00:00क्यों होगा ये साल 13 महीनों का जाने अधिक मास की वजह साल 2026 में हिंदू नव वर्ष 19 मार्च
00:07से शुरू होगा और इसी दिन से विक्रम समवत 2083 का आरंभ माना जाएगा
00:12वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथी 19 मार्च को सुबह 6 बज कर 52 मिनट से शुरू होगी
00:19धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने स्रिष्टी की रचना की थी इसलिए ये तिथी बेहद शुभ मानी
00:25जाती है
00:26देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे गुड़ी पढ़वा, उगादी और चेटी चंद के रूप में मनाया जाता है
00:31ज्योतिश के अनुसार विक्रम समवत 2023 को रौद्र समवत सर कहा जाएगा
00:36इस साल के राजा ब्रहस्पती और मंत्री मंगल माने गए हैं
00:39ब्रहस्पती ज्यान और समरिध्धी का प्रतीक है
00:41जबकि मंगल साहस और उर्जा का प्रतिनिधित्व करता है
00:44इस साल हिंदू पंचांग में 13 महीने होंगे
00:47इसकी वजह अधिक मास का पढ़ना है जिसके कारण जेश्ठ मास दो बार आएगा
00:51हिंदू कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित होता है
00:53जिसमें चंद्र वर्ष लगभग 354 दिन का होता है
00:56जबकि 100 वर्ष 365 दिनों का दोनों के बीच करीब 11 दिनों का अंतर होता है
01:01जिसे संतुलित करने के लिए लगभग हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जोडा जाता है
01:05इसी अतिरिक्त महीने को अधिक मास या पुरुशोत्तम मास कहा जाता है
01:09जो 2026 में 17 मई से 15 जून के बीच रहेगा
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