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देश में LPG संकट नहीं तो फिर लंबी-लंबी कतारें क्यों लगी हैं? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिना उमकर्षप और ब्लाक इन वाइट में आपका स्वागत है अब पहले हम आपको ये बताएंगे आज
00:07कि देश में ग्यास का संकट कितना गहरा है वो भी जो सिलिंडर्स को लेकर अलग-अलग जगों पर लोग
00:13परिशानियों का सामना कर रहे हैं उस
00:27इसने कितने जहास गिरा है वो आज बस यही पूछ रहे है गैस सिलिंडर कहां मिलेगा हाला कि साइकल बाइक
00:34टेंपो में ढोई जा रहे हैं सिलिंडर्स ठेले रहरी पट्री से धीरे धीरे घायब होते दुकानदारों के बीच सरकार ने
00:41भरोसा दिलाया कि गैस का संकट नही
00:56में बताएंगे जिसकी वजह से यह गैस संकट पैदा हुआ और वो है अमेरिका और इरान का ये युद अब
01:03इरान इस युद में 360 डिग्री का प्लेयर बन चुका है और वो मैदान के किसी भी कोने में मार
01:08रहा है
01:10अब उसने ये नहीं सोचा कि इस तरफ मारना है उस तरफ करना है वो वहां तक निशाना साधरा है
01:15जहां अमेरिका और इसराइल की कोई फील्डिंग सेट ही नहीं है
01:19इरान ने समंदर में तेल और ग्यास के जहाजों की ऐसी घिराबंदी की है कि अब दुनिया का कोई भी
01:26देश बिना परिशान हुए नहीं रह सकता
01:29आज हम आपको बताएंगी कि क्या वाकई इरान की नाकेवंदी से कोई जहाज निकल पा रहा है या ये सिर्फ
01:35हवाई दावे है
01:37इरान के हमलों की वज़े से साओधी अरब, युएई, कतार, कुवेद जैसे ये तमान देश
01:44अमेरिका के साथ अब अपने संबंधों की परिभाशा बदलते नजर आ रहे है
01:48वही धमकी जो इरान ने दी थी और पुछकारा भी था
01:53अमेरिका से रिष्टा तोड़ो, हमसे रिष्टा अच्छा कर
01:57धीरे धीरे अमेरिका से दूर होते जा रहे हैं
02:00ये देश जैसे इरान इन देशों को निशाना बना रहा है
02:04इनका भरोसा अमेरिका से उत्ता जा रहा है
02:07अमेरिका ने सोचा था कि इरान की लोग सड़कों पर उत्रेंगे
02:10इसे तो यही लग रहा था
02:15यहां पर लोग सरकों पर निकल जाएंगे
02:18काम हो गया लेकिन ऐसा हुआ नहीं
02:20अमेरिका ने सोचा था इरान का नया सुप्रीम रीडर उनके इशारे पर चुना जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ
02:25अमेरिका ने कोशिश की की इरान अपना परमानू प्रोग्राम खत्म कर दे लेकिन वो भी होता नहीं दिख रहा
02:32अमेरिका इरान के परमानू ठिकानों को तबाह करने के लिए
02:36Bunker Buster Bombs गिराने के लिए तयार बैठा है
02:39लेकिन इरान ने अपने बचे हुए uranium stock को
02:44Peacax Mountain में शिफ्ट कर दिया है
02:47जो धर्ती की गहराई में है और लगबग अभेद है
02:50यहाँ Bunker Buster Bombs भी काम नहीं करते
02:53और इस जगह पर इरान के वैग्याने 2400 घंटे काम पर जुटे है
02:57लेकिन इन सब के बाद अमेरिका के राश्पती डॉनल्ल ट्रॉप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है
03:01कि इरान अब सरेंडर करने वाला है
03:05क्या इस बात में दम है
03:06आज सवाल यही है कि आखिर ट्रॉम्प किस आधार पर इरान को सरेंडर करने का दावा कर दे
03:13जबकि इरान इस जग को और जोरदार तरीके से लड़ रहा है
03:18इरान इसराइल जग के बीच आपको एक और जग के बारे में बताएंगे
03:21जो पवित्र रमजान के महीने में शुरुआत से ही जा रही है
03:24और इद से पहले यह जंग और भड़क गया है
03:27भड़क चुकी है
03:28यह लड़ाई है पाकिस्तान और अफगानिस्तान की
03:30क्योंकि हम लोग सारा फोकस इरान और इसराइल अमेरिका यूद पर रख रहे है
03:35तो आज वहां की तस्वीरें यह बहुत भयावा आ रही है
03:37पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में भयानक हमले किये है
03:39जिसके बाद तालिबान ने भी पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देते हुए
03:44इस्लामाबाद तक हमला किया है
03:46अफगानिस्तान फोस ने पाकिस्तान के कई शेहरों में पाक आर्मी के ठिकानों पर हमले किये
03:53तालिबान फोर्सेज ने इस्लामावाद में ड्रोन अटाक कर दिये
03:58लेकिन आथ सबसे पहले हम आपको ये बताएंगे कि जब सरकार ये कह रही है
04:02कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है तो फिर अलग-अलग राज्यों, शहरों, कस्बों में
04:07एल्पीजी सिलंडर के लिए लंबी लाइने क्यों लगी है
04:11उत्तरप्रदेश से लेकर पंजा, हर्याना, दिल्ली, राजस्तान, मद्ध्रदेश, बिहार, करनाटक, केरल और तमिल नाडु
04:19समेत कई राज्यों में एल्पीजी सिलंडर के लिए मारा-मारी हो रही है
04:26और यह देखिया हम आपको हर जगा की तस्वीर दिखा रहे है
04:29उत्तरप्रदेश और बिहार में तो कई एजन्सियों के दफ्तरों के बाहर
04:34एक-एक किलोमिटर लंबी लाइन लग गई है
04:37और यह स्थिती भी तब है जब केंद्र सरकार यह कह रही है
