Skip to playerSkip to main content
  • 3 hours ago
ईरान को वो द्वीप जिसपर हमले हुआ तो तीसरा विश्व युद्ध तय, देखें वारदात

Category

🗞
News
Transcript
00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03एक एरानी लेखक ने उसे नाम दिया था
00:06दा ओर्फन पर्ड आफ पर्शियन गल्फ
00:09यानि फारस की खाड़ी का अनाथ मोती
00:12एरान की सरहदी जमीन से सिर्फ 28 किलोमेटर दूर
00:16एक ऐसा दीब है जिस पर पूरा इरान खड़ा है
00:21पिछले तेरा दिनों से इसराइल और अमेरिका
00:23इरान के अलग-अलग ठिकानों पर चुन-चुन कर बम गिरा रहा है
00:28लेकिन क्या मजाल जो वो इस छोटे से दीब पर एक भी बम गिरा दे
00:32जानते हैं क्यों क्योंकि इस दीब पर हमले का मतलब है
00:36सीधे तीसरा विश्वयूद
00:48ये भारत में मौजूद खूबसूरत अंडमान में को बाद दूद है
00:54अंग्रेजों के जमाने में इसे काला पानी भी कहा जाता था
00:57वो इसलिए क्योंकि अंग्रेज उनके खलाफ आवाज उठाने वाले आजादी के परवानों को इसी दूइप में बने जेल में रखा
01:06करते थे
01:08ये अंडमान निकोबार से हजारों किलोमेटर दूर इरान के बुशर बंदरगा से 55 किलोमेटर आगे
01:15और इरान की सरहदी जमीन से सिर्फ 28 किलोमेटर के फासले पर और्फिन पल अफ दा परशियन कल्फ यानि फारस
01:24की खाड़ी का अनात मूदी है
01:26वैसे इसका असली नाम खारग आईलन्ड है जिसे कभी खारक, हाराज या खारेच के नाम से भी जानागे
01:36सिर्फ 8 किलोमेटर लंबा और 5 किलोमेटर चोड़ा ये वो दीब है जो अमेरिका, इसराइल और इरान के भी जारी
01:44जन्ग को ना सिर्फ तीसरे विश्वयुद में बदल सकता है
01:48बलकि पूरी दुनिया को तिल तिल के लिए तेल से दरसा सकता है
01:57अगर इरान पिछले 13 दिनों से सुपर पावर अमेरिका और इसराइल से एक सार लोहा ले रहा है
02:03तो सिर्फ और सिर्फ इसे एक आईलेंड की विजा से
02:08ये सिर्फ एक आईलेंड नहीं है बलकि इरान की लाइफ लाइफ लाइन है
02:12दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उत्पादन करने वाले इरान के तेल का 90 फीसदी कारोबार इसे एक छोटे से
02:21दूइप से ही चलता है
02:24बस यूं समझ लीजिए कि अगर इस आईलेंड पर अमेरिका या इसराइल ने गलती से भी हमला कर दिया
02:30तो एक साथ चार चीज़े होगी
02:42तीसरा विश्विजुद पूरी मिडिलीस्ट की बरबादी पूरी दुनिया में देल के लिए हाहकार और इरान का कंगाल होगा
02:53दरसल अमेरिका के लिए खार आईलेंड एक रिड लाइन ने एक ऐसी लक्षमन रेखा जिसे न ट्रम पार कर सकते
03:00हैं
03:00न उनसे पहले के किसी अमेरिकी राश्रपती न पार करने की कोशिश की
03:06क्योंकि अंजाम सब को पता है इस आईलेंड पर हमले का मतलब है इरान का ऐसा पलटवार जो इससे पहले
03:13कभी दुनिया ने देखी ही ना
03:15बस यही वज़ा है कि जंग के 13 दिन बीच चुके हैं इरान अब भी अमेरिका और इसराइल को खायल
03:22कर रहा है
03:22अमेरिका और इसराइल मिलकर इरान के तमाम ठिकानों पर बंबारी कर रहे है लेकिन इस एक आईलेंड पर इन 13
03:30दिनों में अमेरिका और इसराइल ने एक भी बंब नहीं गिरा है
03:34बलकि उल्टे आलम ये है कि एक तरफ पूरा इरान जंग लड़ा और दूसरी तरफ उसे इरान के इस छोटे
