00:00दो-तिन मर्डर केस में नाम था उसका
00:17पिछले दो-तिन सालों से बेंकाक और नेपाल में रहके आया है
00:23पता नहीं क्या काम है आप से
00:34विलो लेडिन आप नाम याम याम याम या वाम के बेका स्वार के दो जाम के वान याम याम याम
00:46के वारत है
01:13प्रिदम सेट सेगा, मुझसे आकर मिले
01:33आपसे अकेले में बात करना था मेरे को
01:36समझ लो, मैं अकेलाई हूँ
01:46मेरा कुछ माल आने वाला है
01:50शिप से, शिकूटी गाउं में
01:54कम से कम, दो साल तक आता रहेगा माल
01:59अब ये तो सब जानते हैं कि
02:03उस इलाके में आपकी पर्मिशन के बिना कुछ भी नहीं हो सकता
02:13तो आपका आशिरवाच चाहिए था हम लोगों को
02:21हर कंसाइनमेंट का आपको 20 लाख मिलेगा
02:2920 लाख और वो भी डिलिवरी से पहले
02:37देखो रशीद
02:41मुझे नहीं मालम कि तुम मेरे बारे में क्या सुन कर आया हैं
02:49मैं इस बात को जरूर मानता हूं कि मैं कई ऐसे काम करता हूं जिन्हें
02:56कानून ही नहीं कहा जा सकता है
02:58वो इसलिए कि मुझे जो सही लगता है मैं करता हूं
03:05वो जाए भगवान के खिलाफ हो समाज के खिलाफ हो
03:12पुलिस, कानून
03:15या फिर पुरे सिस्टम के खिलाफ क्यों नहीं हूं
03:22मेरे ये काम तरह तरह के लोग अपने अपने नजरिये से देखते हैं
03:27और मेरे बारे में अपनी एक राहा बना लेते हैं
03:45मेरे मतलब समझाने की कोशिश भी मत करना रशीद
03:51मैं जानता वो माल क्या है और क्यों हो रहा है
03:57नहीं करूंगा मैं
04:06झाल झाल
04:08झाल
04:09यह
04:19झाल
04:31परसनो
04:35तो यह बिका नहीं दोगा
05:00परसनो
05:19कौन साब
05:24इस आदमी के बारे में जो कुछ जानने लाइक है
05:29मैं जानना चाहता हूँ
05:32साथियों को खाबर बेंचे मजसे आख मिला
05:44तेरी आई कह रहे थी कि तो वापस अमेरिका जाना चाहता है
05:48हाँ एक दोस्तों मैं कंसर्टनसी फर्म शुरू कर रहे है
05:53पूजाना में तेरे दोस्त का
06:00कब में लाना है
06:03जब भी आपको फुर्सत हो
06:12साथिया ये रशीत
06:24मुझे कुछ खड़ करूँ
06:28कड़ करूँ
06:39क्या क्या क्या सुवाश नागरे को मारो के तो
06:48मैं या दुबई से लदीफा सुनाने नहीं आया हूँ
06:53रशीद भाई पूरी मुंबई में आग लग जाएगी
06:56मुंबई की फिकर नहीं है मुझे
06:59साल में 200 करूड का धंदा रोज रोज नहीं मिलता
07:04ये तो करना पड़ेगा
07:07जाए सरकार को मरने पड़े या उसके बाप को
07:13विश्राम जी इसको समझाइए
07:16ये दुबई से आया है इसको बंबई के बारे में कुछ मालूम नहीं है
07:19इसको समझाइए आप आप ही बताएए इसको बताए
07:33तुम्हारे दिमाग पे ताला पड़ा हुआ है क्या बात तुमको समझ में नहीं आ रही है
07:44तुम लोगों को ये बेवकुफी करनी है करो
07:49तुम लोगों को कुए में कूदना है कूदो
07:52मैं इसमें नहीं हूँ
07:53मैं इस मामले में नहीं हूँ
07:55मैं चलता हूँ
07:59मैं इस बात को बाहर नहीं जाने दे सकता हूँ
08:11जो राशीर बाई मैं गारेंटी देता हूँ अब किसी को नहीं बोलूंगा
08:16मैं मेरे बच्चों के कसम कहता हूँ रशीद भाई
08:20आप शीक बोल रहे थे मैं तो पागलो जी बात कर रहे था
08:23मेरे को गुच समझ में ने आए मैं क्या उसको उसको मार रहा ची है
08:47कोई भी फैसला चुनाओ से होना चाहिए
08:51दबाओ से नहीं
08:55रशीद भाई
08:58स्वामी जी का मेसेज आया है वो मिलना चाहते है
09:17सुभाष नागरे और सरकार को मरने में
09:23बहुत फर्ख है
09:28सुभाष नागरे एक आदमी है
09:34सरकार एक सोच
09:41आदमी को मारने से पहले
09:51उसकी सोच को मारना जरूर है
09:59ट्रूर नागरे यो नागरे यो नागरे की उसकी योड़े उनाज नागरे आदमी को में आदमी को देला है
10:06और दोगा इनादमी है
10:07भाटता हूँ
10:09फहाँ
10:10अजय कोए वाय।
10:47स्वामी जी भी क्या सोचता है यार
10:49उनसे बड़ा दिमाग वाला आदमी मैंने आज तक नहीं देखा
10:52ये सावतिया कौन है?
