- 3 minutes ago
होर्मुज़ के बाद ईराद की एक और बड़ी धमकी, देखें वारदात
Category
🗞
NewsTranscript
00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स थाहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:04इरान की एक सबसे ताजा धमकी ने तेल और गैस को लेकर पहले से ड़री दुनिया को और भी ज्यादा
00:10डरा दिया है
00:11इरान ने धमकी दिये कि वो आंसुओं का दर्वाजा बंद कर देगा
00:15अगर इरान सचमुच आंसुओं का दर्वाजा बंद कर देता है तो जिस तेल और गैस में पहले से ही आग
00:22लगी हुई है वार भी धुआ धुआ धुआ हो जाएगा
00:24हाला कि इरान की इस घमकी के साथ-साथ इरान और अमेरिका के बीच शर्तों की बंबारी भी जारी है
00:37आपके टीवी स्क्रीन पर इस वक्त तीन तस्वीरे हैं बस ये समझ लीजे कि आने वाले दिनों में दुनिया में
00:44तेल के लिए लोग तरसेंगे या नहीं ये तीन तस्वीरे ही उसका जवाब दे सकती है
00:51पहली तस्वीर से तो आप सभी वाकत हैं क्योंकि बीते तीन हफ्तों से किसी की चर्चा हो रही है
00:57हॉर्मोज स्ट्रेट दुनिया के नक्षे पर जमीन के दो टुकड़ों के बीच ये वही समुदरी रास्ता है जिसे इरान ने
01:05लगभग बंद कर रखा है
01:06और जिस रास्ते से होकर दुनिया भर में 20 फिसली तेल पहुँचता है
01:15यह दूसरी तस्वीर � इरान के उस दीप की है जहांसे इरान अपना 90 फिसली तेल दुनिया भर के देशों
01:22तक पहुचता है
01:24यह दूइप नहीं इरान की लाइफ लाइन है नाम है खारग आईलंड
01:29इरान खुफिया रिपोर्ट के आधार पर यह दावा कर रहा है
01:32कि अमरिका इस खारग आईलंड पर हमले कर सकता है
01:35और इस पर कबजा कर सकता है
01:37और यहीं से तीसरी तस्वीर की कहानी शुरू होती है
01:46यह तीसरी तस्वीर बिलकुल नहीं है
01:48और 27 दिन की जंग के बार पहली बार आप दुनिया इसका नाम सुन रही है
01:52इसका नाम है बाब अलमंडेब
01:56अर्बी शब्ध है बाब मतलब दौार यह दर्वाजा
02:00और मंडेब मतलब दुख यांसू
02:03यानि इसे आप दुख का दौार यांसू का दर्वाजा भी कह सकते है
02:08असल में ये समुदरी जगह अपनी तेज धाराओं और तेज हवाओं के लिए जाना जाता है
02:13इसी वज़ा से पुराने दौर में यहां बहुत से जहास डूब गया
02:17इसलिए इसका नाम दुख का दौार पढ़ गया
02:19इरान की सबसे ताजा धमकी के बाद बाब अलमंडेब सचमुच किया दुनिया को आसूँं से रुला देगा
02:30दरसल ठीक हॉर्मुज स्टेट की तरह बाब अलमंडेब भी एक संक्रा सा समुदरी रास्ता है
02:36रास्ता संक्रा जरूर है मगर इसकी एहमियत बहुत ज्यादा है
02:40वज़ा ये कि इसी बाब अलमंडेब के रास्ते कुल 12 फीसदी तेल दुनिया भर के देशों तक पहुंचता है
02:46और अब हौरूस के बाद इरान ने धमकी दिये कि अगर उसके खार दीब पर हमला किया गया
02:53तो वो इस बाब अलमंडेब स्टेट को भी बंद कर देगा
03:01अगर सक्मुच ऐसा हुआ तो दुनिया भर के देशों में जो तेल पहुंचता है
03:05सीधे 32 फीसदी की उसमें कम ही आ जाएगी
03:0820 फीसदी हॉर्मुस की वज़ा से और 12 फीसद बाबलमंडेब की वज़ा से
