00:08पस्चिमी राजस्थान की उपजाव भूमी में अंधाधुन्द हुए रसायन के प्रयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है।
00:16इसकी प्रमुख वज़ा रसायन से भूमी में मौजूद सुक्ष्म जीवों का खत्म होना है।
00:22इससे भूमी का पी एच लेवल बढ़ा है जो हानिकारक है। इसके अलावा लाव दायक और्गैनिक कारवन भी कम हो
00:29गया है।
00:30क्रिशी विश्य विद्याले जोधपूर में अब पश्चमी राजस्थान की पहली सुक्ष्म जीव विग्यान प्रयोग शाला तयार हो रही है।
00:38जहां पर मिट्टी पर शोध होंगे।
00:40फिलहाल विश्य विद्याले की मौजूदा लैब में काम किया जा रहा है।
00:44जिसका प्रमुक उद्देश जलवायू परिवर्तनों के कारण होने वाले पौधों में बदलाव, मिट्टी के पोशक तत्व, सहित विभिन्ने सुक्ष्म जीवों
00:53पर शोध करना है।
01:14तो विदिन टू येर अगर मैं बात करूं तो हमारा जो पीएस था वो सुरू से जो हाई था वो
01:19थोड़ा लो हुआ है।
01:20और और और अर्गनिक कारबन था वह भी हमारा बड़ा है।
01:23इसके इलावा बहुत सारे सुक्सम जीवों के बात करूं तो वह भी बायो डाइवर्सिटी बहुत जादा चेंज हुई है।
01:51प्रधान अनवेशक डॉक्टर कृष्ण सहारन बताती है कि मिट्टी का पीएच लेवल यानि पोटेंशियल ऑफ हाईड्रोजन आठ से ज्यादा हो
01:58गया है।
01:59इससे प्लांट की ग्रोथ प्रभावित होती है, साथ ही माइक्रो और्गैनिजम को नुकसान हो रहा है।
02:05इसके अलावा लगतार हो रहे रसायन के प्रयोग से और्गैनिक कार्बन की प्रचूरता में कमी आई है।
02:11इससे उत्पादन भी कम हो रहा है।
02:14ऐसे में हमारा उद्देश है कि मिट्टी में जरूरी न्यूट्रियंट्स की उपलब्धता को ग्यात करें और उसका इस्तर सुधारें।
02:25किसानों को क्या चाहिए उसको उत्पादन जैना तो उसको उत्पादन के लिए तो अपने एक्स्ट्रा जो हमारा हरित करांती आय
02:31थी बोट ज्यादा हमने प्रोड़क्शन केमिकल यूज कर कर ले लिया बट अब ऐसी सिचुएशन आ गई है कि हमने
02:36अंदा धून्ध केमिकल
02:50कर दो शी teachers और मैंने नहीं के अंदा लिया डंश स्क्राइन के अंदे भी प shoulder जाल मेंड बहुत
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