03:41से दूइब से आम दिनों के तरह अब भी दूनिया को तेल की सप्लाई जारी है
03:53आखिर क्या है ये खारगदीब और क्यों इतना एहम है कि इस एक दूइब पर हमले से तीसरा विश्वियुत छड़
04:00सकता है
04:01और सबसे बड़ा सवाल ये कि ये दूइब एरान के लिए इतना खास क्यों है
04:06और अमेरिका और इसराहिल को ये खौफ क्यों है कि इस एक दूइब के चलते पूरी दुनिया जंग की चपेट
04:13में आ जाएगी
04:13तो चलिए आठ किलो मिटर लंबे और पांच किलो मिटर चोड़े इस दूइब की वो कहानी सुनाता हूँ
04:20जिससे सुनने के बाद आप खुद ये मानने को मजबूर हो जाएंगे कि एक दूइब पूरी दुनिया को तीसरे विश्वयुद
04:27में चोग सकता है
04:31पूर्टगालियों और डच इस्ट इंडिया कमपनी से होते हुए कई हाथों से गुजर कर ये छोटा सा खार्ग आइलेट बीसवी
04:38सदी में इरान का हिस्सा बना
04:411925 से 1941 तक इरान के शाहर है रदाशा पहलवी के दोर में इस दूइब का इस्तमाल राजनीतिक कैदियों को
04:49रखने के लिए किया जाता था
04:51क्योंकि ये इरान की सरहदी जमीन से अलग एकांत में एक ऐसा दूइब था जैसा ठीक अंग्रेजों के वक्त अंडमान
04:58निकोबार यानि काला पानी
05:00हालांकि रदाशा पहलवी की हकूमत से करीब 17 साल पहले हैं 1908 में इरान में तेल के भंडार का पता
05:08चल चुका था
05:09लेकिन इरान में असल में मौडरन पेट्रोलियम दोर की शुरुआत 1958 में हुए जब उन्हें तेल और गैस की एहमियत
05:16का अंदाजा हुए
05:171960 तक विदेशी निवेश और कमपनियों की मदस से इरान एक बड़े आयल एक्सपोर्ट सेंटर के तोर पर उभरना शुरू
05:24हुए
05:39जो को पाइपलाइन के जरीए एक ऐसी जगा पहुचाना जहां से बड़े बड़े जहाजों में उस तेल को दुनिया के
05:45बाजार तक पहुचाया जा सके और तभी इस छोटे से दीब यानि खार्णी के खिसमत चमक उठी
05:52दरसल दुनिया भर के जिन बंदरगाहों पर बड़े बड़े जहाज डॉक करते हैं यानि आकर लंगर डालते हैं उन जहाजों
05:59को डॉक करने के लिए उस जगह पर काफी गहराई की जरूरत होती है
06:03इरान के जितने भी बंदरगाह हैं जिन में हौरमस तक शामिल हैं उन सब के मकाबले खार्णी की खासियत ये
06:10है कि ये बहत छोटा होने के बावजूद यहां समंदर की गहराई काफी ज़्यादा है
06:16इस गहराई का फाइदा ये होता है कि तेल ढोने वाले दुनिया के जो सबसे बड़े जहाज होते हैं वो
06:22भी यहां पर आसानी से डॉक कर सकते हैं
06:25बस इस दुईब की इसे खासियत के चलते इरान ने तैकिया कि वो अपने देश का तेल दुनिया के बाजार
06:31में इसी रास्ते से भेजेगा
06:40तैयारी शुरू ही इरान के तेल सप्लाई का सबसे बड़ा टर्मिनल इसी दुईब को बनाने का काम 1960 में इरान
06:48ने एक अमेरिकी कमपनी को दिया
06:50इरान की जो तीन सबसे बड़े इलाके जहां से तेल बाहर निकाला जाता वो अहवास, मरूब और गजसारन है
06:58इन सभी जगों से कच्चे तेल को पाइपलाईन के जरी अब टर्मिनल यानि खार्क दुईब तक पहुचाने का काम शुरू
07:05हुआ
07:05इसके लिए इस दुईब के नीचे समंदर में पाइपलाईन बिछाई गए
07:09धीरे धीरे एक वक्त ऐसा है जब इरान का 90 फीसदी तेल इस ये एक दुईब यानि खार्क दुईब के
07:16रास्ते दुनिया के बाजारों तक पहुचने लगा
07:19और ये सलसला आज भी जा रही है
