Skip to playerSkip to main content
  • 19 minutes ago
مقامی سطح پر پینسل صنعت کو فروغ دینے کےلیے اقدامات کئے جارہے ہیں جبکہ کچھ کمپنیوں نے سفیدے کے پودے کسانوں میں تقسیم کئے۔

Category

🗞
News
Transcript
00:01जिला पुल्वामा के जिर्ई और सनदी मैदान में न सिर्जमु कश्मीर बलके मुल्क भर में अपनी एक मुनफरिद पहचान खायम
00:08की है
00:09यहां के मेवजाद, जाफरान, सबजियों और बड़े सनदी यूनिट्स अपनी मिसाल आप हैं
00:14यहां अख्वा गाओं में जहां धान की काश्ट की जाती है, वहीं बड़े पहमाने पर सुफएदे पॉपलर के दरख भी
00:20उगाए जाते हैं, जो पैंसिल और सिलेट साजी की सेनद के लिए बुनियादी काम माल फराहम करते हैं
00:30मेरे पहने देशवासियों, आज कश्मीर का पुलवामा पुरे देश को पढ़ाने में महत्पपुन भुमी का निभा रहा है
00:39आज देश भर में बच्चे अपना हुंबर करते हैं, नोट्स बनाते हैं, तो कहीं न कहीं इसके पीछे पुलवामा के
00:50लोगों की कड़ी महनत भी है
00:51कश्मीर घाटी पुरे देश की करीब करीब 90 प्रतिशत पैंसिल स्लेट लकडी की पट्टी की मांग को पुड़ा करती हैं
01:02और उसमें बहुत बड़ी हिस्सेदारी पुलवामा की हैं, एक समय में हम लोग विदेशों से पैंसिल के लिए लकडी बंगाते
01:12थें, लेकिर अब हमारा पुलवामा इसक्षेत्र से देश को आत्मनिर भर बना रहा है
01:18वास्ताव में पुलवामा के ये पैंसिल स्लेट्स स्टेट्स के बीच के गैप्स को कम कर रहे हैं
01:25गाटी की चिनार की लकडी में हाई मोश्चूर कंटेंट और सॉप्टनेस होती हैं, जो पैंसिल के निर्मार के लिए उसे
01:34सबसे सुटेबल बनाती है
01:36पुलवामा में उप्खू को पैंसिल विलेज के नाम से जाना जाता है
01:41यहाँ पैंसिल स्लेट्स निर्मार की कई इकाईया है जो रोजगार उपलब्द करा रहे हैं
01:48और इनमें काफी संख्या में महिलाये काम करती है
01:52साथियों पुलवामा की अपनी ये पहचान तब स्थापित हुई है
01:57जब यहाँ के लोगों ने कुछ नाया करने की खानी काम को लेकर रिस्क उठाया
02:05और खुद को उसके प्रतिय समर्भी की जानब से पैंसिल विलेज का खिताब भी दिया गया
02:13वो मुतदबार अपने रिडियो प्रग्राम में की बात में इस गाउं और यहां की हुनरवन्दों का जिकर करके उनकी होसला
02:20अवजाइक कर चुके हैं
02:43नहीं कर रहे हैं अपने मन की बात में पैंसिल विलेज डिकलियर किया था लेकिन इस पैंसिल विलेज को जहां
03:01पर बहुत सारी लोगों को रोजगार मिल रहा है
03:03लेकिन उस पैंसिल विलेज को आगे चलाने के लिए बूस्ट करने के लिए सरकार ने अभी तक कोई भी एक
03:11अगदाम नहीं उठाए हैं जिस पर ये डिपेंड़न है
03:16ताहम हालिया बर्सों में इस सेनद को मुश्किलात का सामना है
03:19सुफैदे के मादा दरख्टों को काटने से मतलिख सरकारी एकामात के बाश काम-माल की किलत पैदा हो गई
03:25माहरीन के मताबिक इन दरख्टों से निकलने वाली रुई बाश बिमारियों का सबब बनती है
03:30जिसकी वज़ा से इन पर पाबंदिया आहिद की गई
03:33नतीज़ तेन किसानों ने भी इन दरख्तों को काश्ट करने में दिल्टस्पी कम कर दी
03:37जिस से कड़ो रुपीय मालियत की इस्तेनत के जवाल का ख़चा भढ़ गया
03:56जिसको क्या बोलता है मोधी जी ने मन की बात में भी मैंशिन किया था
04:00which is pencil village of Kashmir. So this is why our industry has a lot of people with
04:07this. It has a lot of people with this. It has a lot of farmers with this. It has a
04:10lot of
04:11employment with this. And it has a lot of people with this. So this is why we have
04:16a popular plants with this distribution free. We have 20,000 popular trees distribute
04:24کر رہے ہیں. تو اس سے ایکچولی ہمارا مقصد یہی ہے کہ جو ہمارے کسان ہیں
04:28ان کی بھی اکنامی میں تھوڑا سا ہیلپ ملے ہماری وجہ سے اور جو
04:31ماہولیات ہے اس میں بھی تھوڑا ہم کنٹربوٹ کر پائیں. اور تیسرا ہے
04:35کہ یہ انڈسٹری لانگ رند تک زندہ رہے ہیں. اسی تناظر میں مقامی سطح
04:39پر سنت کو فروغ دینے کے لیے مضبط اقدامات بھی دیکھنے کو مل رہے ہیں.
04:43کئی پینسل بنانے والی کمپنیوں نے کسانوں میں مفت سفیدے کے
04:46پودے تخصیم کیے. تاکہ انہیں دوبارہ اس کی کاشت کی طرف
04:50راہی پیا جاتا سکے.
05:13ہمارے انڈسٹری کو یہ سب کام آ جائے فیچر میں. اس لئے ہم نے کاؤکو میں
05:18رکھا ہے. ہم نے چار جگا پر رکھا ہے. اوکھو کاکپورا
05:21نربال اور پٹن. یہ دو جن میں ہم چار جگا کر کے تقریباً
05:25تقریباً بیس سار بوٹے جگہ ہم یہ ان کو دے رہے ہیں.
05:29ہائیبریڈ ویرائیٹی آئی ہے پر وہ میرے کال سے ابھی تک اتنی سکسیسفل نہیں
05:32ہوئے. یہ جو میرے کال سے ایک سال بڑا ہے. یہ میرے کال سے چھ سال
05:37میں پورا چھ سات سال میں پورا بڑا ہو جاتا ہے. چالیس بیالیس فٹ
05:40تو ہو جاتا ہی ہے. کسان کے لئے یہ سب کر رہے ہیں. ہم کوشش کریں
05:44گے کہ ہم چار رکھیں. جتنا بھی ہم سے ہو سکے بنتا ہے اتنا ہم
05:49کے لئے کریں گے. مہرین کا ماننا ہے کہ اگر بروقت اقدامات
05:52نہ کیے گئے تو پلواما کا یہ منفرد پینسل ویلیج اپنے شراخت
05:56کھو سکتا ہے. تاہم حکمتی تعاون اور نجی شعبے کی کوششوں سے
05:59اس سیند کو دوبارہ اور روچ تک پہنچایا جا سکتا ہے. ای ٹی وی
06:03بھارت کے لئے پلواما سے سید عدل مشتاہ کی ریپورٹ
Comments

Recommended