00:00उत्तर प्रदेश में उपज बढ़ाने के लिए किसान, केमिकल इस्तेमाल कर रहे हैं
00:05और इसका असर आम इनसान की जिंदगी पर भी पड़ रहा है
00:09लोग बीमार हो रहे हैं
00:11लेकिन उत्तर प्रदेश के ही जहासी जिले में एक ऐसा किसान है
00:14जो अपनी पूरी दलहन और तिलहन की खेती गोमूत्र से ही करता है
00:19और गोमूत्र से जो खेती चाहें चने की हो, सरसों की हो, मटर की हो
00:24और अन्य तरह की खेती में उसे फसल भी जो केमिकल से फसल उत्पादित होती है
00:31उनकी तुलना में 25 फीसद ज्यादा पैदावार होती है और इस फसल से किसी को कोई नुकसान भी नहीं होता
00:38है इस किसान का नाम है धर्मेंद्र नामदेव जो जहासी में रहता है और तमाम तरहें की फसलें गोमूत्र से
00:46ही उगाता है और ये गोमूत्र खरीदते भी हैं चार �
01:00गोमूत्र से ही सिचाई करते हैं और इनका दावा है कि गोमूत्र से फसलें कहीं ज्यादा बड़ी होती हैं कहीं
01:07ज्यादा उनकी पैदावार होती है और ये सिर्फ हवा हवाई नहीं है बाकाइदा लखनव में लैव से ये पास भी
01:15हो चुकी है कि फसलों में फासपोरस की मा
01:17foreign
01:24foreign
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01:27पानी की धार के साथ 310 लीटर देशी गाय का गोमूत लगाने से खेत में नाइट्रोजन 24 किलोग्राम फासफोरस 4
01:35.5 किलोग्राम और जैविक कारवन में 0.03 से 0.06 की व्रद्ध होती है और किसान धर्मेंद नामदेव का
01:44ये भी दावा है कि ये फसल जो ये होती है वो ज्याद
01:48स्वादवर धक होती है मिनिरल वर्धक होती है और उपज वर्धक भी होती है उनका कहना है कि गोमूतर से
01:56ही किसानों को खेती Fresh क करनी
01:57चाहिए और केमिकल का इस्तेमाल करना चाहिए और गोमूतर से खेती करेंगे तो निश्चित तोर पर उनका जो public पैदावार
02:16भी
02:18कि रख 라고 इसंत की करता हूं इसमें में ने चना मंटर मून के
02:29चर्चूसूं लूंख़ली की खेती की हैं दाप वाई के पहले एक बीगा में साथ लीटर गॉमत पाने की धार के
02:39After the first water, I am putting 50 liters of water in the first water.
02:45It has been improved by the salt of the water.
02:50When we have developed our crops,
02:56it has been increased in the nutrition of phosphorus and calcium.
03:03In this field, I have planted a tree in this field, so I have planted a tree in the field.
03:11Before I planted a tree, I planted a tree with one tree with 60 liters of water.
03:19After 35-40 days, I planted a tree with 50 liters of water with 50 liters of water.
03:27This is the tree with a tree, so we have to use the tree with a tree in the tree.
03:41We have to use the tree with a tree with a tree.
03:46We have to use the tree with a tree, so it has a good name for the tree.
03:52In the field, the tree is called a tree with a tree with a tree and a tree with a
04:04tree with a tree.
04:31ुपजबर्धक
04:33गौमुत डालने से मिट्टी के में जो हनीकारक बैक्टीरिया है वो खतम हो जाते हैं और उपज में भी ब्रद्धी
04:45होती है और स्वाध भी बढ़ता है
04:47वीडियो जनलिस्ट पिजय कुमार बर्मा के साथ अखिल पांडे एटीवी भारत लखनो
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