00:00હરંદ હણદ હતાધે હ૫ાધંશાદ હતેનાંદ હરાંદ હતાઈ
00:09and the wife came to the door.
00:14But one day, the wife came to the name of Nishachari.
00:25A lady came to the name of Nishachari.
00:28A man came to the name of Nishachari,
00:30and a man came to the name of Nishachari.
00:34Chandra Sen has made her own way
00:35foreign
00:44foreign
00:44foreign
00:45foreign
00:45foreign
00:53लेकिन जितनी जंगें उसने जीती, उतनी ही अपने घर की चिताएं भी जलाई
01:03चंदर सेन फिर लोटा निशाचरी के पास और कहा, इस चुडैल को मार दो, निशाचरी हंसी और बोली
01:10मारना मुमकिन नहीं महाराज, ये तो पहले से ही मृत है, इसे बस कायद किया जा सकता है
01:18काले जादू की पुडिया, एक पौधा और मिट्टी के नीचे कायद कर दिया गया उस चुडैल को
01:23जब तक ये पेड जमीन पर खड़ा रहेगा, इसकी जड़े उसको रोक कर रखेंगी
01:31सदियाम भी थी, राजा भी मिट्टी में समा गया, निशाचरी की हंसी भी खामोश हो गई
01:37पीडियों तक लोग उस शापित पेड से दूर रहे, लेकिन फिर आया साल दो हजार पच्चीस
01:43एक कमपनी ने वो जमीन खरी दी, वहां मौल बनाने के लिए
01:47और आखिरकार उस शापित पेड को जड़ समेत उखाड दिया गया, 600 साल बाद वो वापस आ चुकी है, और
01:55कहानी यहीं से शुरू होती है
Comments