और आतंगबादियों का
03:11उसका जो है शरगना पाकिस्तान में हुआ करता था वह जो है इस प्रकार से देश में आता ताई दुराचारी
03:19पापाचारी का आड़मत �
03:29प्रवर्ति सरकारों और विपक्षियों को पेठ में दर्द होने लगा पीठ में दर्द होने लगा चौकि उसके पैरों के तले
03:36जमीन खिशक रहा है चौकि यहीं अपराधी उनको पैसे फंडिंग करने का काम करते थे
03:42यह हमारे जमता जनारण के पैसे नू लोटा करते थे उनके जमीन लूटा करते थे उनके इजट लूटा करते थे
03:51वो इजट वो पैसे इनके अकलेश के सामने प्रोशने का काम करता था इसलिए अकलेश जी को फीरा हो रहा
03:58है
03:58मैं पूछना चाहता हूँ आप ही के पार्टी के, आप ही के पार्टी के स्टेंबल पर भीतने वाली बिधाई का,
04:04यहें पूजा पार्जी जो रो उजागर करने का काम किया है, यह सच्चाई है, आप किसी को तुझ धुठला नहीं
04:11सकते हैं.
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