00:00इस समय पस्षिवी इश्या के हलत चिंता जनक है बिते दो तीन हप्पों में जैसंकर जी ने और हर्दिक पुरी
00:13जी ने इस विशे पर सदन को जरूरी जानकाली दी है
00:20अब इस संकट को तीन सप्था से ज़्यादा हो रहा है इसका पूरे विश्व की अर्थेवबस्ता पर लोगों के जीवन
00:31पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है
00:37इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है
00:47अधेश मोदय भारत के सामने भी इस युद्ध ने और प्रत्याशित चुनावतियां खड़ी कर दी है
00:59ये चुनावतिया आर्थिक भी है नेशनल सेकुरिटी से जुड़ी भी है और मानवी अभी है
01:12युद्ध रत और युद्ध से प्रभावी देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिष्टे है
01:24जिसी छेत्र में युद्ध हो रहा है वो दुनिया के दूसरे देशों के साथ
01:31हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर रास्ता है
01:37विशेश रुप से कच्चे तेज और गैस की हमारी जरुतों का एक बड़ा हिस्सा यही छेत्र पूरा करता है
01:50हमारे लिए ये रीजन एक और कारण से भी एहम है
01:56लगवग एक करोड़ भारतिया खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं
02:05वहां समंदर में जो कॉमर्शल शिप चलते हैं उनमें भारतिय क्रू मेंबर्स की संक्या भी बहुत अधीक है
02:19ऐसे अलग-अलग कारणों के चलते हैं भारत की चिंताएं स्वाभा रुख से अधीक है
02:28इसलिए ये आवशक है कि भारत की संसत से इस संकट को लेकर एक मत और एक जुट आवाज दुनिया
02:42में जाए
02:44आज की इन परिस्टितियों में एनर्जी सेकुरिटी को लेकर बीते एक दसक में उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो
02:56गए हैं
02:57भारत ने बीते ग्याना वर्सों में अपनी एनर्जी इंपोर्ट का डाइवर्सिफिकेशन किया है
03:05पहले क्रूरोई एल एनजी एल पीजी ऐसी एनर्जी जरुवतों के लिए 27 देशों से इंपोर्ट किया जाता था वही आज
03:19भारत
03:2141 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है अधिक जी बीचे दसक में भारत ने संकट के ऐसे ही समय के
03:37लिए
03:38कच्चे तेल के भंडारण को भी प्रात्विक्ता दी है आज भारत के पास तीरपन लाग मेट्रिक टन से अधिक का
03:48स्ट्रेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है और 65 लाग मेट्रिक टन से अधिक के रिजर्व की ववस्ता पर देश काम कर रहा
03:59है
03:59हमारी तेल कंपनियों के पास जो रिजर्व रहता है वो अलग है बिते ग्यारा वर्षों में हमारी रिफाइनिंग केबिसिटे में
04:09भी उलेखनी वृद्धी हुई है
04:12अधिक जी सरकार अलग अलग देशों के सप्लायर्ज के साथ भी लगातार संपर्क में हैं
04:21प्रयास यह है कि जहां से संभव हो वहां से तेल और गैस की सप्लाय होती रहे
04:32भारत सरकार गल्फ और आसपार्ज के शिपिंग रूस्ट पर निरंत पर नजर बनाए हुए है
04:42कि टेल हो गैस हो फाटिलाइजर हो ऐसे हर जरूरी समान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुचे
04:54हम अपने सभी वैस्विक सयोगों के साथ निरंतर समवात कर रहे हैं ताकि हमारे मेरिटाइम कोरीडोर सुरक्षित रहे हैं
05:07ऐसे प्रयासों के कारण बिते दिनों होर्मु स्ट्रेट में फसे हमारे कई जहाज भारत आये भी हैं
05:22अध्यक जी संकट के इस समय में देश की एक और तयारी भी बहुत काम आ रही हैं
05:33पिछले 10-11 साल में इथेनोल के उत्पादन और उसकी ब्लैंडिंग पर अभूत पुर्व काम हुआ है
05:43एक दसक पहले तक देश में शिर्फ एक डेट परसेंट इसेनोल ब्लैंडिंग के अपरसिटी थी
05:50आज हम पैट्रोल में 20 परसेंट इसेनोल ब्लैंडिंग के करीप पहुँआ है
05:57अमा देर वीडियो भालो लग लें लाइक एबग शेयर कोरून
06:00कामेंट सेक्षेन एक एट जानान आपना देर मौता मौत
06:03आड़ो वीडियो पे ते आमादेर चैनेल सब्सक्राइब करून
06:06एबग प्रोती महुँँ ते खबरेर अपडेट पे ते प्रेस करून बेल आइकोन
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