04:41कि देश में अभी फिलहाल रसोई ग्यास का कोई संकट नहीं है
04:46अब सवाल यही है कि फिर आखिर ये लोग लाइनों में पहुँच रहे है
04:52सवाल यही है कि जब संकट नहीं है तो अलग-अलग राज्यों शहरों में लोग परिशान क्यूं है
04:57इसके पीछे चार बड़े कारण है आज ये कारण भी आपको जानने चाहिए
05:02कि आखिर क्या बज़ा है ये लंबी-लंबी लाइने इस तरह की क्यों हो रही है
05:06तो सुनिए, पहला कारण तो यही है कि बहुत सारे लोगों को तैस समय पर LPG सिलेंडर की डिलिवरी नहीं
05:14हो रही
05:14इस वज़े से जो LPG सिलेंडर के गोदाम है वहाँ लोग खुद जाकर लाइने लगा रहे है
05:19अपनी परची दिखाकर सिलेंडर ले रहे है
05:22कई लोगों में एक पैनिक मोड है, उनको लग रहा है कि सिलेंडर जल्दी लेकर घर में रखना है
05:27दूसरा, कई राजों और शेरों में लोगों ने ये शिकायत भी की है
05:30कि उन्हें ओनलाइन बुकिंग के बाद भी LPG सिलेंडर की डिलिवरी नहीं मिल रही है
05:35इस वज़े से लोगों को गैस एजन्सियों के दफ्तरों में लाईने लगानी पड़ रही है
05:41अपनी ओनलाइन बुकिंग का स्टेटस दिखा कर वो परची बनवानी पड़ रही है
05:44कि भई देखो यहां पे हमने बुकिंग की है, पेमन्ट किया है
05:48पहले बहुत कब मामलों में यह परची बनवानी होती थी
05:50और तैस समय पर रसोई गैस सिलंडर अपने आप ही घर पर आ जाता था
05:54लेकिन अब लोगों का कहना है कि ऐसा नहीं हो रहा है
05:57इसलिए उन्हें लपीजी सिलंडर की फिजिकल बुकिंग करानी पड़ रही है
06:17देखेंगे तो इस यूद्द से पहले हर दिन एक दिन का हम आपको पूरा नंबर दिखा रहे हैं यह फैक्चुल
06:23बाते हैं इस यूद्द से
06:25पहले हर दिन औस तन 55,000,000 लोग लपीजी सिलंडर की बुकिंग कराते थे लेकिन अब जब से यह
06:35खबर आई की रसोई
06:37ग्यास की किलत हो सकती है उसके बाद से आप ग्राफ को देखें तब से हर दिन 75,000,000
06:42,000 सिलंडर की एडवांस बुकिंग हो रही है यानि पानिक के कारण हर दिन लगवाग 20,000,000 सिलंडर पहले
06:49से जादा बुक हो रहे है वो नंबर देखें इसके अलावा पहले 70 प्रतिशत �
06:54लोग ऑन लाइन सिलंडर की बुकिंग कर आते थे लेकिन अब 83 प्रतिशत लोग ऑन लाइन बुकिंग कर आ रहे
06:59हैं लेकिन बहुत सारे लोगों को इसके बाद भी गैस एजनसी के दफ्तर जाकर परची बनवानी पड़ रहे हैं क्योंकि
07:04ऑनलाइन काम नहीं कर रहे हैं और �
07:24अगले 10 दिनों के लिए बचा है जबकि LPG अगले 25 से 30 दिन तक चल सकती है और ऐसे
07:36में ये तो नहीं कहा जाएगा कि भारत के सामने संकट नहीं है संकट तो है और उसकी वज़े से
07:40ही लोगों को परिशानी हो रही है और इस पर सबको सतर्क होना काला बाजारी रोकनी होगी पै
07:50पैट्रोल डीजल के सवाल पर आते हैं क्यूंकि बहुत सारे लोग दावा करें कि युद के कारण पैट्रोल डीजल की
07:54भी किल्लत हो सकती है लेकिन सरकार ने इन दावों को खारिच किया है बताया है हमारे पास अभी रिजर्व
08:01है भारत ने कच्छे तेल का अच्छा खासा �
08:06पारण होते हुए रश्या से 3 करोड बैरल कच्चा तेल खरीद लिया है जबकि अंगोला से मार्च के पहले 10
08:12दिनों में 34 लाक बैरल अभी आ चुका है कॉंगो से 19 लाक बैरल कच्चा तेल खरीदा गया है यानि
08:23कुल मिलाकर अनुमान है कि भारत के लिए लगभग 10 करोड बैर
08:36और पूर में 3 जहाज अब भी फसे है और यहां बड़ा सवाल यही है कि क्या इरान इन भारतिय
08:42जहाजों को स्ट्रेट और फॉर्मू से गुजरने की इजाज़त देगा ये सवाल इसने भी पूछा जा रहा है क्योंकि एक
08:50दिन पहले भारत के 2 जहाज स्ट्रेट और फॉर्
09:05बाज के बीच चार बार इरान के विदेश मंतरी अबास अराग्ची से छोन पर बात कर किए चार वार
09:27इरान के हमले हुए थे मिडली इसके देश लेकिन जिसमें साओधी युए लेकिन अब पहली बार ऐसा हुआ है जब
09:35प्रधानमंत्री मोदी ने इरान के राश्रपती से भी फोन पर डिरेक्ट बातचीत कि इसका एक मतलब यह हो सकता है
09:41कि भारत अब युद्ध खत्म होने का इ
09:54इसे ला सकते हैं कई मीरे रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जिन देशों के जहाज स्ट्रेट आफ और मुझ
10:01से गुजरते हैं उन्हें इरान ने चार श्रेणियों में बांट दिया है तीर वन वो देश जिन पर इरान कोई
10:07हमला नहीं करेगा तीर टू वो देश जिन से �
10:10इरान बाचीत करके उनके जहाजों को गुजरने की जहासत दे सकता है तीर थ्री में वो देश हैं जिन एरान
10:19दुश्मन मानता है और तीर फॉर में वो छोटे देश हैं जिनका इस युद्ध से कोई लेना देना नहीं है
10:24लेकिन इरान दुनिया पर दबाब बनाने के लिए �
10:26छोटे देशों के समुधरी जहाजों पर हमला कर सकता है
10:30जैसे थाइलेंड के मयूरी नारी जहाज पर इरान ने जो हमला किया
10:35ये वीडियो आपको दिखाया था हमने
