00:04नवस्कार आज तक देख रहे हैं आप साथ आपके मैं हूँ अर्पितार है यूँ तो ये पराठा और ये जो
00:08आपको रौनक नजर आ रही है अवाजार की और ये जलता हुआ चूला यूँ तो सामान ने लग रहा होगा
00:13लेकिन युद्ध की तपिश अब यहां भी लोग महस�
00:28पर चिंता की लकीर है क्या आज तो गैस का इंतिजाम हो गया लेकिन कल क्या होगा आज आपको ये
00:34भी बताएंगे यहां भारी तादात में ऐसी दुकाने हैं जहां लोग ये कह रहे हैं कि 30 से ज्यादा दुकान
00:39मैं नौइडा में हूं सेक्टर ठारा में यहां पर 30 से ज्या�
00:48ग्राउंड पर पहुचे हैं आज शंकनाद स्टूडियो में बैठ कर रहीं ग्राउंड पर उतर कर हैं लेकिन सबसे पहले आपको
00:53इस रुपोर्ट दिखा देते हैं उस रुपोर्ट के देखने के बाद अलग अलग शेहरों पर आपको ले चलेंग और दिखाएंगे
00:58कि क्या
00:58वाकई गैस की किल्ण से जूच रहे हैं लोग अगर हां तो कितना और सरकार के दावे क्या है
01:17आदमी का धैर्य अब टूट रहा है आक्रोश तेज दो रहा है और हंगामे की स्थिती बन रही है
01:28यह तस्विरे नॉड़ा की है नॉड़ा में गैस की किल्ला थो रही है जिन्होंने सिलेंडर भुक कर रखाया उन्हें सिलेंडर
01:35मिल नहीं रहा और सिलेंडर मिल नहीं रहा इसलिए लोग आक्रोश तहें
02:01देश की राजधानी दिल्ली भी गैस की किलत से बेहाल है
02:04आक रोज से भरी ये तस्वीरें दिल्ली के गोवेंट पोर इलाके की है
02:08यहां स्थित इंडियन ओयल के सहज इंटरप्राइस एजनसी बंद है
02:12यहीं से गैस सिलिंडर की तपलाई होती है
02:14मगर फिलाल यहां ताला लगा हुआ है
02:16ओनलाइन बुकिंग हो नहीं रही
02:18सिलिंडर डिलिवर करने वाले होकर्स के फोन बंद है
02:20आदमी समझ नहीं पा रहा कि करे तो क्या करें
02:24शिलिंडर की लिए आई है
02:25आपका बुक नहीं हो रहा है
02:27नहीं बुक भी नहीं हो रहा है
02:28यहां पर बंद है
02:30बंद है बंद करके भग गए लोग
02:48चूडियों के शहर सिरोजबाद पर भी स्थिती बिगड़ रही है
02:51गैस के किलत की वज़ा से 35 चूड़ी कारखाने बंद हो गए है
02:54बाखी के बचे कारखाने भी बंद होने की कगार पर है
03:20इन दौर की तस्वीरे देखे लोग लंबी लंबी लाइन लगाए खड़े हैं
03:24इंतजार में कि सिलिंडर मिल जाए
03:49इन दौर में खाने पीने के लिए 56 मार्केट काफी मशूर है
03:52मगर गैस की किलत की वज़ा से 56 मार्केट में वेंजनों में कटोती कर दी गई है
03:57अब लिमिटेड वेंजन मिल रहे हैं
03:59साथ ही दुकानदार अब इंडक्शन पर आ गए है
04:01कमर्शियल गेस का सप्लाइ न होने के बाद में
04:06मैं ये मानता हूँ कि हम उस निराशा वादी माहोल में न चले जाए
04:11कि कमर्शियल गेस बन तो सारा काम बन
04:15तो उसको अल्टरनेटिव इंधन की तयार ही तो हमें करना ही पड़ेगी
04:20या जो अभी तक इसका के एक दो दिन का उसको तो हम उप्योप कर ले
04:24अब भुपाल की तस्विरे देखे