03:16बाबलमंडेब स्टेट लाल सागर और अधन की खाड़ी को जोड़ने वाला एक बहुत एहम समुदरी रास्ता है
03:22इसके आगे ये सुएज नहर से जाकर जोड़ता है
03:26दुनिया भर में समुदर के रास्ते भेजे जाने वाले तेल का करीब 12 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता
03:33है
03:33जिसकी वज़ा से ये दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग मार्ग यानी जहाजों के गुजरने का रास्ता बन जाता है
03:40असल में बाबल मंडेब यमन के दक्षन पर्षिम में मौजूद है जहां इरान समर्तित हूती गुट का दबदबा है
03:46अगर इरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा
03:51क्योंकि ऐसी सूरत में जहाजों को एक लंबा चक्कर काट कर अफरीका के केप आफ गुड होप के रास्ते से
03:58बुजरना होगा
03:5920-25 दिन की देरी होगा और दाम अपने आप पड़ जाएंगी
04:03बाबल मंडेब योरप एशिया और मिडल इस्ट को एक साथ जोड़ता है
04:08हर साल अकेले इस एक रास्ते से करीब एक ट्रिलिंड डॉलर यानि लगभग 94 लाग करोड रुपए का सामान गुजरता
04:15है
04:16रोजावा लगभग 45 लाग बैरल तेल यहां से ट्रांस्पोर्ट होता है
04:20इसी समुदरी रास्ते से दुनिया का करीब 10 फीसदी तेल और एलेंजी गुजरता है
04:25ऐसे में अगर हॉर्मूस के बाद एराण अब बाब अलमंडेब पर ना का बंदी करता है
04:30तो दुनिया भर की 35 फीसदी तेल गैस सप्लाई ठप पड़ सकती है
04:39हारा कि एक्सपर्ट की माने तो इसे बंद करना इरान के लिए इतना आसान भी नहीं होगा
04:44क्योंकि बाब अलमंडेब स्टेट इरान से करीब 30,000 किलो मिटर दूर है
04:48लेकिन एरान की मदद के लिए होटी इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना कर रास्ता बन कर
04:55सकते है
04:56पहले भी होटी ऐसा कर चुका है
04:58होटी ने ड्रोन और मीजाइल से जहाजों को निशाना बनाया था
05:02जिससे रेट सी के ट्रैफिक पर बुरा असर पराद है
05:05अब अगर एरान सीधे तोर पर इस इलाके में सक्रिय होता है
05:08तो खत्रा और बढ़ जाएगा
05:10एक रिपोर्ट के मताबिक पिछले एक साल में रेट सी में
05:13हूती वे दरोईयों के हमलों को रोकने के लिए
05:16परश्मी देशों ने अर्बों डॉलर खर्च किये
05:19इसके बावजूद चार बड़े मालवाहक जहाज यहां डूब गए
05:23ग्लोबल शिपिंग कमपनियों का भरोसा पूरी तरह बहार अब भी नहीं हो सका है
05:27और आज भी कई बड़ी कमपनियां इस रूट का इस्तमाल करने से कत्राती है
05:32एक्सपर्स का मानना है कि अगर रेट सी में हूतियों को रोकना इतना मुश्किल था
05:37तो इरान भी यहां हमला करता है तो फिर पश्मी देशों के लिए यह बहुत बड़ी चुनोती बनेगा
05:42ऐसे में अगर दोनों समुदरी रास्तों पर संकट खड़ा होता है
05:46तो इसका असर सीधे पूरी दुनिया की देन पर पड़ेगा
05:51बाबल मंडेप को बंद करने की इरान ने धमकी उस वक्त भी है
05:54जब इरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम को लेकर बादचीत की बात चल रही है
05:59पर जिस तरह से बादचीत से पहले दोनों देश शर्तों की बंबारी कर रहे
06:04उससे उमीद कम ही नज़र आ रही कि इस बातचीत से कोई हल निकले रहे