10:37वो यही बताने के लिए था कि थाइलेंड का भले स्युट से कोई लेना देना ना हो
10:41लेकिन इरान उसे या उसके जैसे दूसरे देशों के जहाजों को भी निशाना बनाएगा
10:46हलाकि इरान के सरकारी मीडिया या IRGC ने इन मीडिया और रिपोर्ट्स की पुष्टी नहीं की है
10:52उल्टा IRGC ने ये बयान जारी किया है कि वो स्ट्रेट अफ हर्मूस से एक बूंद कच्चा तेल गुजरने नहीं
10:57देगा
10:58मैं आपको बड़ी स्क्रीन पर दिखाती हूँ कि अब तक जो पर्शन गल्फ और स्ट्रेट अफ हर्मूस के बीचे जो
11:03पूरा मामला अटका हुआ है वो कैसे आगे बढ़ रहा है
11:06अब तक पर्शन गल्फ और स्ट्रेट अफ हर्मूस में सोलर ओड टैंकर्स, कार्गो, कमर्शल शिप्स को निशाना बनाया गया है
11:15जूम इन कीजे
11:16तो इधर फारस की खाड़ी है परशन गालफ और इधर ओमान की खाड़ी आप देख रहे हैं यह जो सक्रा
11:22वाला रास्ता है पतला साथ समझ रहे हैं यही पर और ऐसे में सोलर जहाजों पर इरान के हमले हुए
11:28हैं अगर आप इस नक्षे को देखेंगे तो सबसे ज़्यादा हम
11:4611 टैंकर्स, 11 ओल टैंकर्स और कार्गो शिप्स को इसी समुद्री इलाके में निशाना बनाया गया है और देखिए अगर
11:55इस पूरे इलाके का ऐसा इसले भी हुआ है क्योंकि इस समुद्री मार्ग की चोड़ाई जो है वो ज्यादा नहीं
12:01है जिस वक्त कोई समुद्री जहा
12:02स्रेट ऑफ अर्मूज में प्रवेश करता है तब इस जगह की चोड़ाई सिर्फ 50 किलोमेटर रह जाती है ये वाला
12:08जो डिस्टिंस है और जैसे ही ये 50 किलोमेटर पर पहुंची है इसके लावा आगे जाकर यहीं चोड़ाई सिर्फ 33
12:16किलोमेटर रह जाती है पहले 50 फिर 33 �
12:22वो किसी भी जहाज को इरान के लिए निशाना बनाना बहुत आसान हो जाता है वो सकरी से रास्ते से
12:26गुजर रहे उन पर टागेट कर दीजे इसे आप इस ग्राफिक से भी समझ सकते है ये देखिए जब आप
12:32यहाँ से इस खारी से एक्जिट कर रहे है तो 50 किलोमेटर के आ
12:47सकते हैं इरान के बार्र नॉटिकल माइल्स का इलाका इरान के अधिकार्क शेत्र में आता है बार नॉटिकल माइल्स का
12:55मतलब होता है 22 किलोमेटर अब यहाँ समस्या यह है कि स्ट्रेट ऑफ हरमुस की चौडाई एंट्री और एक्जिप पर
13:0150 किलोमेटर है लेकिन 20 किलोमे�
13:10और इस शेत्र में एरान की सेना आवाजाही को कानिनी रूप से जो अन्य इलाके महां नहीं रहु सकती है
13:17इरान जब चाहे यहां रहेकर नेवल माइंस पिछा सकता है यहां अपनी ऐसी कॉमबाट बोर्ट स्तेनात कर सकता है जो
13:23समुद्री मार्क से गुजरने वाले जहाजों क
13:28इस वक्त हम आपको दिखा रहे हैं यह जो इलाका है ना यह जो ब्लिंग कर रहा है इस वक्त
13:32है यह इरान की तरफ है और ऐसे में सिर्फ इतनी जगा है यहाँ पर वो जो चाहे कर सकता
13:38है यह उसके अधिकार क्षेतर में आता है देखे नट शेल में अगर हम कहें तो इरान के प
13:56उनसे निशाना बना कर तबाह करती है
14:39अठाइस वरवरी से पहले तक इसी समुद्री मार्क से हर महीने तीन हजार जहाज गुर्ज जरते थे
14:44हर रोज दो करोड बैरल कच्चे तेल का निर्याद इसी रास्ते से होता था
14:49इन में से 82 प्रतिशत कच्चा तेल अकेले एशियाई देशों में भीजा जाता था
14:55भारत, चाइना की हिस्सेदारी सबसे जादा थी
14:59दो सबसे बड़े आयातक है विश्मे कच्चे तेल के
15:02हमारा 35-40 प्रतिशत कच्चा तेल इस रास्ते से आता था
15:07लेकिन अब इरान ने इस रास्ते को अपना हतियार बना लिया
15:09इससे पूरी दुनिया के सामने एक चैलेंज, एक चुनोती पैदा हो गई
15:14हलाकि ऐसा नहीं है कि इस चुनोती का कोई समाधान नहीं है
15:17अगर सौधी अरब और UAE चाहें तो वो बिना स्ट्रेट अफ और मूस का इस्तमाल की अपना
15:21कच्चा तेल अलग-अलग देशों में भेज सकते हैं
15:24सौधी अरब
15:25सौधी अरब ने इसी दिन के लिए एक पेट्रो लाइन बनाई थी
15:29जिससे East-West पाइपलाइन भी कहा जाता है
15:31ये पाइपलाइन 1200 किलोमेटर लंबी है
15:34जिसके जरिये फारस की खाड़ी से कच्चे तेल को
15:37लाल सागर के यानबू बंदरगाप तक पहुँचा जा सकता है
15:40अगर सौधी अरब चाहें तो वो हर दिन
15:42इस पाइपलाइन से 50 लाख बैरल कच्चा तेल
15:46लाल सागर में पहुँचा सकता है
15:49और वहाँ से ये तेल दुनिया के अलग अलग देशों में पहुँच सकता है
15:53ऐसी परिस्थिती में स्ट्रेट अफ और मूस से होने वाली कच्चे तेल की 25 प्रतिशत आपूर्ती
15:58सिर्फ इस पाइपलाइन के जरिये जारी रह सकती है
16:01इसके अलावा UAE के पास भी इसी तरह की पाइपलाइन है
16:05जो 360 से लेकर 400 किलोमेटर लंबी मानी जाती है
16:08अगर UAE चाहे वो इस पाइपलाइन के जरिये हर दिन 15 लाक बैरल कच्चा तेल आबुधाबी से
16:16सीधा उमान की खाड़ी में ये जो फुजायरा पोर्ट है वहां तक भेज सकता है
16:23और यहां भी बिना स्वेट अफ हॉर्मूस के कच्चे तेल की आपूर्ती हो सकते है