04:31सवाल सिर्फ गैस का नहीं बलकि उस रोजगार का है
04:33जिस पर पूरा एक परिवार की का है
04:36बच्चे स्कूल जाना बंद हो जाएंगे ट्रांसपोर्ट के फीस कैसे देंगे
04:39खाएंगे कैसे ये रोज मरा की जिंदिगी है हम लोग की ये
04:42इस ठेले से मुरा घर परिवार का पालन पॉसंद करते हैं
04:46आप देख सकते हैं ऐसी लाखों लोग होंगे इस समय मद्द्रदेश में
04:51जिनके सामने ये समस्या आन खड़ी हुई है
04:53इमानदारी से इन्होंने कमर्शियल गैस स्लेंडर के जरिए
04:57अपनी दुकान को यहां पे खोला हुआ है
04:59कमर्शियल गैस स्लेंडर का इस्तमाल करके
05:02यहां पे रोजाना, चाय, नाश्ता, समोसे, कचोड़ी, पोहे
05:06यह तमाम चीज़ें यहां बेचते हैं
05:08लेकिन अब समस्या यह आन पड़ी है
05:10कि सिलेंडर में गैस बेहत कम मची है
05:13और इसकी वज़े से जो पोहे दिन भर यहां गर्म होते थे
05:16वो सुबह एक बार गर्म होने के बाद अब दुबारा गर्म नहीं हुए है
05:20नतीजा यह है कि ठंडे पोहे जसके तस रखे हैं
05:22खरिदार ठंडे पोहे खाने नहीं आते हैं
05:24आभी नहीं रहे हैं
05:25और जो समूसा कचोड़ी सुबह बन चुके हैं
05:28उसके बाद दुबारा यह कचोड़ी और समूसा बनाने की स्थिती में नहीं है
05:32कडाही बन है
05:33तेल जो खौलता रहता था
05:34दिन पर जिसमें समूसे कचोड़ी उतरते रहते थे
05:37वो तेल भी अब ठंडा है
05:39और गैस की कुछ आखरी मात्रा बची है
05:42जिसके जरीए आज शाम की चाय तक का बंदवस्तो हो जाएगा
05:45लेकिन कल से दीपक जैसे लाखों लोगों के सामने
05:49एक नई समस्या खड़ी हो जाएगी
05:51कि बिना गैस के वो अपनी दुकान कैसे खोले
05:53और दुकान बंद रहेगी तो घर कैसे चलाएग
05:57धौलपुर की तस्वीरे भी देख लीजी
05:59लोग परिशान हैं, हलकान हैं
06:01लेकिन समाधान नहीं है
06:02लोग आरोप लगा रहे हैं
06:04कि ना तो गैस बुक हो रही है
06:05ना सिलेंडर मिल रहा है
06:42सिलेंडर के लिए लोगों की लंबी कातारे हैं
06:46लोग परिशान हो रहे हैं
06:47हलांकि प्रशासन भरोसा दे रहा है
06:49कि गैस की आंशिक किल्लत है
06:51जल्दी ठीक कर ली जाएगी
06:52सरकार कह रही है कि गैस की कोई कहीं किल्लत नहीं है
06:55तो फिर सवाल है कि ये लोग कौन हैं जो गैस के लिए परिशान हैं आज तक भियो रहा हूँ
07:08हम और आप घरों में बैठे हैं और अपने रोज मर्रा के कामों को कर रहे हैं
07:12शायद इस बात का अंदाजा नहीं हो पाता है कि हालात बाहर क्या हैं ग्राउंड पर क्या है
07:17देख रहे हैं ये फूट स्टॉल जो कि दो दिन पहले बंध हो गया है
07:21अब यहां समोसे कचोडियां लगा करती थी लेकिन प्लेंडर ना मिलने की वज़े से कोई विकल्प नहीं बच था
07:26फैसे में जो पूरा परिवार ये शक्स पाल रहा हो गा केसे पाल रहा बहिए यहां क्या इदर अना जरा
07:31क्या यहां पे दुकान तो क्या Insha श्राness जालए और 2 लाट पर से कचूडिया दुकान कि दुद्ध है