07:21आज ये दुईब इसी तेल टर्मिनल के चलते इरान की लाइफ लाइन बन चुकी है
07:26बस यूँ समझ लीजिए कि अगर ये छोटा सा दुईब जंग का शिकार हो गया
07:31तो ना सिर्फ इरान की पूरी अर्थ व्यवस्था चर्मरा जाएगी
07:34बलकि पूरी दुनिया में तेल में आग लग जाएगी
07:38वज़ा ये है कि अगर इस खार्ग दीब पर हमला हुआ
07:41तो इरान इस हमले का जवाब पूरी ताकत से देगा
07:45क्योंकि उसके पास फिर कुछ बचेगा ही नहीं
07:51अब आप सोच रहे होंगे कि इस एक दीब से तीसरा विश्वियत कैसे हो सकता है
07:57तो इसकी तीन वज़ा है
07:58पहला चुकि ये आईलन इरान की एकोनोमी का सबसे बड़ा स्रोत है
08:03ये इरान के अस्तित्व का सवाल है
08:05जस तेल पर इरान टिका है
08:07उसका 90 फीसदी हिस्सा इसी दीब से दुनिया के बाजारों तक पहुंचता है
08:12ऐसे में इरान सबसे पहले तो हॉमर्स को पूरी तरह बंद करेगा
08:16और दूसरा दीब पर हमला करने वाले देशों पर पलटवार करेगा
08:21अब चुकि अमरिका मिडिलीस्ट के देशों में मौजूद अपने सैनने ठिकानों से इरान पर हमले कर रहा है
08:27तो ऐसे में इरान मिडिलीस्ट के उन देशों पर पूरी ताकत से पलटवार करेगा
08:33दूसरा हॉमर्स के बंद होने के बाद हमले की वज़ा से
08:37अगर खार्ग से भी तेल की सप्लाई बंद हो गई तो पूरी दुनिया बिना तेल के ठप पड़ जाएगी
08:43चुकि खार्ग जीट के तेल का चीन सबसे बड़ा खरीदार है
08:47तो ऐसे में इस हमले के बाद चीन समेथ इरान के बाकी दोस्त जिन में रूस भी शामिल है
08:53इस जंग में कूत पड़ेंगे
08:55क्योंकि बात सिर्फ इरान पर हमले की नहीं होगी
08:58बल्कि अमरिका को इसलिए कटगरे में खड़ा किया जाएगा
09:01कि उसने खार्ग पर हमला कर पूरी दुनिया में तेल का संकट पैदा कर दिया
09:06वैसे भी इरान पहले भी कई बार कह चुका है
09:09बल्कि साफ साफ ये धमकी दे चुका है
09:11कि अगर खार्ग आईलेंड पर हमला हुआ
09:14तो वो तमाम खाड़ी देश के तेल के कुवों में आग लगा देगा
09:18इरान का कहना है कि वो अकेला नहीं डूबेगा
09:20बल्कि पूरी दुनिया की और्जा सप्लाई को तबाह कर देगा
09:24जाहर है ऐसे में जंग यकीनी हो जाएगा
09:29वैसे तेरा दिन की जंग के बाद भी इस दीप पर
09:31अमरिका या इसराइल के हमला ना करने के पीछे
09:34एक्सपर्ट्स दो वज़ा बता रहे है
09:36पहली अमरिका की ये पुरानी रेड लाइन है
09:39कि जिस देश पर हमला करो उसे कमजोर तो कर दो
09:42लेकिन उसके अर्थ वेवस्ता की बनियात को बर्बाद बत करो
09:46दूसरा एक खबर ये भी है
09:48कि अमरिका की इस खार्ग दीप पर शुरू से नजर है
09:51वो इसे हत्याना चाहता है
09:52और इसलिए बर्बाद नहीं कर पा रहा
10:04हाला कि खार्ग दीप को बर्बाद करना
10:06या उस पर हमले करना इतना आसान भी नहीं है
10:09दरसल इरान की लाइफ लाइन होने की वज़ा से
10:12इस दीप पर सुरक्षा की जो इंतिजाम है
10:14उसे अभूत पूर्व कहा जा सकता है
10:16यह पूरा दीप ही प्रतिबंधित छेत रहे
10:19आम लोग तो छोड़ी बड़े-बड़े सरकारी या सेना के अफसर बिना पूर्व इजासत के
10:25यहां कदम नहीं रख सकते
10:26इरान ने इस आईलेंड को किसी भी हमले से बचाने के लिए
10:30इसे एक खिले में तबदील कर रखा है
