00:00मा जी या क्या कह रही है, ऐसा नहीं हो सकता
00:03आलिया और फिरोज खेरियत से घर पहुंच जाते हैं
00:06एक और खुबसूरत सुबह का आगाज होता है
00:09फिरोज अपनी मा से उदासी की वजह पूछता है
00:13मा जी, क्या बात है? क्यों परिशान है?
00:18एता, एशा मेरी बेहन की बेटी है
00:20मैं तुम्हारी शादी उसकी साथ करना चाहती हूँ
00:23मामा जी, आपने क्यों जित पकर ली? मुझी नहीं करनी है शादी
00:26आलिया फिरोज का ऐसा रवया देखकर परिशान हो जाती है
00:30और बिलकुल खामोश हो जाती है
00:32मामा जी, मैं जा रहा हूँ
00:36फिरोज अपनी मा की बातों को सोचता रहता है
00:38और सना से भी सही तरह से बात नहीं करता
00:41वो उसे प्यार से बुलाती रहती है
00:43लेकिन वो कुछ नहीं बोलता
00:44वो सना से बहुत प्यार करता है
00:47घर आके वो मा से बात करता है
00:49but Alia has no problem.
00:52He is upset with his mother.
00:55He thinks he is what he does.
00:59He has asked him,
01:03but he has to say something.
01:05He is very difficult to say.
01:07One side is his mother and the other side is his love.
01:14Thank you very much.
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