Skip to playerSkip to main content
चैती छठ महापर्व ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी पर्व है। अंतिम दिन भागलपुर सहित पटना, कैमूर, गया, समेत पूरे बिहार में आस्था का जनसैलाब देखने को मिला। वहीं दिल्ली में भी एक छठ घाट पर श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और अत्यंत श्रद्धा उत्साह के साथ चैती छठ मनाई गई। इस अवसर पर स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश भी प्रसारित हुआ।

#ChaitiChhath #ChhathPuja #SunWorship #GratitudeToNature #BiharCulture #IndianFestivals #SpiritualIndia #FaithAndDevotion #Arghya #ChhathCelebration #FestivalVibes #UnityInFaith #CleanAndGreen #DevotionalVibes #TraditionAndCulture

Category

🗞
News
Transcript
00:00ुचैत्र मास में मनाया जाने वाला चैती छट महापर्व इस वर्ष पूरे विधी विधान और शद्धा के साथ संपन हो
00:08गया।
00:08चार दिनों तक चलने वाले इस कथिन व्रत में शद्धालूओं ने 36 घंटे का नर्जला उपुआस रत कर सूरे देव
00:16और छटी मैया की अराधना की।
00:38व्रत का पारण किया गया। इस दोरान शद्धालूओं ने अपने परिवार की सुख सम्रद्धी और समाज की कल्यार की कामना
00:47की।
01:08इस लोक आस्था के पर्व का चार दिनों से लगातार चल रहा था। तो हम सब उन्नती की मंगल कामना
01:18करने है।
01:18बता दें कि चैती छट महा पर्व ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बलके ये प्रकरती सूर्य और जल
01:26की प्रतीक क्रतंग्यता व्यक्त करने का भी पर्व है।
01:30अंतिम दिन भागलपुर सहित पटना कैमोर गया समेत पूरे बिहार में आस्था का जनसेलाब देखने को मिला। वहीं दिल्ली में
01:39भी एक छट घार्ट पर शुद्धालों ने डूपते सूर्य को अर्थ दिया और अत्यंतिस शुद्धा उत्सहा के साथ चैती छट
01:48मनाई ग
01:53जिससे समाज में एक सकरात्मक संदेश भी प्रिसारित हुआ। इस वर्ष का चैती छट महापर्व श्रधा, समर्पन और सामाजिक एकता
02:03का प्रितीक बन कर संपन हुआ। जिसने एक बार फिर भारती संस्कृती की गहराई और विविदिता को उजागर किया।
Comments

Recommended