10:32यह पूरा दीप इरान की सबसे ताकतवर पोर्स
10:35इरानी रिवरुशनरी गार्ड कॉप्स
10:38यानि आई आर जीसी के कंट्रोल में है
10:40इस दीप पर इरान की सबसे खतरनाक मीजाईले
10:44इस 300 और बावर 373 तैनात है
10:47जो दुश्मनों के किसी भी हमले का पलक जपकते जवाब दे सके
10:51यहां समंदर के नीचे सीक्रिट टरनल और कमांड सेंटर बनाए गए
10:56ताके किसी भी हवाई हमले के दौरान आउपरेशन जारी रहे
10:59आई आर जीसी की फास्ट अटेक क्राफ्ट्स और पंडुब्या
11:0324 घंटे इस बीप के चारों तरफ गश्ट करती रहती है
11:07शायद यही वज़ा है कि खुद इसराइल जो इरान के अलग-अलग तेल ठेकानों और निउकलियर ठेकानों पर बंड़ा चुका
11:14है
11:14उस इसराइल ने भी कभी खार्ट को निशाना बनाने की कोशिश नहीं की
11:20हाला कि ऐसा भी नहीं है कि कभी खार्ट पर हमला नहीं हुआ
11:241980 से 1988 तक आठ साल तक चले इरान इराक युद्ध के दोरान
11:29इराक में सैक्डों बार खारगदीग पर हवाई हमले की
11:33लेकिन इन हमलों के बावजूद इरान ने कभी भी इसे पूरी तरह बंद होने नहीं दिया
11:38कहते हैं कि इरानी इंजिनियरों को खार्ट की पाइप लाइने और ट्रेमिनल ठीक करने में इस कदर महारत हासिल है
11:46यह उन्हें इस तरह की ट्रेनिंग दी गई है कि वो बंबारी के कुछ घंटे के अंदर ही नुकसान को
11:52ठीक कर तेल की सप्लाई शुरू कर देते हैं
12:03खार्ग आइलेंड पर करीब 3 करोड बैरल तेल स्टोर करके रखने की शम्ता है
12:08एक रिपोर्ट के मताबिक जंग के बावजूद अभी इस दीप पर 1.8 करोड बैरल तेल स्टोरिज में मौझूद है
12:16जो आम हालात में 10 से 12 दिनों तक दुनिया के बाजारों में भेजने के लिए काफी है
12:21इरान इस वक्त करीब 33 लाग बैरल कच्छा तेल का प्रोडक्षन करता है
12:26इसके अरावा 13 लाग बैरल कंडेंसेट और दूसरे लिक्विट इंधन का भी प्रोडक्षन करता है
12:32इस एक छोटे से दीप से हर रोज 50 लाग बैरल से ज्यादा तेल बड़े बड़े जहाजों में लोट करता
12:39है
12:39यह दुनिया के उन गिने चुने बंदरगाहों में से एक है जहां दुनिया के सबसे बड़े तेल टैंकर जो 20
12:45लाग बैरल तक तेल ले जा सकते हैं
12:48यहां सीधे डॉक कर सकते हैं गहरे पानी का दीप होने की वजह से यहां दुनिया के सबसे बड़े कुरूट
12:54कैरियर यानि पानी के जहाज आसानी से लंगर डालते हैं
12:58इरान के पास इस खार दीप के अलावा ऐसा दूसरा कोई बंदरगाह नहीं जो इतने बड़े बड़े जहाजों को संभाल
13:05सके
13:05बस यही वजह है कि जंग में हाला जो भी है इरान को फारस की खाड़ी के इस अनाथ मोती
13:13को संभालना जरूरी भी है मजबूरी भी
13:17मनीशा जहा के साथ सुपरती बैनर्ज आज तक
13:26अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी को इरान पर हमले कर जिस जंग की शुरुवात की थी
13:31वो जंग अब सिर्फ इन तीन देशों के बीच नहीं रहे
13:35बलके जाने अन जाने पूरी दुनिया इस जंग की चपेट में आ गई है
13:39इरान ने जिस कीमती हौरमुज रास्ते को बंद कर पूरी दुनिया के तेल में आग लगा दी
13:45अब ज़रा सोचिए अगर उसके अनमोल इस दुईब पर हमला हो गया तो फिर इस दुनिया का क्या होगा
13:56दुनिया के नक्षे पर जमीन के दो टुकों के बीच मौजूद इस पतले से समुदरी रास्ते पर इस वक्त सबकी