16:26लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या साओधी अरब और UAE ऐसा करेंगे
16:32यह सवाल इसले जरूरी है क्योंकि इरान इन देशों की ओयल रिफाइनरीज पर लवातार हमले कर रहा है
16:37इन हमलों की वज़े से आलात ऐसे हो गए है कि खाड़ी देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन जो है
16:41वो 50% कम कर दिया है
16:44International Energy Agency के मताबिक Middle East के देश इस युद्ध से पहले तक हर दिन 2 करोड़ बैरल कच्चे
16:53तेल का उत्पादन करते थे
16:54लेकिन अब यह उत्पादन घटकर सिर्फ एक करोड़ बैरल प्रती दिन रहे गया है
16:59इराक, कतर, कुवेट, साओधी अरब, UA
17:02इन सब ने इस युद्ध के कारण अपना जो कच्चे तेल का उत्पादन है उसको प्रती दिन 1 करोड़ बैरल
17:07कम कर दिया है
17:10इससे आप ही भी समझ पाएंगे कि स्रेट अफ हर्मूस से बड़ा संकट इन देशों का तेल उत्पादन घटना है
17:17अगर ये देश कच्चे तेल का उत्पादन ही नहीं करेंगे तो स्रेट अफ हर्मूस बंद रहेगा या खुला रहे
17:21इसका कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा
17:23हकीकत तो ये है कि इरान ने इस युद्ध में बहुत सोच समझ कर अपनी चाल चलिये
17:27पहले उसने इन देशों की ओल रिफाइनरीज उनके बंदरगाहों को हिट किया
17:32और जब इन देशों ने डर के कारण अपने कच्चे तेल का उत्पादन बहुत कम कर दिया
17:37ये कई जगों पर मजबूरन रोकना पड़ा
17:39तब इरान ने स्ट्रेट अफ हामूस को बन किया
17:42बड़ी बात यही कि इरान ऐसा करके मिडलीज के देशों में
17:45अमेरिका की हेजिमनी को खत्म करना चाहता है
17:48अब तक साओधी अरब, UAE, कतर, कुवेट, उमान, बहरेन, इराग जैसे देशों ने
17:52इसलिए अपनी जमीन पर अमेरिका को सहने ठिकाने बनाने दिये
17:55क्योंकि अमेरिका ने इन देशों को सुरक्षा की गारंटी दी
18:00अमेरिका इनको security promise करता है
18:03अमेरिका ने कहा था कि यह देश अपना सारा पैसा
18:05ओयल, इंफ्रेस्रक्चर और विकास पर खर्च करे
18:08सुरक्षा की चिंता ना करें क्योंकि इसकी जिम्मेदारी अमेरिका की है
18:13अब लीजे
18:14बदले में अमेरिका ने इन देशों को सिर्फ अपना कच्छा तेल डॉलर में बेचने के लिए कहा
18:18और ये देश मान भी गए
18:19लेकिन इरान ने स्युद में इसी समझोते की नीव पर अबवार कर दिया है
18:23इरान ने सौधी अरब की सबसे बड़ी रास टैनिरा ओल रिफाइनरी पर हमला किया
18:28कतर में दुनिया की सबसे बड़ी LNG फसिलिटी को निशाना बनाया है
18:32UAE में दुनिया की सबसे बड़ी ओयल रिफाइनरी में ऐसे एक रुवेस ओयल फसिलिटी पर हमले कराए
18:37UAE में भी मुसाफा फ्यूल टर्मिनल, फुजेरा ओयल टर्मिनल, सब पर आत्मगाती ड्रोन्स दाग दिया
18:45बहरीन में भी बैकको ओयल रिफाइनरी को निशाना बनाया और कुवेट में भी अल एहमदी रिफाइनरी और उमान में पोर्ट
18:54अफसलाला पर हमला किया
19:02इरान के इन हमलों ने खाड़ी देशों को ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि अमेरिका से उन्हें सुरक्षा की
19:06जो गारंटी मिली थी वो खोकली थी
19:08और यही वज़ा है आज ये देश अमेरिका के साथ अपने रिष्टे को लेकर विचार करने लगएंगे बहुत बड़ा ट्रांजिशन
19:15है
19:15साओधी अरब जिस तरह से अब सोच रहा है उसी तरीके से अगर आप देखे हैं तो ये पूरा मामला
19:21बदलता हुआ दिख रहा है
19:38स्टेट इंफ्रस्रक्ट्चर निवेश फंड में डाले गए अब हुआ ये कि ये खाडी देशों को तो फाइदा हुआ लेकिन अमेरिका
19:46को जादा फाइदा नहीं हुआ
19:47अमेरिका ने सुरक्षा की गारेंटी के नाम पर इन खाडी देशों से काफी डॉलर्स वसूले
19:53लेकिन अब जब इरान ने इन देशों के oil infrastructure को निशाना बनाया है तब ऐसा लगता है कि ये
19:58Middle East में अमेरिका की hegemony यानि उसके दवदवे को कमजोर कर देगा
20:02क्योंकि ये पूरे विश्व के world order में एक बहुत बड़ा बदलाव आ जाएगा अगर UA, सौधी अरब जैसे देश
20:11अमेरिका की चाया से बाहर निकल आएंगे
20:14क्योंकि इरान की यही शर्थ है कि ये तमाम देश जो अपनी जमीन अमेरिकी बेसस के लिए देते हैं, ये
20:20तमाम देश जो अमेरिका से अपने अच्छे संबंद रखते हैं, ये तमाम देश जो सुरक्षा की गारंटी अमेरिका से लेते
20:27हैं, वो उसके खिलाफ हो जाएए
20:48झाल झाल झाल
21:22इरान ने दावा किया है कि उसने मिडल इस में अमेरिके ठिकानों और इसराइल पर इस हफते का सबसे बड़ा
21:27हमला किया है
21:29इरान इसे 44 वेव आफ अटाक यानी 44 वा लहर अपने हमले का बता रहा है
21:38जिसे इसराइल में 10 लोगों की मौत के खबर आ रही है जबकि 33 लोग इन हमलों में खायल हुए
21:42है
22:22सउदी अरब ने दावा किया है कि इरान के 28 ड्रोन्स ने उसके हवाई क्षेतर का उलंगन की
