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  • 12 hours ago
मोजतबा खामेनेई को चीन और रूस का समर्थन, देखें ब्लैक एंड व्हाइट

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00:00नवस्कार मैं हूँ अंजिना उंकाशप और ब्लाक इंड वाइट में आपका स्वागत है
00:04आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि अली खामनई की मौत के 9 दिन बाद इरान ने अपना नया सुप्रीम
00:10लीडर चुन लिया है
00:11अली खामनई के दूसे बेटे स्याद मौचतवा खामनई को इरान का तीसरा सर्वोचनेता यानि सुप्रीम लीडर चुना गया है
00:20और इसके तुरंट बाद इसराईल ने ऐलान कर दिया कि वो अली खामनई के हर उत्तराधिकारी का खात्मा कर देगा
00:26इसके बाद चाइना के विदेश मंत्राले और रश्या के राश्यूपती ब्लादमिर पूतिन ने खुलकर मौचतवा खामनई का समर्थन कर दिया
00:33और इशारा कर दिया कि अब मौचतवा खामनई को कुछ हुआ तो चाइना और रश्या चुप नहीं बैठेंगे
00:39इसके साथ ही इरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका ने ये युद इसलाम को बाटने
00:46के लिए किया
00:46और उसने इस इुद के जरिये मुस्लिम देशों को बांट दिया है
00:49आज हम आपको बताएंगे कि क्या इस इुद की वज़ा से तेल महंगा होने वाला है
00:54आज बेतहाशा बड़ी है कच्छे तेल की कीमते
00:57इस इुद में इसराइल इरान के तेल भंडार को निशाना बनाया जा रहा है
01:02तो इरान खाड़ी देशों के तेल डिपो पर ड्रोन हमले कर रहा है
01:05दूसी तरफ युद्ध की वज़ा से तेल सप्लाई पुरी तरफ प्रभावित हुई है
01:08आज बड़ा सवाल ये है कि क्या तेल की वज़ा से दुनिया का खेल बिगणने वाला है
01:13क्या भारत इस्थिती का सामना करने के लिए तैयार है
01:17इरान में लगातार तेल डिपो को निशाना बनाया
01:19और वहां आग लगने की वज़ा से कई शेहरों के आस्मान जहरीले धुए से भर गए
01:24और अगर इरान में बारिश हुई तो वहां पानी की जगा तेजा बरस सकता है
01:31क्योंकि आस्मान में पहुँचा ये काला जहरीला धुआ पानी के साथ परसेगा
01:36लेकिन सबसे पहले शुरुआत करते हैं मैं आपको आज की दो बड़ी खबरे बताना चाहते है
01:41इनमें पहली बड़ी खबर ये है कि अंतराश्य बाजार में प्रती बारल कच्छे तेल की कीमते 110 डॉलर प्रती बारल
01:48तक पहुच गई
01:48इरान की इसलामिक रेवलुशनरी गार्ड कॉप्स ने धंकी दी है कि आने वाले दिनों में उसके हमले और बढ़ेंगे
01:54और यही कच्छा तेल प्रती बारल 200 डॉलर के पार पहुच जाएगा
02:00200 डॉलर का मतलब यह हुआ कि दुनिया के लगबख सभी देशों में से उसतन 3-8 प्रतिशत तक महंगाई
02:06बढ़ सकती है
02:07अगर इतनी महंगाई बढ़ती है तो इससे दुनिया की आर्थिक विकास दर 2 प्रतिशत तक कम हो जाएगी
02:13और इसका सीधा असर हम सब कीचे हमारी नौकरी हमारे निवेश पर पढ़ेगा
02:19International Monetary Fund यानि IMF कानुमान है कि अगर कच्छे तेल की कीमते लंबे समय के लिए 120 डॉलर प्रतिशत
02:25भी रहता है
02:26तो इससे दुनिया में ओसतन 0.4 प्रतिशत महंगाई बढ़ेगी
02:32वेश्वे कार्थिक विकास की दर 0.1 प्रतिशत कम हो जाएगी
02:37यानि ये युद्ध दुनिया को एक पहुत पड़े संकट में डालने वाला है
02:41ऐसा संकट जिसमें आम लोगों की नौक्रियों पर खत्रा होगा
02:45महंगाई बढ़ेगी महंगाई के बढ़ने से लोगों की खपत कम होगी
02:48खपत कम होने से विकास दर कम होगी
02:50सबजिया, राशन, सब महंगे हो जाएंगे