06:2028 फरवरी को मिजाहिलों और बंबों से अमेरिका और इसराइल ने इरान पर हमले कर जिस जंग की शुरुआत की
06:27थी
06:29वो जंग अब अमेरिका और इरान के बीच शर्तों के धमाकों में उलच कर रहे गई
06:34जंग रोकने के लिए अमेरिका और इरान ने अपनी तरफ से जो शर्ते रखी है वो शर्ते ऐसी है जिनने
06:41ना अमेरिका मान सकता है ना इरान
06:43यानि फिल्हाल इस बात की उमीद बेहत कम है कि ये जंग ठमने जा रही है
06:52सबसे पहले ये जान लेते हैं कि जंग रोकने के लिए अमेरिका ने इरान के सामने और इरान ने अमेरिका
06:59के सामने क्या शर्ते रखी
07:00तो शुरुबार अमेरिकी शर्तों से
07:03अमरिका ने इरान के सामने कुल 15 शर्थे रखी वो शर्थी ये है
07:10नूक्लियर प्रोग्राम पर रोक और प्रमाणू हत्यार विक्सित नहीं करने की गारिंटी देना
07:15यूरेनियम शुद्ध करने को सीमित या पूरी तरह बंद करना
07:19और यूरेनियम IAEA को सौंप देना
07:33इजिंसियों को बिना शर्थ एकसेस देना
07:36नतांस, फोडो और इस्वहान जैसे नूक्लियर ठिकानों को सीमित या खत्म करना
07:41हिजबुल्ला मिलीशिया जैसे संगठनों को समर्थन कम या बंद करना
07:45इलाके में सैन निगतिविदियों और हमलों को कम करना
07:49एकताय सीमा के लिए सीज फायर लागू करना ताकि बातचीत आगे बढ़ सके
07:53भविश में जंग नहों इसके लिए ठोस इंटरनेशनल गारेंटी देना
07:57समुदरी और इनर्जी इंस्फ्रास्रक्टर की सुरक्षा सुनिश्चित करना
08:01इरान की मिजाईल रेंज और इस्तेमाल केवल आत्म रक्षा के लिए करना
08:05बदले में इरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंद को पूरी दहा या फेस में हटाना
08:10सिविल न्यूकलिर प्रोग्राम और इनर्जी सेक्टर में अंतर्रास्री मदद देना
08:15मिडल इस्ट में इस थिर्ता और शांती के लिए लंबी अफ़दी का रोड मैप लागू करका
08:21इन में से ज़्यादातर शर्तों को इरान क्यों नहीं मानेगा या आगे बताएंगे
08:26उस से पहले अमरीकी शड़ों के जवाब में इरान ने क्या शर्ते रखी हैं
08:30वो जाम लेते ही
08:32इरान ने अमरिका के सामने कुल पाँच शर्ते रखी हैं
08:36वो शर्त ये हैं
08:38दुश्मन की तरह से हो रहे हमले और कतलियाम पूरी तरह रुपे
08:41इरान पर दोबारा युद्ध न थोपा जा
08:44युद्ध से हुए नुकसान के मुआपजे की गैरंटी मिले
08:48पूरे मोर्चे पर और पूरे इलाके में शामिल सभी समुहों के लिए युद्ध का अंध
08:52इस्टेट और फॉर्मूस पर इरान के अधिकार को लेकर इंटरनेशनल मानिता और गैरंटी मिले
09:00जुद्ध विराम के लिए इरान की इन शर्तों की तदिख इरानी सरकारी टीवी चैनल प्रेस टीवी ने किया
09:06मुंबई में मौजूद इरान के कौंसलेट जनरल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर इन शर्तों का जिकर किया
09:12है
09:12प्रेस टीवी ने दावा किया है कि अमेरिका अलग अलग कूटनी तिक रास्तों से बाचीत थी कोशिश कर रहा है
09:18लेकिन इरान अमेरिकी शर्तों को मनजूर करने लायक नहीं माँता
09:22उधर अमेरिकी शर्तों और इरान से बाचीत को लेकर रास्तों पती ट्रम बार बार ये दोहरा रहे