07:58लोगों किया है सिलेंडर कम से कम पयोग कर रहें आप कैसे बचा रहे हैं कितने रुपए में मिल रहा
08:04है रेट का था कुछ भी रेट है नहीं
08:13किसी भी कीमत पर है किसे आप तक सर्वाइफ कर पाएंगे तो कोले पर चला रहा हूं में मजबूरी है
08:20पूले का इस्तमाल कर रहा हूं यहां कोले पर काम कर रहा हूं कोले पर लिटी से क्रहा हूं
08:57अगर आप इस दावे को
08:59अगर देखें तो इसमें देखें सीधे तोर पड़ यह कह रहा है कि 30 से 35 दुकाने अभी बंद हो
09:02चुकी हैं कल 30 से 35 दुकाने और बंद हो जाएंगी यहाँ आप यह सबूत देखी रहें कि तैना सच
09:07को प्रमाण की जरूरत नहीं है आप देखें कि दुकाने वाकई बंद हैं
09:10यहाँ पर जो समान बिका करता था वो नहीं है
09:12अलग-अलग जगाओं पर हमारे सयोगी भी है
09:14ज़रा सीधे लिए चलते हैं
09:15लखनौ से हमारे सयोगी समर्थ इस वक्त जुड़े हुए हैं
09:17इसके लावा मुंबई से मुस्तिफा हैं
09:19जैपुर से सरत हैं
09:25अब हमारा प्रयास यह है कि रिपोर्टरों को जोड़कर हम यह बता पाएं
09:28कि अलग-अलग जगाहों पर भी हालात क्या हैं
09:30तो चलिए लखनौ चलिए पहले
09:31वहाँ पर समर्थ से जानते हैं
09:32समर्थ क्या हाल है वहाँ
09:37और पिता जो हाला आप इस वक्त नौएटा में दिखा रही है
09:40कुछ वैसे ही आल राजधानी लखनों के भी हैं
09:42हम इस वक्त गोंती नगर इलाके को कि व्यबूती खंड में है
09:45जहां पहला आपको मैं एक रेस्टरान दिखाऊंगा
09:46जहां एक स्टोव लगा है
09:48हाला कि इस स्टोव में आच जो है वो नहीं है
09:51आच इसलिए नहीं है तो कि इस आच को बचाया जा रहा है
09:55इन कॉमर्शल सिलेंडर्स हैं और आखरी लॉट बचा है
09:59इसके बाद इनका कहना है कि ये दुकान बंद हो जाएगी
10:03समझ से तो निकल आए हैं लेकिन कल निकल पाएंगे या नहीं
10:05ये सवाल है अब मैं आपको कुछ और दुकाने एक सिरीज में दिखाता हूँ
10:08आपको देखिए दुकान नमबर एक
10:11दुकान नमबर दो
10:12दुकान नमबर तीन, चार, पांच, छे, साथ
10:15साथ दुकाने आपको एक फ्रेम में दिखाई पड़ रही है
10:18आगे की तरफ और ये पीछे काफी पीछे तक आगे तक दुकाने है
10:22कई दुकाने बंद हो गई है
10:24और यहां के जो दुकानदार है उनका कुल मिला कर ये कहना है
10:26कि सिलेंडर ना मिल पानने के कारण
10:29कॉमर्शल सिलेंडर ना मिल पाने के कारण
10:31ये दुकाने बंद करनी पड़ी है
10:32शाम का समय है गुलजार रहता है
10:35यहां अलग अलग तरह के फास्फूट की दुकाने है
10:37आईए कुछ लोगों से बात भी जरा यहां पर कर लेते हैं
10:39कि मसला क्या है क्यों आखिर समस्याय उत्पन हो रही है
10:43आप लोगों बताई जनाब क्या सिलेंडर को लेकर परिशानी है ग्राउंड पर
10:46पर ही बहुर पर रहा नहीं है विपाल भी हमाहिज साथ रवीश भी है वहां के बिज्जरा हाल जान लेतें
