00:25હાંત
00:30तो दूसरा दोस्त चाईवाला
00:31भोला बाबू
00:33आज भी मुझफरपूर के धर्मशाला
00:35चौत पर चाई की दुकान जलाते हैं
01:00अज भी मुझफरपूर के डिश्टी परेसिटिन्ट थे
01:04और उसमाने उस समय में हम भी यहां के परिश्टी के परिश्टी के इस्टी के श्टी के थे
01:20जाते हैं
01:27Bhūla Bābū आज बिहार में मुख्यमंत्री निदीश द्वारा किये गए कामों से खुश है
01:32उन्होंने कहा कि शिरुवाती दौर में जो सपने उन्होंने देखे थे उसे आज उन्होंने पूरा किया
02:01भुला जी से जब ये पूछा गया कि निदीश तो अब राजिसभा जा रहे हैं तो देखे उन्होंने किस तरह
02:07जवाब देकर निदीश का सपोर्ट किया है
02:22वही निदीश कुमार के बेटे निशांत की राजिनीती में एंट्री पर लग रहे वन्शवाद के आरोपो को भोला बाबु ने
02:29गलत बताया
02:30उन्होंने कहा कि निदीश कुमार कुछ अलग तरह के नेता है उन पर वन्शवाद या परिवारवाद लागू नहीं होता
02:56संघर्षो के दोर का दोस्त ही सचा दोस्त होता है ये भूला बाबु ने बता दिया है
03:01आज निदीश और उनकी राहे भले ही अलग हो लेकिन सनेह आज भी वही है
03:07भूला बाबु ने निदीश कुमार को केंद्र में दोबारा पारी शुरू करने की बधाई दी है
03:12मुजफर पुर से ETV भारत के लिए विवेक की रिपोर्ट
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