09:28कि इस स्लसले में इरान के साथ अच्छी बाचीत चल रही है
09:32पर बात्चीत एरान में किसके साथ चल रही इसका खुलासा ट्रम्प नहीं किया
09:37ट्रम्प ने कहा कि असल में एरानी नेता इस बात्चीत को लेकर सामने आने से डरते हैं
09:42कि कहीं उन्हें उन्हें खुद एरानी अवामी ना मार दे
09:58इस बीच ट्रम्प टेक ने आशी गुफा भी छोड़ दिया
10:01उन्होंने कहा कि हमले के दौरान चुकी इरानी लीडर्शिप पूरी तरह खत्म हो चुकी है
10:05लेहाजा किसी ने उन्हें यह ओफर दिया
10:08कि इरान के अगले सूपरीम लीडर वही बन जाए
10:11पर ट्रम्प यह नहीं बता पाए कि यह ओफर किस ने दिया
10:27अबर टोलों तरफ की टेही शर्तों की तो शरुवाग इरानी शर्तों की चुर्वाद की एच्रतों
10:39अब बात दोनों तरफ की टेड़ी शरतों की तो शुरवात इरानी शरतों की है कि एरान बार बार
10:45यह में कह रहा है कि युद्व इरान के लिए उसकी शर्तों में एक शर्त यह
10:49हि है कि जंग में हुए नुकसान की फरपाई हूं हाला कि पाई हूई ही रा� nella
11:09अब सवाल ये है कि इतना भारी भर का मुआफ़ा कौन देगा अमेरिका अकेला देने से तो रहा
11:16इरान की ये शर्ट की इरान पर दोबारा हमला नहोने की गैरिंटी देना एक बार को अमेरिका मान भी लिए
11:22पर इसराहिल नहीं माने की
11:24जो कि इस पूरे इसराहिल को हमेशा सबसे ज़्यादा खत्रा इरान से लिए हॉर्मुज पर इरान के हक को लेकर
11:31इंटरनेशनल मानने था और गैरिंटी देना भी मुम्किन नहीं
11:34क्योंकि मिडल इस्ट के देश जिनका सबसे ज़्यादा तेल और गैस इसी रास्ते से जाता है वो कभी नहीं चाहें
11:41कि इरान इस पर अकेला हक जता है
11:43इसके लावा इंटरनेशनल माननेता मिलने के बाद इरान हॉर्मुज स्टेट पर टोल टेक्स भी लगा सकता है
11:50टेक्स वसूलने से ग्लोबली तेल के खीमत इरान के कंट्रोल में आ जाए वैसे भी इरानी संसद हॉर्मुज पर टोल
11:57टेक्स लगाने के लिए जल्दी संसद में बिल लाने की सोच रही है
12:01इसी तरह इरान की ये शर्ट भी की पूरे शेद्र में हर मोर्चे पर सभी गुटों के लिए युद्ध का
12:07अंत हो
12:07अमेरिका के लिए मानना मुश्किल है क्योंकि इसराइल, हमास, हिजबुल्ला या हूती जैसे संगठनों पर हमला न करने की गैरंटी
12:15नहीं दे सकता
12:15अलबता हमले और हत्याय रोकने की बात पर अमेरिका ज़रूर राजी हो सकता है
12:22अब अमेरिकी शर्टों की बात, अमेरिका ने भी जान बूझ कर ऐसी शर्ट रखी है जो से पता है कि
12:28इरान नहीं मानेगा
12:29एरान शुरू से कह रहा है कि वो यूरेनियम इंडिच कर न्यूकलियर हत्यार नहीं बना रहा है
12:34बलकि उसका इस्तेमाल सिविल कामों में करेगा
12:37एरान बार बार ये भी कहता रहा है कि वो किसी भी कीमत पर अपना यूरेनियम देश के बाहर नहीं
12:43जाने देगा
12:44एरान की ताकत उसकी बैलिस्टिक और क्रूज मीजाले है
12:47इस जंग में एरानी इसकी ताकत भी दिखा दिए
12:50जाहिर आज इस थाराइल जैसे देशों से लड़ने के लिए
12:53एरान कभी भी अपने बैलिस्टिक या क्रूज मीजालों के साथ समझवاتे नहीं करेगा