02:53पेट्रोकेमिकल से बनने वाली जो खाद है, कीतनाशक है
02:56वो महंगे होने से खेती करना मुश्किल होगा
02:59और अगर इस वचा से फसलों की पैदावार कम होती है
03:02तो दुनिया को खाद संकट से भी जूजना पड़ सकता है
03:05जिस तरह से युद्ध के हालात बन रहे हैं
03:08इन तमाम विश्यों पर आख चर्चा की जरूरत है
03:10क्योंकि तैयारी के साथ ही संकट को टाला जा सकता है
03:13हाथ पर हाथ धरे बैटने से ये संकट की स्थिती और भी पीडा दायक न हो जाए
03:19सोचे अगर किसी देश में पेट्रोल डीजल ही खत्म हो जाए
03:23तो उस देश में लोग दफ्तर कैसे जाएंगे
03:24बसे हवाई जहाज अए टॉबाइन फ्यूल ये सब तमाम चीजें जिन पर असर होगा
03:30आपके शहर में से दूसरे शहरों में और राजों में सामान कैसे आएगा
03:35इसके कारण कितनी उथल पुथल होगी
03:37इसे कच्चे तेल की कीमते बढ़ना बहुत खतरनाक मानी जाती है
03:40आज हम आपको इसका एक संपूर निविशलेशन करके दिखाएंगे
03:55लेकिन उससे पहले आपको आज की दूसी बड़ी खबर बताते है
04:07आयतलाले खामनाई के बेटे मुच्टबा खामनाई
04:10और 56 साल के मुच्टबा खामनाई एरान के पूर्फ सुप्रीम लीडर खामनाई के दूसरे नमबर के बेटे हैं
04:16जिनमें उन से भी जादा उनको कट्टर माना जाता है
04:20मुच्तबा खामनई के लिए कहा जाता है कि वो अपने पता आयतला अली खामनई की तरह इसराइल और अमेरिका को
04:25मिटाने की कस्मे खाते है
04:2728 फरवरी को जब इसराइल और अमेरिका ने आयतल्ला खामनई को मारा
04:32तब इसराइल की हिटलिस में मुच्टबा खामनई का भी नाम था
04:36सेंट्रल तहरान की चार सरकारी इमारतों पर यही सोचकर बम बरसाए गए
04:40कि वहां आयतल्ला खामनई के बेटे मुच्टबा खामनई भी मौजूद होंगे
04:43और उस वक्त मुच्टबा खामनई की कोई खबर नहीं आई थी
04:47लेकिन एक दिन पहले इरान के 88 मौलानाओं की मजलिस ने
04:52मुच्टबा खामनई को अपना नया सुप्रीम लीडर चुन लिया
04:56और जब से इरान के सरकारी टीवी ने ये बताया है कि इसराइल ने उनकी भी
05:00जान लेने की कोशश की है और इस हमले में वो घायल हुए है
05:04तब से इरान में लोगों का हुजूम उमड़ा है और ये लोग यही कह रहे हैं
05:08कि मुच्टबा खामनई उनके सुप्रीम लीडर है उनके लिए वो अपनी जान भी दे सकते है
05:42इरान के नए सुप्रीम लीडर मुच्टबा खामनई को चाइना और रश्या का भी समर्थन मिल गया है
06:03चाना के विदेश मंच्टबा खामनई का सुप्रीम लीडर बनना इरान का आंतरिक मामला है
06:09और इसमें किसी दूसरे देश को दखल देने का कोई अधिकार नहीं
06:14चाना ने ये भी कहा है कि वो ऐसी सभी धंकियों के खिलाफ इरान के साथ खड़ा है
06:18जिसमें मुच्टबा खामनई को निशाना बनाने की बात कही जा रही है
06:25मुच्टबा खामनई को इरान का नया सर्वोच नेता बनाना इरान का आंतरिक निर्णे है
06:30ये फैसला इरान के समयधान के रुसाल लिया गया है
06:33चीन किसी भी नए इरानी नेता को निशाना बनाने या उस पर हमला करने का विरोध करता है
06:37किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक शेप नहीं होना चाहिए
06:41इरान की संप्रभुता सुरक्षा और अखंटा का सम्मान किया दाना चाहिए
06:46जो चुटू देश के साथ रशिया के राश्रपती व्लादमिर पूतिन ने भी मुश्तभा खामनाई को ईरान का सिप्रीम लीडर चुने
06:54जाने पर बदाई दी
06:55उन्होंने ये भी कहा कि इरान को रशिया का अटूट समर्थन मिलता रहेगा और रशिया अपनी इरानी दोस्ती के साथ
