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  • 8 minutes ago
गौरैया को बचाने की पहल असर दिखा रही है. केवल भरतपुर शहर में अबतक दो हजार से अधिक घोंसले लगाए जा चुके हैं. देखिए रिपोर्ट...

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00:09शहरों से तेजी से गायब हो रही गौरईया की चहचाहट अब फिर लोटने लगी है एक घर गौरईया का एक
00:16घर हमारा इस संदेश के साथ शुरू हुआ एक छोटा सा प्रयास आज बड़ा अभियान बन चुका है
00:23महस तीन साल में देश भर में बीस हजार से ज्यादा नेस्ट पहुंच चुके है जबकि भरतपुर शहर में ही
00:30दो हजार से अधिक गौरईया घर बस चुके है
00:55गौरईया संरक्षन को लेकर काम कर रही कविता सिंग ने इस अभियान की शुरूआत करीब तीन साल पहले की थी
01:02उनका कहना है कि पहले जो गौरईया घर हर आंगन में नजर आती थी वह अचानक गायब होने लगी यही
01:09चिंता उनके लिए इस मुहिम की शुरूआत का कारण
01:33कविता सिंग बताती है कि 2026 में इस अभियान को एक नई दिशा देते हुए गौरईया संरक्षर बगीची तयार की
01:41गई है
01:41यह एक ऐसा विशेश स्थान है जहां गौरईया के अनुकूल पूरा प्राकृतिक बातावरन विक्सित किया गया है
01:48इस बगीची में बोगनवेलिया, नीमबू और बेरी जैसे जाड़ी नुमा और फलदार पौधे लगाए गए हैं ताकि गौरईया को भोजन,
01:57आश्रय और सुरक्षा तीनों मिल सके
02:00ETV भारत के लिए भरतपुर से शामविर सिंग की रिपोर्ट
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