00:00आखाती देशा तिल युद्धा मुए आपन बक्तो है कि जा प्रमाने डोमेस्टिक और कमर्शिल सिलेंडर सा तुटोड़ा जानवाल लगला है
00:08और त्यास प्रमाने आता खाद्य तिल देखिल तैची भाववार जाले लिया है नेम की ही भाववार कशा मुए जाले लिया
00:17है क
00:27क närव उन्न देखिल में अपन झाले दॉयन्च करना अपन जानऊं घिना रहो की खाद्य तैला नेमकी का भाव वार्चाले
00:32लिया है मेजे अम वार्चे यह अपन वार्ची आप राण कराया है और तर अ कि मुझे रुपयन नेहे है
00:47वार्च नेले है।
00:48आपन पेट्रोलियम पधारत क्यों पेट्रोल, हाँ या सर्वम हागाईचा पठिमाक्चा एक मूल हे रातो।
00:54तर अज्या देशान मदे युद्ध सुरू आपने पेट्रोल आणी सगड़ेता।
00:58तसाच खाद्य तेल, आपन स्वयम पुर्णा जुने आधी कसे होता कि फल्ली तेल, शेंग्दाना तेल आणी जवस तेल, हे फक्त
01:06खाद्य तेला मदे याएचे, आता अपले आकड़े स्वयाबीन, पामाईल, आणी संफ्लावर आईल, हे सुद्धा तेचे एड़ जाले, आ�
01:18प्रमानात विदेश आतुन भारता मदे येत, आणी भारता मकार्म इथले आजा तेल भी आए, तेचा मदे तेलाचे परसेंटेज नहीं है,
01:26जोड बाहर चे चाद, आणी बाहर बुन इनारा खाद्य तेला मदे महागाई वाडले मुणे, या ठिकानी मार्केट मदे, दहात
01:47आणी शासन सुद्धा चिंते दाए, आणी तरी पन एक गोष्ट चांगली है, कि गरहकार मदे अजुन तशी भगदर नहीं है,
01:57कि जा प्रकारे महागाई ची एक जड़ तो पोचली है, पन तरी ही लोका सैयमानी या शाग्रिया गोष्टी शी करता
02:06है, नखिसा आपन बगत
02:08है कि तेल जो है हा दररोज चा वापरतला मजे वस्तु आहे, थाद्यपदारता है, ताम अशा मदे आपन मंता है
02:15कि अजुन नहीं, गरहकान मदे तयोड़ा महें नहीं है, पर आपन वगत है कि बाहर आपन जर बगितला, तर तेल
02:23जे आहे आता कुठे तरी लोकार मदे तो ए
02:37जायात होता तेल, मनुन जालीली आहेका, अपनला मारता मदे किती टक्के तेल जाहे, ते बनोला जाता मजे, कि सग्रस्त तेल
02:46जाहे, ते 100 परसेंट आयात होता।
03:07अधेव जे बाहरून तेल बोला हो तो हांडी बाहरून खादेटेल का स्वयाबीन सद्याकसस मेला है कि पूरुन मुणात ला भारतीय
03:16खादेतला मदे श्याबीन प्रवाहिन होता है पर्णि या 5-35 वर्षा मदे बाहरून जे श्याबीन आपना अनलन अन्तर मग इथे
03:23ही पन �
03:24सुद्धा सुयाबीं ची लागवड वायला लागली तरी पट इतल्या सुयाबीन मदे चा बियान मदे ती तिलास परसेंटेज नही यह तेचा
03:32मुए है अटे एक कसस्त प्रत्य एक मेका रॉलुम उना है
03:36स्वेविन चे रेट वाड़े तेचा बरोल बाकी चे रेट वाड़े चले आणि मग अपन बेंडेड ओईल वगरे अशा प्रकारे सरकार
03:43नी सुद्धा धोरना जी आनलित त्यारना खाद्दे तेला मदे युद्धा चाव प्रसंग तेचा मदे आहे
04:04पड़ चिंतेच को तरह सा अपना सा मनुषक्नार ना एक है कि वह शासं चिंतेच नहीं है कि वह अमीं
04:09चिंदेच नही आए चिंतेच सर्वाच घ्रहाक सुद्धा
04:12शान्ता है सद्या, कारण ट्याला है वाट्टा कि आपले देशा ओर आलेला परिस्तिती वर कारण जाक्तिक परिस्तिती असले मुझे लोका
04:20शान्ता है
04:20पर आता चा भड़का उरुश तो कधी कारण बहावार शेवटी कसा है सरोसामान ने जो गरहा काय ओर मुझे लोका
04:29शान्ता है
04:33आधी तेला सब भाव मझे एक डबा जरगे हैसा सल तक कीती होता निया आता कीती पैसे जाए ग्राह कला
04:39सुको अवे लागते हैं
04:43आधी प्रत्य के चामादे में जो भाव दर मा दोनजार पन्नास वगरे असे तो अज दोनजार एक शिप अपने एक
04:56शिप अपन्नास वगरे अधा प्रत्य का जद भावाड प्रस्षिज हाली नीज़
05:03जर का युद्धाला पुल्णविरा में आला आणी पहले सरकी आयात सुरू धाली तरकाए भावड कमी होईल का अज आसा शक्क्या
05:11है का
05:11होईल कारंड सरकार्थ जे एक धोरन सथ्यचा परिस्थिती मदे कारंड पहले कसा उतोता कि लोकर व्यापारी एक मांसिक्ता होती काही
05:24व्यापारें मत थे कि अश्या चमेसेधे स्टॉक हे करना डंपिं करना क्योवा अचर्थ तरक शी शैद्या जिस्वत नाहिं है आने
05:35सरक
05:36अबन्धन स्पग एक वुस्टिया वोड़ गुम्रेश पार्ट वुष्टीया वोड़ तर्सक्राविश्टीया सब्सक्राविश्या वावड़ कमी अव्यू अविल अवादे उनारा अवादे थेलाची खपतवार्टे
05:45और दुसरी वुष्ट अपले कडे भारतिया जे पीक �
05:49अविल के भी आधि उनारी पिक नस्तिछ तराइब जो कही स्टोक असेल जुना
05:56तराइब दर्वाली जानों टेख अवर सब्सक्राइब दिश्धार लागेला नंतर मा अपले अपले अपले मादे शुद्धा भावा मादे पारग जानोते
06:08पन हुई कारण शेवटी आपन कुठे तरी मानुस की पन जपली पाईजे कि मानसिक्ता गापारे अनी तरी आभान करे लाहन
06:19पारन ना कि याचा चुकी चा फाइदा तुमी तरी घ्योनका
06:24कारण लाहन व्यापरी घ्योन ना काड़ा कि याचा फाजव जपला पाईजे वर्ष भरामी कमो तो मुणोन एखा द्या महागाई चावेस
06:41कि वाय चावेस आपन ही देशा सुबत उभरा आला पाईजे
06:44कि भावना प्रत्यकाणी जपली बाई जिमा ग्रहात असो के व्यापा रियासो खुबा पुढार रियासो
06:50अग्दिच संधेज जवा है तो आता दिलेला है कि सामाजिक बांदिल किये तीकोटे नागोड़ जपली पाई जयावेश देशावर अशा प्रकार
07:02चीक परिस्ती तिते ते आवेश सगयाननी में असा सामना करना गर्जेचा है असा संधेज जवा है आता न्यान्दे जया है
07:10�
07:10रख्षक जी यह अन्य दीली लाहे ऐन्य तब अजे घाभकार करांवाद करने
07:33झाल झाल
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