22:28जबकि UAE ने कहा है कि इरान के हमलों में इस बार कुछ होटेल्स को निशाना बनाया गया है
22:34और बहरेन का कहना है कि 28 फरवरी से लेकर अब तक उस पर 114 मिसाइलों से हमला हो चुका
22:41है
22:42इन हमलों के बीच अमेरिका की सेंट्रल कमार्ड ने बताया है कि पश्चमी इराक में उसका केसी 135 एरक्राफ जो
22:50है वो क्रैश हो गया है
22:52जिसमें 6 से 4 अमेरिकी सेनिकों की मौत हो जबकि 2 सेनिकों की अब भी तलाश है
22:57इस एरक्राफ को केसी 135 स्ट्राटो टैंकर भी कहते है जो आस्मान में रिफ्यूलिंग यानि लडाकों मानों में इंदन भरने
23:06का काम करता है
23:07इस एक एरक्राफ की कीमत है 692 करोड रुपए और अभी दावा है कि इरान के प्रॉक्सी संगठन इस्लामिक रिजिस्टेंस
23:17इन इराक ने इसे अपना निशाना बना रहे है
23:20अमेरिका इसे एक आतंकवादी संगठन मानता है जिसे इरान ने इराक में खड़ा किया
23:27इस संगठन में कतैब हेजबुला जैसे प्रॉक्सी भी आते है जो अब इरान की तरफ से इराक में युद्ध लड़ने
23:33का काम कर रहे है और इससे आप ये भी समझ पाएंगे
23:35कि इरान सिर्फ एक जगा पर ये युद्ध नहीं लड़ रहा है उखाडी के देशों पर हमले कर रहा है
23:42और इधर भी आप देखे रहे है इरान के मिडल इस में इतने प्रॉक्सी संगठन है जो उसके साथ मिलकर
23:48इस युद्ध में अमेरिका और इसराइल को निशाना बना र
24:05गया है जो कुर्दिस्तान क्षेतर में मौजूद है इराग के एर्बिल में ही इरान ने फ्रांस के सैनिटेकानों को निशाना
24:12बना दिया है जिसमें उसके एक सैनिक की मौत हो गई है जबकि इरान पर आरोफ है कि उसने तुर्किये
24:19पर भी बलेसिक मिसाइल जगी है जो ने�
25:02कितनी भयावा हो जाएगी
25:07अमेरिका इस बात को माने या ना माने
25:10लेकिन हकीकत यही है कि एरान इस युद्ध की आज से नहीं बलकी 23 साल से तयारी करना
25:16साल 2003 में जब अमेरिका के दखल के बाद एराक मुसर्दाम हुसेन की सरकार का पतन हुआ
25:22उसी दिर एरान इस बात को समझ गया दो
25:26कि अगर पूरी सकता एक व्यक्ति के आसपास केंत्रित रहे तो वो देश उस व्यक्ति के हटते ही युद्ध में
25:33बुरी तरह हाल सकता है
25:39लेकिन इरान ने इस पर काम किया इराक के उस संकट से इरान ये भी समझ गया था
26:12कि अमेरिका अक्सर किसी देश के शीर्ष नेत्रेतों को हटाने पर ध्यान देता है
26:14हार हो जाती है
26:15अमेरिका की इसी युद्नीती का जवाब खोजने के लिए
26:18इरान ने अपनी एक नई वोड डॉक्ट्रीन बनाई
26:21जिसे मुजेक डिफेंस डॉक्ट्रीन कहा दो
26:23इस डॉक्ट्रीन का मकस्त था ऐसी विवस्था त्यार करना
26:28जिसमें सिर कटने पर वो पूरा जो शरीर बचा है
26:32वो अपना काम करता है
26:33उस वक्त इस्लामिक रेविलूशनरी गार्ड कॉप्स के कमांडर इन चीफ
26:37मेजर जेनरल मुहमद अली जाफरी ने मुजेक अर्ट से प्रेर ना लिए
26:42यह वो कला होती है जिसमें सैक्डों यह जारों चोटे-चोटे-चोटे टुकडों को मिलाकर एक बड़ी तस्वीर बनाई जाती
26:50है
26:50और अगर इन में से कुछ टुकडे हटा भी दिये जाए तो बड़ी तस्वीर जो है वो पूरी तरह से
26:56नश्ट नहीं होती है
26:57इरान ने तैय किया कि वो युद के लिए खुद को मुजेक की तरह तयार करेगा जिसमें एक सिर अगर
27:03युद में कट भी जाए तो उसकी जगा और नए सिर खड़े हो जाएंगे
27:08बल्कि ये कहा जाता है इरान के बारे में कि वो सिर्फ प्लान B नहीं रखता है वो प्लान C,
27:13D, E, F अगे तक तयारी रखता है
27:17इसके लिए इरान में हर सेने और शसस्त्र बल्कि टुकडी के एक नहीं बल्कि तीन-तीन उतराधिकारी चुने गए
27:25ये तैह हुआ कि एक कमांडर मारा जाएगा तो उसकी जगह लेने के लिए पीछे तीन कमांडर खड़े रहे
27:33इसके अलावा इरान ने अपने सभी 31 प्रांतों को 31 यूनिट्स में बाटा
27:38उनके लिए अलग से रक्षा बजट बनाया उन्हें भरपूर हतियार दिये
27:43सबको यही बताया गया कि अगर भविष में इरान में शीर्ष नेत्रत्वा खत्म हो जाता है तो इरान युद्ध लड़ना
27:50बन नहीं करेगा
27:51हर सैन्य टुकडी अपने अपने स्तर पर दुश्मन के खिलाफ युद्ध को जारी रखेगी
27:58कि किसी टुकडी को युद्ध लड़ने के लिए उपर से आदेश लेने के लिए इंतजार नहीं करना होगा
28:04हर सैनिक
28:06हर सैनिक वहाँ पर नेत्रतों करेगा
28:09इसी वार डॉक्ट्रीन का नतीजा है कि आज बड़े से बड़े हमलों के बावजूद इरान जवाबी हमले पर कर पा
28:14रहा है
28:15और वो एक मोजेक की तरह है
28:17जिसमें कुछ टुकडे
28:19चाहे वो कितने भी बड़े हो
28:22कुछ टुकडे हटाने से पूरी तस्थीर खराब नहीं
28:24जिस वक्त ये वो डॉक्ट्रीन बनाई गई थी
28:26तब इरान में इस बात पर भी मंतन हुआ कि
28:28अगर हर सैनिक टुकडी स्वतंत्र होकर
28:30हमले करने लगेगी तो इरान कैसे
28:47भी मौमद अली जाफरी ने ढूंडा था
28:49उन्होंने ये नियम बनाया कि युद्ध को तभी
