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00:23ुपिशन गन जिले की है। जिला मुख्याले के पास ही मोती बाग कर्वला है जिसकी आबाती लगभग 500 है। ये
00:33खुद को इंडियन इरानी कहते है।
00:42करीब 500 साल पहले इनके पुर्वज इरान से भारत आये। वो दौर मुखलों का था। ये सिलसिला वर्षों तक चलता
00:51रहा। देश के कई हिस्सों में इरानी रहते हैं। जो अब मूल रूप से भारती है।
00:57हलाकि किशन गंज के मोती बाग करवला में रहने वाले शिया मुसलिम पूर्णिया से होते हुए यहां पहुँचे हैं। दिल
01:05में हिंदुस्तान रखते हैं।
01:22जो लोग पहले खाना बदोश की जिन्दगी जीते थे अब उनका व्यवसाई है।
01:28बच्चे भी सिक्षा की ओर रुख कर चुके हैं। हलाकि इरान में जो हमले हो रहे हैं उसकी निंदा कर
01:36रहे हैं।
01:48यूद के बीच भार्सी भाषा में बात करने वाले और इरान की संस्क्रिती को अपने दिल में बसाए ये लोग
01:56एक बार फिर से सुर्ख्यों में आ गए हैं।
02:01इटवी भारत के लिए किशन गन से शुभोजीत शेखर की रिपोर्ट।
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