11:07जल्दी जल्दी एक तस्वीर जर्द धर्शुक के सामने रख दें ताकि ये स्पष्ट हो सके कि हालात हैं क्या
11:12रविश हमने बहुत सारी रिपॉर्ट हम कल से लगातार देख रहे हैं आज हालात बदले हैं या और बच से
11:17बत्तर हुए है
11:22देखे हालात बदले तो बिलकुल नहीं है बत्तर है जो आप बोल भी रही है अर पिता हम आपको सीथी
11:27तस्वीर दिखाते हैं बहुत जाता मैं बात की करूँगा क्योंकि तस्वीर जूट नहीं बोलती है तो तस्वीर देखिए आप सामने
11:32जो पावभाजी का आप कॉर्णर �
11:33देख रहे हैं यह होकर्स कॉर्णर है भोपाल का छे नंबर पे वहां पे कल तक पावभाजी बन रही थी
11:37कल जब हम रिपोर्ट करने थे तो यह पावभाजी का स्टॉल खुला हुआ था लिकिन आज बंद है दूसी तरफ
11:42हम एक आपको और तस्वीर दिखाते हैं यहां पे �
11:44भी आपको लाइन से तीन स्टॉल बंद दिख जाएंगे कुल 38 दुकान है यहां पर उनमें से तकरीबं साथ से
11:48ज़्यादा दुकान बीते दो दिनों में बंद हो गई है और जो व्यापारी है वो इस बात से खासे परिशान
11:54है कि विकल्प के तौर पे क्या करे कम से कम विकल
12:11चल लए है कि सेलेंडर ने मिल ला है जैसे तैसे जोगाड़ होया थी तो दुकान खुल या थी नहीं
12:18तो कल भी हमने बंद कर रखी तो आपने सुरार पिता यह तस्वीर तो आज दानी भोपाल की है कोई
12:23बहुत अलग तस्वीर नहीं है उत्तर प्रदेश से भोपाल की फिल
12:41बंद होने की बाद जो आ रही है उसके बाद ऐसा लग रहा है कि दिक्कते बढ़ी है लेकिन एक
12:45और बड़ी खबर आ जाई थी जहां पर इरान की विदेश मंतरी और भारत की विदेश मंतरी ने बात की
12:49और यह तैह हुआ है कि अब वो रास्ता भारत के लिए खास्तोर पर �
13:17बिल्कुल आपकी बात जो है वे बिल्कुल सही है मुंबई में कही न कहीं ये एक तरह से आर्थिक राज़दानी
13:22होने की वज़े से फाइपलाइन जो गैस की है काफी अफिरेबर रहने की वज़े से कई जगों पर हाला जो
13:29थोद्य सब्ले हुँए हैं
13:30लेकिन कई जगों पर हम देक रहे हैं बड़े ऐके कॉननस से जो बंद करने की भी नौबत
13:35आ चुकी है और आप कह सकते हैं कि इस वक्त मुंबई में दादर इलाके में ही हम लोग यहां
13:40पर मौजूद है और यहां मुंबई में देखा गया है कि कई जगों पर जो मैन्यू है वो कम किया
13:45गया है मैडम यह जो LPG सिलिंडर का शॉटेज है इसका कैसे असर आप बिजनस पर
14:03चाय कॉफी ऐसा बेसिक मेन्यू पर हां बस उतना ही है मेन मैनू तो हम लोग ने बंदी रखा है
14:08अगर और भी सिलेंडर एक दो दिन नहीं आता है तो होटल बंद करना पड़ेगा है होटल बंद रखना पड़ेगा
14:14इस बारे में सुख रहा है इंजक्शन और बाकी चीजों
14:18पे शिफट करने की कोशिद जो है वह कहीं न कहीं लोगों की शुरू है जिससे अल्टरनेंट वो निकला जाने
14:23तो वसे चाठ ये जो है ये खा सकते हैं ये चाट में चुले के जरवत निपड़ती है ना ऍ
14:30joka Vander बंद कर ऑब डिखा दीजिए