28:51रोका जाएगा जब नए सुप्रीम लीडर का चुनाओ हो जाएगा
28:55और वो सुप्रीम लीडर खुदा करेंगे कि अब इरान
28:58इस युद्ध को रोकता है अब इरान में
29:15इरान पर अपने हमलों की गती को कब नहीं किया है
29:18राश्रопती टॉंप ने कहा है कि अमेरीका इतनी ताकत के साथ
29:21इरान पर हमले कर रहा है कि इरान बहुत ज़ल सरेंडर करतेगा
29:24अब खुद देखिया आज एरान में इस्राईल और अमेरीका ने कैसे हमले किये
29:54आज जिस वक्त तेहरान में फिलिस्तीन के समर्थन में राली निकाली जा रहे थी
29:58उसी दौरान इसराइल के लडाकू विमानों में राली में एक अठा हुए लोगों पर बंबारी की
30:03और इरान के सरकारी टीवी का ये भी आरोप है कि इसराइल अब इरान के आम लोगों की जाने ले
30:09रहा है पूरी दुनिया इस नरसंगहार को चुपचाप देख रहे है
30:50तेरान की जिस राली में ये धमाका हुआ उसे अलकुद्स डे राली भी कहा जाता है
30:54ये वही दिन है जब रमजान के आखरी जुमे को फिलस्तीन के समर्तन और जरुसलेम के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन
31:01किये जाते है
31:02इसे अलकुद्स डे इसलिए कहा जाता है क्योंकि एरान के पहले सुप्रीम लीडर रोहला खुमनाई ने साल 1989 में कहा
31:13था
31:14कि दुनिया भर के मुसल्मानों को रमजान के आखरी जुमे पर फिलस्तीन की आज़ादी के लिए सडकों पर आकर आंदोलन
31:22करना चाहिए
31:22और जानते हैं ये दिन एरान में तो मनाया ही जाता है लेकिन इसी के साथ ये दिन हमारे देश
31:29भारत में भी मनाया जाता है
31:30आज अलकुद्स डेप के मौके पर सिर्या, इराक, साओधी अरब, युवेई, कटर, कुवेद, बहरेन और इराक से ऐसी तस्वीरे नहीं
31:38आई
31:39जैसी तस्वीरे जमु कश्मीर के बडगाम में देखने कुए
31:42पर गाम में फिलिस्तीन की आजादी के लिए एक बहुत बड़ी रैली निकाल गई
31:47जिसमें बच्चों से लेकर कई महिलाएं शामिल हुई, इससे आप ये समझ पाएंगे कि हमारे देश में कुछ लोगों को
31:53फिलिस्तीन की कितनी फिक्र है
32:12बाल का, ऑ्रादीे!
32:28अजादीे!
32:42आधाल, लूर्ण, लूर्ण, लूर्णम, हम तुमारे साथे..
32:46खैर 28 फरवरी को जब ये युद क्षूरू हुआ था तब राश्रपदी टॉम्प ने कहा था
32:51कि आहित उल्ला, खामने की मौत के बाद ईरान के कुछ नेता बंकर में ठिपकर बैठ के बैड़ गए
33:03आज तेहरान में जब अलकुट्स डे के मौके पर एक मार्च निकाला गया तब इसमें शामिल होने के लिए इरान
33:09के राश्रपती मसूत पिजशकियान और इरान की नाश्रल सेक्यूरिटी काउंसल के सचिफ अली लारीजानी समेत आयार जीसी के शीर शदिकारी
33:18सडकों पर उत
33:20उन्होंने अमेरिका को ये कहा कि वो उसके हमलों से दर्ते नहीं हैं किसी ने कल्पना नहीं की दी कि
33:25इरान के नेता इस तरह से अमेरिका को आखे दिखाएंगे राश्रपती ट्रॉम को ऐसी तस्वीरों से जवाब दिया जाएगा लेकिन
33:31ये हुआ और इससे ये भी पता चल
33:34कि युद्ण सिर्फ हतियारों से नहीं लडा जाता है, युद्नारेटव से लडा जाता है।
33:41और अभी इस नारेटिव वार में इरान अमेरिका पर भारी पड़ता देख रहा है क्योंकि इस नारेटिव के जरीए वो
33:48अपने देश के लोगों को विरोध में उतरने से रोख पा रहा है देखें
34:10तराम मुखकल ची अज़ अगल श नमीरिस के मिलत अیरान मिलत मशीद है
34:15मिलत गवी है
34:38आज जब ये युद अपने दो हफ़ते पूरे कर रहा है तब ये समझना भी ज़रूरी है कि ये युद
34:43लंबा क्यों खिच सकता है
34:44असल में कोई भी युद तभी समापती की ओर जाता है जब उसमें शामिल दो पक्षों में से कम से
34:50कम एक पक्ष थोड़ी नर्मी दिखाए
34:52थोड़ा सा कम आक्रमक तेवर दिखिया
34:56लेकिन इस युद में ऐसा बिलकुल नहीं हो रहा
35:11कि एरान लगबग हार मानने वाल है
35:14वो एरान को कैंसर भी बता रहे है
35:16और यह कह रहे हैं कि जैसे कैंसर को खत्म करना जरूरी होता है
35:20वैसे एरान को खत्म करना जरूरी है
35:22एक और बयान
35:23जिसमें राश्वती टरम्प ने कहा है
35:25कि अमेरिका अगले एक हफ़ते में इरान पर बहुत बड़ा हमला कर सकता है
35:28जिसका मतलब यह है कि अमेरिका इस युद को फिलहाल खत्म करने के मूड में नहीं देखा है
35:34दूसी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजिमिन नेतन्याओ
35:37जिन्होंने इरान के नए सुप्रीम लीडर मुच्टबा खामनई को खत्म करने की धमकी देड़ा लिया
35:43और ये भी कहा है कि इसराइल तब तक इरान पर हवाई हमले जारी रखेगा
35:48जब तक उसकी मिसाल शम्ता पूरी तरह समातना हो जाए
35:52यानि इसराइल भी यही संकेत दे रहा है कि वो ये युद अभी खत्म नहीं करेगा
35:57और मुच्टबा खमनई को भी जान से मारने के संकेत साफ दिख रहे है
36:03और इरान तो चाहता ही है कि ये युद जादा जादा दिन चले लंबा खीचे
36:07और इसके कारण कच्छे तेल की कीमते प्रती बारल दोसो डॉलर तक पहुं जाए