12:58इरान कह सकता है कि ये उसकी आत्म रक्षा के लिए है
13:02इसी तरह इरान फिलस्तीन के नाम पर कभी भी हिजबुल्ला, हमास, हूती, मिलीशिया
13:07या अलबद्र जैसे समुहों ये संगठनों को समर्थन देना बंद नहीं कर सकता
13:12नहीं इरान अपने सबसे बड़े न्यूकलियर ठिकानों, नतांस, इस्वहान या फोडो को खत्म कर सकता है
13:18इरान अपने शेत्र में सैन ने गतिविदियों को भी कम नहीं कर सकता है
13:22जोकि दूसरी तरफ इसराईल लगातार अपने तायरे बढ़ा रहा है
13:27जहां तक न्यूकलियर ठिकानों पर IAEA यानि इंटरनेशनल एटोमिक इनरजी एजनसी की पहुँच की बात है
13:33यह यूरेनियम के एंडिश्मेंट की बात है
13:36तो इरान इसी मुद्टे पर तो 26 फरवरी को जिनेवा में अमरिका से बातचीत कर रहा था
13:41बातचीत काफी आगे तक बढ़ चुकी थी
13:43मगर उसी बातचीत के फौरण बाद 28 फरवरी को अमरिका ने इसराइल के साथ मिलकर इरान पर हमला कर दी
13:56टरम कई बार यह कह चुके है
13:57कि एरान का यूरेनियम वो अपने अबसे में ले लेंगे
14:00मगर अब नई शर्टों में कहा गया है
14:02कि एरान अपने यूरेनियम इंटरनेशनल एटोमिक इनरजी एजनसी को सौब दे
14:07एरान ये शर्ट भी मानने से रहा है
14:11अमरिकी मीडिया से आ रही खबरों के मताबिक
14:13तोनों तरफ की इनी शर्टों के बीच
14:15इसी महीने के आखिर में
14:17इसलामाबाद में इरान अमेरिका के बीच
14:19युद्ध विराम को लेकर बातचीत हो सकती है
14:22इस से पहले जो 26 फरवरी को जिनेवा में बातचीत हुई थी
14:26उसमें अमेरिका की तरफ से
14:28दूट स्टीफ विटकॉफ और टरम के दामार
14:30जेट कुष्णर शामिल थे
14:32जबकि एरान की तरफ से एरान के विदेश मंतरी
14:35अब बास अराक्षी बातचीत कर रहे थे
14:37अब एरान ने साफ कहा है
14:39कि इसलामाबाद में अगर बातचीत होती है
14:41तो उसमें विटकॉफ या कुष्णर शामिल नहीं होगे
14:44इरान ने कहा है कि वो अमेरिकी उपरास रुपती
14:47जेडी वेंस से बातचीत करना चाहे गा
14:49वेंस के बारे में ये राय है
14:51कि वो युद्ध गिरोधी है
14:53लेकिन इरान की तरफ से इस बातचीत में कौन हिस्सा लेगा
14:57अब तक साफ नहीं है
15:11जिसमें उन्होंने अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत से साफ इंकार करते हूँ
15:15बदले की बात कहीं थी
15:17पर इरानी मीडिया के मताबिक अमेरिका के साथ बातचीत में
15:21इरानी विदेश मंत्री ये रास्रुपती हिस्सा ले सकते है
15:26हाला कि एक तरफ बातचीत की बात हो रही तो वहीं दूसरी तरफ बातचीत शुरू होने से पहले ही इरान
15:32के विदेश मंतरी अब्बास अराक्षी का बयान आया
15:35कि फिलहाल शांती क्यों की ओमीर नजर नहीं आ रहे
15:38उनका कहना है कि अमेरिका की तरफ से दिये जा रहे शांती प्रस्ताप पर उने जरा भी भरोसा नहीं
15:45अराक्षी ने कहा कि अभी तक अमेरिका से असली बातचीत नहीं हुई
15:48अराक्षी उन्हों ने ये भी कहा कि कुछ मित्र देश बीज बचाओ की कोशिश कर रहे
15:53और मेसेज भेज रहे
15:54लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि बातीत शुरू हो गई
