00:00पेट भरने की मजबूरी में हुआ था दम बिर्यानी का आविशकार, 242 साल पुराना है इसका लखनवी इतिहास, मशहूर दम
00:07बिर्यानी का इतिहास बेहत दिल्चस्प है, माना जाता है कि इसका जन्म किसी शाही रसोई में नहीं, बलकि मजबूरी के
00:14दौर में हुआ था, साल
00:28खाना तयार करना बड़ी चुनौती थी, ऐसे में रसोईयों ने चावल, मान, सबजियां और मसालों को मिट्टी की बड़ी हांडी
00:34में डाल कर आटे से सील कर दिया और उसे धीमी आच पर पकाया, इस प्रक्रिया को दम कहा गया,
00:40जिसमें भाप अंदर ही रहती है, और खाना
00:42धीरे धीरे अपने ही रस में पकता है, कहा जाता है कि एक दिन इमामबाडे का निरीक्षन करते समय, नवाब
00:48आसफुत दौला को इस खाने की खुश्बू बहुत पसंद आई, इसके बाद उन्होंने अपने शाही बावर्ची खाने में इसी तकनीक
00:54को अपनाने का आदेश �
00:55धीरे धीरे इसमें केसर और खास मसाले जोडे गए और यही डिश आगे चलकर लखनवी दम बिर्यानी के रूप में
01:02दुनिया भर में मशहूर हो गई
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