36:12आज इरान की IRGC यानि इसलामिक रवलुशनरी गार्ड कॉप्स के प्रवक्ता ने धंकी दी कि अगर इरान के उर्जा तिकानों
36:19पर हमला हुआ
36:20तो पूरे मिडली इसके तेल और गास से जुड़े जितने ठिकाने उनको निशाना बनाया जाएगा
36:24ये बयान तब आया है जब राश्रपती ट्रॉम्प ने इरान के बिजली ठिकानों को तबाह करने की बात कही है
36:31सुने
36:33We've struck over 5,000 targets to date, some of them very major targets
36:38and we've left some of the most important targets for later in case we need to do it
36:43if we hit them it's going to take many years for them to be rebuilt
36:48having to do with electricity production and many other things
36:52so we're not looking to do that if we don't have to
36:56but they're the kind of things that are very easy to hit but very devastating if they are hit
37:01we are waiting to see what happens before we hit them
37:05we could take them all out in one day
37:07We're already now, it can be said in the past
37:12this is not the same Iran, this is not the same
37:15we do it
37:18इस्राइल, अन्हों लो बेखकीम, अन्हों युजबीम, अन्हों तुक्फीम वानखो उसीम जोत बात्समा शे लो अया क्मुता
37:29हम हमला करने वाली सरकार और उसके सभी साथियों को चेतावनी देते हैं
37:33अगर इस्लामीक रिपब्लिक और फिरान के उर्जा ढाचे या बंदरगाहों पर जरा सा भी हमला किया गया
37:39तो हमारा जवाब बहुत कठोर और विनाशकारी होगा
37:41अगर ऐसा हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र के तेल और गैस के धाचे जिन पर अमेरिकार उसके पश्चिमीश सहीोगी निर्भर
37:48है
37:48उन्हें आग लगा दी जाएगी और नश्ट कर दिया जाएगा
38:11कि युद्ध अमेरिका की और और नहीं आता बलकि अमेरिका खुद युद्ध की तरफ जाता है
38:17पूरी दुनिया में रक्षा बजट और हत्यारों पर जितना पैसा खर्च किया जाता है
38:22उसमें अकेले 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की
38:28दुनिया में अमेरिका के 800 से ज़ादा सेने ठिकाने है
38:31और दुनिया में जब भी कोई युद्ध शुरू होता है
38:34तो उसका सीधा फाइदा अमेरिका को मिलता है
38:37ऐसे युद्ध के कारण कई देश अपनी सुरक्षा को लेकर दबाव में आते है
38:41वो नए हतियार खरीदने के लिए अपना रक्षा बजट बढ़ाते है
38:45और ये नए हतियार जिस देश त्वारा बेजे जाते हैं
38:48उनमें सबसे उपर है अमेरिका
38:51और हमने पहले भी आपको ब्लाक इन वाइट में ही दिखाया था
38:55कि जो लोग हतियारों की होड में रेस में गुश जाते हैं
38:59वो वैसा ही है जैसे आग बुझाने के लिए आप पिट्रोल की खरीददारी शुरू करें
39:03बढ़ा दे
39:04देगे सिपरी के मुताबिक 2003 के एराक यूद से पहले
39:22और इसके कारण कई देशों ने अपना जो डिफेंस बजट है रक्षा बजट है वो बढ़ाया
39:26तो इसी आम्स एक्सपोर्ट में रश्या की हिस्सेदारी घटकर हो गई
39:3025% अमेरिका की 31% पर रही
39:4921 से 25 के भी जब यूक्रेन यूद हुआ यूरप समेट कई देशों ने अपना रक्षा खर्च बढ़ाया
39:54तो फिर से इस यूद के कारण अमेरिका को काफी फायदा हुआ
39:57इस दोरान आम्स एक्सपो में अमेरिका की हिस्सेदारी 36% से भी आगे बढ़कर 42% हो गई
40:06और अब भी ये जो यूद चल रहा है इसके कारण दुनिया में हत्यारों की नहीं मांग पैदा होगी
40:10क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा आमस एक्सपोर्टर है इसलिए उसे भी इसका ज़्यादा फायदा होगा
40:16कई रिसर्च पेपर्स बताते हैं कि दूसरे विश्वयूद वर्ल्ड वार टू के दौरान अमेरिका की 30-40% अर्टववस्था डिफेंस
40:26सेक्टर रक्षक शेतर पर निर्भर थी
40:28और जब ये दूसरा विश्वयूद खत्म हो रहा था तब अमेरिका को इस बात की काफी चिंता हुई
40:33कि वो अपनी इस अर्टववस्था को कैसे बचाएगा और इसी के बाद उसने सोवियत संग के खिलाफ कोल्ड वार टीए
40:42इसके लावा जिस वेतनाम युद से अमेरिका का कोई संब्द नहीं था
40:46वहाँ कम्यूनिजम के खिलाफ अमेरिका की सेना युद लड़ने पहुँच गई
40:50उस युद को अमेरिका ने 20 साल तक लड़ा था
40:53यह वही समय था जब अमेरिका में डिफैन्स लॉबी बहुत मजबूत थी
40:57अमेरिका की सेरा के बड़े-बड़े अधिकारी
41:00डिफैन्स कंपनी इसके बोर्ट मेंबर्स बन गए
41:02वो यह तैय करने लगे कि अमेरिका कौन सा हत्यार बनाएगा
41:08किसको बेचेगा
41:10अमेरिका ने शांती की कई बातें के
41:14इसके लिए एक विवस्था भी बनाई लेकिन आप खुद सोची अमेरिका खुद
41:17कब इस विवस्था का पालण करता है
41:20अमेरिका ने यूद को ना सिर्फ वार मशीन बनाया
41:23बलकि अपने दबदबे का जर्या भी