14:44यह देखिए आप आप भी बंद रखें ना ये जी कि मुस्तुफा जरा अब आप वहां तस्वीरें दिखाई रहे हैं
14:50जरा इधर के भी एक हाल दिखा देते हैं क्योंकि ये भी चौकाने वाले हालात ही कहेंगे इसे इधर आईए
14:55जरा हम अपने क्यामरा में संजे से कहेंगे स
14:57इसे आईए जरा इधर देखिए यह हकीकत वया करते हैं यह देखिए जिलेंडर नहीं है इनके पास अब किसी तरह
15:04यह पोहा जो है सुबह बनाकर लेकर आये हैं और इसको किसी तरह यहां पर बेशने की कोशिश कर रहे
15:09हैं कितने दिक्कत हो रहे हैं सर स्विद्र नहीं मिल �
15:11है बिल्कुल नहीं मिल रहा है मेरे कुछ इतना भी पैसे दे तो
15:16उससे से ही नहीं मिल रहे हैं कम से कम इत पांच दीन से पांच दीन से जी जी पakte
15:23इसे उपने क्या फिर आपने विकल्ब को सोचा जी हमारा कर सिदृप कर रहे हैं खर्ध कैसे निकले
15:30अब जो क्या करें कुछ तो सुचना ही पड़ेगा या तो क्या प्लाइन कर देंगे और क्या करेंगे इसे प्लाइन
15:37कर देंगे घर के लिए जब चले जाएंगे कहां है आप बिहार है अच्छा ये आपके मतलब जो लोग अभी
15:44ठंडा पोहा बेच रहे हैं बिक रहा है कि लो�
15:59दुकान फिर भी खोल कर रखा है इनोंने जब जैपूर आपको लिए चलते हैं शरत हमाई साथ हमाई से योगी
16:05हैं वहां से यहां के हाल हम आपको दिखा रहे हैं अलग लग रहे हों के हाला दिखा रहे हैं
16:09शरत जैपूर के हाला दिखाई क्या बने हुए
16:15दिखें, commercial cylinder बंद होने का आसर दिखाई दे रहा है, जातर जो यहाँ पर थेले वाले होते हैं, वो
16:20बंद कर चुके हैं, एक दो लोग जो हैं ठेला लेकर आये हैं, आप देख सकते हैं कि commercial cylinder
16:25बंद होने के बाद, ये घरेलू cylinder से काम चला रहे हैं, क्योंकि जैपूर में घरेलू
16:29cylinder के लिए मारा मारी है, लेकिन अभी भी उपलब्द हो रहा है, तो जो commercial cylinder पकलता खाना बना
16:35रहे थे, वो छोड़कर यहाँ से जा चुके हैं, जो अपने घर का cylinder लेकर आ रहे हैं, वो ही
16:39खाना बना रहे हैं, अंसे बातचित करते हैं, ये आपको मजबूरी में लाना पड़
16:59और ये भी घरे जो cylinder बना रहे हैं, वो बाकी ठेले वाले जो commercial पर काम कर रहे हैं,
17:03आप ये घर वाला cylinder लेकर आए हो, जी सर, घर वाला cylinder लेकर आता हूँ, घर पर जाके फिर
17:08वो अभी जाओंगा, रात कोई 11 बजे उसको निकालके फिर खाना बनाऊंगा उसी पे, और इसके �
17:13बाज़े फिर सुबह इसको ही लेकर आता हूँ, एक सिलेंडर से दो-दो काम होता है, और सिलेंडर दे भी
17:18नहीं रहे हैं, इतना मायगा करती हैं, सिलेंडर तीन अजार करती हैं, कहां से हम क्या कर पाएंगे, बताईए, हम
17:22तो यही बोलेंगे, सरकार से बिंदी करते हैं, कि
17:33सिलेंडर कम कीजिए, कम कीजिए.
17:55देखते रही आज तक
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