10:55मेरे बारे में इंक्वारी कर रहा है?
10:58वो सरकार का खासम खास आदमी है
11:00उसको लाइट लिक भी नहीं लेना
11:02ये सब मामले में हमारा भी बाब हो सकता है वो
11:09जो
11:10मैंने क्या किया?
11:11एक तो चीटिंग करती उपर से जूट बोलती है
11:13कशाला करते इसे
11:14कोई चीटिंग क्यों करता है?
11:17चीतने के लिए
11:21जीतना इतना जरूरी है
11:25हाँ
11:27किसी दिन
11:30हारना पड़े तू
11:33हो ही नहीं सकता
11:35मैं गेम की नहीं
11:36जिन्देगी की बात कर रहा हूँ
11:38जब सरकार मेरे साथ हो
11:39तो मैं किसी से कैसे हार सकती हूँ?
12:05अधिन सर्देग की जूँ चाहा जाएक जो
12:23आई जैंकार ऐसा है बिटा ठीक हो तक है कि अधर साब यह पूजा आए नमस्कार कुराना साथ बौत आउना
12:39आई आई आई आई आई जरादी है आई जाये साथ आई आई जाही आई आई आई में में
12:45आपका काम नहीं हो सका
12:47सुबाश का इरादा बदलना नामुम्किन के बरावर है
12:51मेरी राए में सुबाश का नजरिया भी पुरी तरह से गलत नहीं है
13:01हिंसा किसी मसले का हल नहीं होता
13:07कोई भी आदमी हिंसा के उप्योग से अपनी मनमानी करता फिरे
13:14एसा आदमी समाज के लिए खतरनाख साबित हो सकता है
13:21मैं क्यूं डरूँ ये तो सच है
13:26गरीपों का घर बसाने की याड में कुंडे पाले जा रहे हैं
13:31और इस प्रोत्साहन के पीछे एकी आदमी है
13:38सुभाशनागरे
13:39और अला सहाब की बातों में आपके लेवल की धिंकिंग है
13:53जनता सुभाशनागरे को नहीं जानती
13:57इसलिए वो उसको पूझती है
14:01अपना मसिया मानती है
14:06पर असलियत में वो एक गुंडा है
14:13तो मेरे ख्याल से
14:16प्रजातंतर में
14:17पब्लिक का सपोर्ट भी बढ़ रहा है उसके लिए
14:19इसलिए तो फुदक रहा है ना मेंड़ा के तरह
14:22एक कान के नीचे बजाओ सब सही हो जाएगा
14:24सरकार पहले या आदमी अपनी एक हैसियत में रहता था
14:27लेकिन अभी तो प्रेस में टिवी पे खुले आम इंटर्यू दे रहा है हमारे खिलाफ
14:34पुछ बाप
14:36ज़रा अचार लान
14:52कुरान असाब
14:57बाद चाद में
15:03अनके ज़से अद मेका
15:06ज़रा झाओ
15:08ज़रा झार लाप
15:13यारा में
15:15यारा
15:44जूलिए
15:45पर अवारा अवार इडर्ड़िक आया है।
16:42झाल झाल
16:52झाल झाल
17:15झाल
17:16झाल
Comments