41:26आज अमेरिका को क्यानदा भी चाहिए, उसको ग्रीन लाइन भी चाहिए, वो गल्फ अफ मेक्सिको को गल्फ अफ अमेरिका घोशत
41:33कर चुका है
41:34वेनेज़वेला के कच्छे तेल का भंडार पर अपना हक जताता है, यूक्रेन पर दुल्लब खनेजों के लिए दबाव बनाता है,
41:40इरान के बाद क्यूबा पर हमला करने की धमकी देता है, दुनिया पर मनमाने टारिफ लगाता है, कई देशों को
41:47जबरदस्ती निवेश करने
41:49के लिए मजबूर करता है, फिर ये भी तै करता है कि कौन सा देश परमानू हतियार और मिसाइले बनाएगा
41:56और कौन सा नहीं, आप खुद सोचें, क्या ये लोक्तांत्रिक्स वभाव है, इस युद्ध की शुरुआत से पहले तक हर
42:05को यही मान रहा था, कि इरान अकेले अम
42:17कामने की मौत के बाद इरान सरेंडर कर देगा, लेकिन ये सारे अनुमान धरे के धरे रह गए, और अमेरिका
42:23इरान के जिस नूट्लियर प्रोग्राम को जड़ से मिटाना चाहता था, वो नूट्लियर प्रोग्राम अब उसके लिए बहुत बड़ा सिर्दर्द
42:30बन सकता है,
42:32New York Post की एक नई रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया है कि इरान ने पहाडों के पीछे, पिकैक्स
42:39माउंटन नाम का एक बंकर बनाया है, ये बंकर जमीन की सतह से 330 मीटर नीचे और कहा जा रहा
42:45है कि इरान ने जो 7 प्रतिशत यूरेनियम इंरिच किया था, वो यूरेनिय
42:50अब उसने इसी बंकर में शिफ्ट कर दिया है, इंटर्नाशनल अटॉमिक एनरजी एजनसी के प्रमुक रफाल ग्रॉसी का कहना है
42:57कि उन्होंने जब इस बंकर के बारे में इरान से सवाल पूछे, तो इरान ने कहा था कि इस बंकर
43:02से इस एजनसी का कोई मतलब नहीं होना च
43:13हो सकता है, अगर वो 90 प्रतिशत तक इंरिच हो जाए, तो इससे 11 परमाणू खतियार बन सकते हैं और
43:20अब यूएस इंटेलिजेंस ने इसे एक बड़ा खत्रा बताया है, खत्रा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि ये बंकर जितनी
43:27कहराई में बनाया है, उसे नश्ट करने के
43:40जबकि ये बंकर तो 330 फीट नीचे मौजूद है, और इसे में बड़ा सवाल यही है क्या अब राश्रपती ट्रम्प
43:47इस यूरेनियम को अपने कबजें में लेने के लिए अमेरिका की सेना को इरान भेजेंगे, अगर ऐसा होता है, तो
43:56क्या ये यूद कई महीनों साल तक चल
43:59सकता है, और अमेरिका यहां ये भी जानता है कि वो 20 साल तक अफगानिस्तान में यूद लड़कर देख चुका
44:05है, जिसमें उसे सफलता हासल नहीं हुई, और गुरिला वार में तालिबान उस पर हावी रहा, और इरान भी गुरिला
44:12वार लड़ने में माहिन माना जाता है, �
44:29यानि जब से रबजान शुरू हुआ है, दोनों ही मुस्लिम देश एक दूसरे पर हमले किये जा रहे हैं, अब
44:36हमले तेस करते हुए पाकिस्तान की वाई उसेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और जो आसपास के इलाके हैं, उनको
44:43निशाना बनाया, पाकिस्ता
44:55पाकिस्तान से उमीद क्या की जा सकते हैं, अफगानिस्तान कह रहा है कि रहाईशी घरों के टागिट में महिलाओं और
45:02बच्चों समेट चार लोगों की मौत हो गई है, तालिबान का कहना है कि रमजान के पवित्र महीने के आखरी
45:08जो दस दिन है, और ईद से पहले एक तरह क
45:12करूरता ये दिखाती है कि पाकिस्तान इंसानियत को मानता ही नहीं, अब अफगानिस्तान इसका कड़ा जवाब देगा, तालिबान के मताविक
45:19पाकिस्तान एक अंदहार एपोर्ट के पास निजी एलाइन काम एर के जो फ्यूल डेपो है, उस पर भी वंबारी की
45:28है, इस डे
45:48क्या है
46:21इसके जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान की कई शेहरों को निशाना बनाया
46:25उसने कोहाट में मिलिटरी फोर्ट और कमांड सेंटर्स पर ड्रोन हमले किये
46:30तालिबान का दावा है कि इसमें पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है
46:34तालवान ने चेताबनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाशा में करारा जवाब मिलेगा
47:20पाकिस्तान के अधिकारी ने पाकिस्तान के इसलामाबाद, कराची, क्वेटा जैसे शेरों पर अब हमले की धंकी देडाली है
47:30बल्ख प्रांत में तालवान के गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जाहिद ने ये चेताबनी जारी की
47:36जाहिद बल्ख के तालवान गवर्नर हाजी युसफ वफा की तरफ से ये बयान देते है
47:43हाजी इस सुफफ़ा को तालिबान के सरवोच नेता है बतल्ला अखुनजादा का करीबी माना जाता है
47:49और उत्री अफगानिस्तान में उन्हें बहुती शक्तिशाली एक ताकतवर नेता के तोर पर देखा जाता है
47:55यह बयान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पढ़ते हुए तनाव की ओर इशारा करना है
48:00तो आज के लिए ब्लाक और वाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी
48:03कल रात 9 बजे तब तक आप खुश रहें, स्वस्थ रहें और सुरक्षत रहें
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