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गाजियाबाद के हरीश राणा की अंतिम घड़ियों में उनकी मां ICU के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ती नजर आईं। करीब 13 साल से कोमा जैसी स्थिति में रहे हरीश राणा का AIIMS, दिल्ली में जीवन‑समर्थन उपकरण हटाकर पैसिव इच्छामृत्यु की प्रक्रिया चल रही है। उनकी मां का यह दृश्य परिवार की पीड़ा और भावनात्मक संघर्ष को दर्शाता है। फैंस और स्टाफ भी इस कठिन समय में उनका समर्थन कर रहे हैं। कुछ ही घंटों में हरीश राणा का जीवन का अंतिम चरण पूरा होने वाला है, और इस बीच परिवार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ है।

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~HT.504~PR.480~ED.390~

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00:04दिल्ली के एम्स में एट्मिट हरीश राना की कहानी जिस किसी ने भी सुनी उसकी आखी नम हो गई
00:10पहली बार दीश में किसी शक्स को एक बड़ी अस्पताल के अंदर आईस्यू बैट पर रखा गया वो भी इच्छा
00:18मित्यू के लिए
00:19दरसल इस से पूरे वोट के भार की बात करें तो यहां पर सन्ना टपस रहे और वोट के अंदर
00:24मशीनों की बीप की आवासा रही है
00:26बैट नमबर बारा पर लिटा 32 साल का हरीश राना अपनी जिन्दकी के सबसे कठिन दोर में है
00:32यह कहानी सिर्फ हरीश राना या फिर एक मरीज की नहीं बलकि यह कहानी है विग्यान की
00:37यह कहानी है परिवार की बेबसी की और उस उमीद की जो की मौत के बाद भी जिन्दा रहती है
00:43इधर दिल्ली एम्स के डोक्टर्स हरीश को लेकर काफी ज़्यादा परिशान है और उनकी बेचैनी भी बड़ी हुई है
00:50और हरीश को लेकर अब कई सारी चीज़े बोग कर रहे हैं भले ही हरीश राना की फीडिंग क्यूब को
01:09हटा दिया गया हो
01:10हरीश को अब नॉर्मल बैट पर शिफ्ट कर दिया गया है
01:13फिलाल हरीश राना की हलत की बात की जाए तो वो इस्तिर है लेकिन दर्द नहीं हो इसके लिए डॉक्टर्स
01:19लगातार उस पर नजर बनाए हुए है
01:21चन्द घंटों की बात है उसके बाद ये कहानी भी खत्म हो जाएगे
01:26दरसल पूरी डॉक्टर्स की जो टीम है वो अब उनकी कंडिशन पर अपनी गहरी नजर रखे हुए है
01:32महीं हरीश की फैमली की बात की जाए तो उसके माबाप रोज दिली की एम्स अस्पताल पहुचते हैं
01:38जहां पर उनकी लगातार काउंसलिंग भी की जा रहे है
01:41एम्स की एक डॉक्टर्स की टीम जो की डॉक्टर्स सीमा मिश्रा की अगवाई में इस पूरे प्रोसेस को अंजाम दे
01:47रहे है
01:47लेकिन इन सब के बीच हरीश की मा अस्पताल की गल्यारी में बैट आज भी हाथ में अनुमान चालिसा लेकर
01:54किसी चमतकार का इंतिसार कर रहे है
01:56उनका कहना है मेरा बेटा सांस तो ले रहा है लेकिन उसकी धरकन चल रहे है और वो अब मुझे
02:02छोड़ कर जाने वाला है
02:03ये कहानी सिर्फ हरीश राणा की नहीं बलकि हजारों ऐसे लोगों की है जिनके लिए सूरज उमीदे लेके निकलता है
02:10और नाउमीदे लेकर डूप जाता है
02:13रिपोर्ट्स की माने तो हरीश के पास अब चंद घंटे बचे हैं और उसके बाद वो दुनिया को हमीशा के
02:19लिए अलविदा कह देगा
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