00:15तेरी आदों के साए में जी रहेत हम
00:22दिल के जखमों को चुपके सी रहे थ हम
00:29तू पास होकर भी पास न था
00:35तेरी खमोशी में खो गए थ हम
00:42एक नजर जो तुमने देख ली होती
00:51शायद हम यूँ तन्हा न रोते
01:00हम तूट गए होते अगर तुम मिलना जाते
01:09पर अभी लगता है तुम सच में कभी आए ही न थे
01:16दिल को संभलते संभलते ठक गए है हम
01:24तुम्हारी आदों में खुद से ही बिछ गए है हम
01:46रात भर चांद से शिकात करते रहे
01:53अपनी तन्हाईयों को छुपाते रहे
02:00तुम्हारी हसी के लिए जीते रहे
02:08और खुद के आशु चुपाते रहे
02:14एक लमहा अगर तुम रुख जाते
02:21दिल के सारे राज समझ जाते
02:27हम तूत गए है ते अगर उम्मीद न होती
02:35पर तुम्हारी आदों में हम जीने की सजा दी
02:42दिल को संभलते संभलते ठके हैं हम तुम्हारी आदों में
02:54फिर से बिखर गए है हम
02:59अभी दिल यही कहता है छुपके से
03:06कभी लाओत आना किसी शाम के अंधेरे में
03:16वर्न सच में
03:22हम तूट गए होते
03:25झालते
03:31झालते
03:33झालते
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