14:03निगाहे टिकी है
14:04क्योंकि इसराइल और अमेरिका के साथ जंग के बीच इरान ने इसी समुदरी रास्ते को दुनिया के लिए बंद कर
14:11दिया सिवाए चीन के
14:12सवाल यह है के सिर्फ 33 किलो मीटर चोड़े इस रास्ते को बंद कर देने से क्यों और कैसे पूरी
14:19दुनिया के तेल में आग लग रही है
14:21यह चोटा सा समुदरी रास्ता आख इतना अहम क्यों है
14:27हौरमुज स्ट्रेट यानि हौरमुज का जल डमरू मत्य
14:31जी है यही नाम है इस संकरेश समुदरी रास्ते का जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब
14:38सागर से जोड़ता है
14:39इसके किनारे की बात करें तो इसमें एक तरफ सौधी अरब है और दूसरी तरफ इरान
14:45देखा जाये तो हौरमुज का जल डमरू मत्य महस 33 किलो मीटर चोड़ा है
14:50लेकिन इसी 33 किलो मीटर के छोटे से हिस्से से होकर
14:53दुनिया में करीब 25 फीसदी कच्चे तेल का और 25 फीसदी ही नेचरल गैस का कारोबार होता है
15:00यहां तक कि सौधी अरब, इराब, प्वैद और कतर जैसे देश भी अपना कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के
15:07बाकी हिस्सों में भेजते हैं
15:10अगर भारत की बात करें तो भारत में 40 फीसदी से ज्यादा तेल इसी रास्ते से होकर आता है
15:16इन हालात में जब एरान हॉर्मूज स्टेट को बन कर देता है तो फिर भारत की जरूवत के हिसाब से
15:23तेल की आवा कम होने लगेगा और इससे पेट्रल और डीजल की क्यूनतों का बढ़ना तै हो जाएगा
15:29प्रिश्ट प्रिज देल के जाएगा तेल की का बढ़ना है
16:01ABC uh TV kans NAZней your st White so from a crude oil point of view about 20%
16:08of the whales oilglos through there on a daily basis so to the same fur liquefied natural gas and
16:15slightly higher as well for petrochemical feedstocks as well so things like going to
16:20making dump it so essentially this really narrow chalk point waterway is critical to the global
16:26के यहाल में वेपले हंगिज प्रुपार खुम्क कारूबार के लीजए प्रफट किरिकेस हैं अप्डिसी है क分 know the
16:53दुनिया भर में कारोबार के लिए एहम हॉर्मुज स्टेट के साथ कुछ पुद्रती मजबूरियां भी है जो इसकी खासियत को
16:59और बढ़ा देती है
17:00असल में हॉर्मुज जल्डमरू मत्य की कुल चोड़ाई बेशक 33 किलो मीटर है
17:05लेकिन समंदर के बीड जिस रास्ते से होकर जहाजों की आवाजाही होती है वो बमश्किन 3 किलो मीटर ही चोड़ा
17:13है
17:13दरसल इस जगहा पर समंदर की गहराई बेहत कम है अधिकतम गहराई की बात करें तो 90 मीटर है जबके
17:20नियुनतम गहराई 50 मीटर है
17:23और इतने कम गहरे समंदर से बड़े बड़े जहाजों का गुजरना कोई आसान काम नहीं है
17:28इसलिए तमाम मालवाहक जहाज समंदर के सबसे गहरे 90 मीटर वाले हिस्से का ही इस्तमाल करते है
17:35और ये रास्ता करीब 2 मीटर यानि करीब 3 किलो मीटर चोड़ा है
17:41ऐसे में यहाँ जहाजों की एंट्री भी बारी बारी से हो पाती है
17:46आज तक पिरो
17:51तो वारदात में फिलार इतना ही देश और दुनिया की बाकि खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
Comments

Recommended