15:59मुझा करे यह हमता अलान अन्जाम नशुद
16:01मन बा ज़र्स गाता अर्स मेकनन
16:03हीच मुदाकिर व गफटगूई बा तरफ आमरिकाई नबादे
16:07अलबते चन्ड रोज हैसके तरफ आमरिकाई शुरू करदे
16:10बे अरसाल पयाम हाय मुद्टलिफ
16:13अज तरीक वासित हाय मुद्टलिफ
16:15इनके पयाम हाई जज तरीक किशवर हाई दुस्त मा
16:19दादे बेशे वो मा हम दर जवाब मवाज़ खुदमर रो एलाम बकुनीम
16:23या हुश्टार हाई लाज़िग रो बेदीम
16:25इन ना इसमश मुदाकिर हैस ना इसमश गुफटगू ना हीची
16:28तबादूल पयाम हस्त वास्ते
16:30असल में इरान का मानना है कि अमेरिका एक तरफ शांती की बात करता है
16:34और दूसरी तरफ युद्ध भी जानी रखता है
16:36इरान का कहना है कि एक तरफ अमेरिका युद्ध विरान की बात कर रहा है
16:53इन सैनिकों में ब्यासिनी एरबोर्ण डिवीजन की पहली कॉमबेट ब्रिगेट के कमांडर और लॉजिस्टिक सकोर्ट यूनिट शामिल है। आज तक
17:02प्यूरू
17:04एक तरफ बाचीत की बात जारी है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और एरान दुनिया को ये बताने में लगें
17:11कि किसने किसका कितना नुकसान किया।
17:13अमेरिका का दावा है कि वो एरान के 9000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले कर चुका है वही दूसरी तरफ
17:20एरान का कहना है कि वो अब तक 700 मिसाइले और 3600 से भी ज्यादा ड्रोन दाख चुका है
17:30बाचीत और शर्तों की बीच अमेरिका और एरान अब तक की जंग में हमलों और अपनी अपनी काम्याबी के भी
17:35दावे कर रहे हैं
17:36वाइट हाउस की प्रेस्सचिक कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिका एरान की सेंने ताकत को लगातात कमजोर कर रहा
17:43है
17:43उन्होंने दावा किया कि अब तक एरान के 9000 से भी ज्यादा ठेकानों पर हमले किये जा चुके है
17:49जंग शुरू होने के बाद से एरान के बैलिस्टिक मिजाई और ड्रोन हमले करीब 90 फीसदी तक घट चुके है
17:56लेविट के मताबिक अमरीकी सेना ने एरान के 140 से ज्यादा नौसेनी की जहाज भी बर्बाद कर दी जिनमें बड़ी
18:03तादाद में माइन्स बिछाने वाले बोर्ट भी शामिल है
18:06कैरोनिन लेविट ने इसे दूसरे विश्विट के बाद इतने कम वक्त में किसी नौसेना को हुआ सबसे बड़ा नुकसान बताया
18:14उधर दूसरी तरफ एरानी डिवलिश्टरी गार्ट कॉप्स दे दावा किया है कि उसने ऑप्रिशन ट्रू प्रॉमिस फोर के तहर इसराइल
18:21के 70 से ज्यादा ठिकानों पर मीजाईल से हमले किया है
18:24इनमें हाइफा, डिमोना और तेरवीव के आसपास के इलाके शामिल है
18:45अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या इस महीने के खत्म होने से पहले अमरिका और इरान
18:50बाचीट के लिए एक टेबल पर आएंगे
18:53और क्या ये बाचीट काम्याब हो पाएगी
18:55शर्तों से उपर उटकर बात हुई तो उम्मीदें कायम है
18:59मगर कहीं शर्तों महीं दोनों उलच गए
19:02तो आने वाला वक्त और भी पुरा हो सकता है
19:05आज तक प्योरो
19:09तो वारदात में फिलाल इतना ही
19:10मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
Comments