07:02पूरी एक चुटता के साथ खड़ा है
07:04यानि मुश्तभा खामनाई को लेकर रशिया इरान चाइना का एक नया रिक बनता हुआ दिख रहा है
07:11ये इसलिए भी एहम है क्योंकि जब राशिपदी ट्रॉम्प इरान में रिजीम चेंज करना चाहते थे तब इरान की कमान
07:17एक ऐसे नेता को मिल गई है जिन्हें आयतल्ला खामनाई से भी जादा कटर और अमेरिका विरोध ही माना जाता
07:24है और जो चाइना और रशिया के जा
07:38मुच्तबा खामनाई ही थे कई लोग उन्हें एरान में क्रशर के तोर पर भी कहते हैं क्रशर यानि वो किसी
07:43भी विरोध प्रदर्शन को क्रश करने में खत्म करने में कारगर साबित होते हैं उन्होंने 2009 के इरानियन ग्रीन मूवमंट
07:50में एरान की रेड आमी की मदद ली औ
08:06मुच्तबा खामनाई आई आर जी सी की हबीब बटालियन में शामिल रहे उन्होंने एरान के लिए ना सिर्फ युद लड़े
08:12बलकि इसलामिक शासन के खिलाप विद्रो की आवाज बुलंद करने वालों को जिन्दा दफना दिया इसके बाद उन्हें एरान की
08:21सुरक्षा औ
08:22में बड़े पदों पर न्यूक्त किया गया कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा हुआ कि मुच्तबा खामनाई ने ही एरान
08:30के लिए एक शाड़ो एकॉनमी तयार की जिसके तहत प्रतबंदों के कारण कच्चे तेल की तसकरी करके खूब पैसा कामाया
08:36गया और मुच्तबा �
08:37खामनाई ने अर्बो डॉलर का लेंदेन किया हलाकि अब एरान का सुप्रीम लीडर बनने के बाद वो इसराइल की हिटलिस
08:44में नमबर एक पर है और इसराइल खुल कर कह रहा है कि मुच्तबा खामनाई को जिन्दा नहीं चोड़ेगा जबकि
08:50दूसी तरफ मुच्तबा खाम
09:04खामनाई रह्षबर एज़ेज का खामनाई रह्षबर एजीज मा स्था कर अल्लाह अकबर
09:13फ्रणतों चलाए टो keyboard करने भी MARY।
09:27प्रणतों से करता है
09:29करता है
09:41फ्री ठेलाएं टेलाएं
09:51अल्लो हुआजबर खौमने रह्बर
10:131889 में जब राजशाही को हटा कर एरान में इसलामिक शासन लाया गया तब ये तैह हुआ था कि इरान
10:19में राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा इसकी जगा एरान में एक नई विवस्था बनाई गई जिसे विलायत-फ़की कहा
10:28गया
10:28इसका मतलब ये था कि जब तक शिया मुसल्मानों के अंतिम इमाम क्यामत के वक्त वापस नहीं आते तब तक
10:36इरान की सत्ता अल्ला के नुमाइंदों के हाथों में होगी
10:39लेकिन आज बड़ा सवाल ये है कि क्या इरान ने अपने बनाए इस्लामिक सम्विधान का पालन किया
10:44इरान ने आयतल्ला खामनई के बेटे मुश्टबा खामनई को अपने देश का नया सुप्रीम लीडर चुना है
10:49ये भी तब हुआ है जब मुश्टबा खामनई ने आज तक इरान में कोई चुनाव नहीं लड़ा
10:57और नहीं वो उस असेम्बली ओफ एक्सपर्ट्स का हिस्सा रहे जिसमें 88 धार्मिक विद्वान शामिल होते है
11:04उन्हें सिर्फ परिवारवाद का फाइदा मिला
11:07आयतला खामनई का बेटा होने के कारण उन्हें इरान में वो पद मिला
11:11जिस पर अल्ला के नुमाइंदे को नियुक्त किया जाता है
11:14इरान में सुप्रीम लीडर बनने के लिए आयतला होना जरूरी है
11:18आयतुल्ला वो उपादी है जो सबसे बड़े धार्मिक विद्वान को मिलती है
11:22जबकि इस मामले में मुझतबा खामनाई के पास हुझत अल-इसलाम की उपादी है
11:27ये उपादी मध्यस्तर के धर्म गुरू को मिलती है और इस उपादी के साथ इरान में सुप्रीम लीडर नहीं बना
11:34जा सकता
11:34लेकिन मुझतबा खामनाई के लिए इन इसलामिक नियमों को नजर अंदास कर दिया गया
11:41और वो परिवारवाद की सीरी पर चड़कर सरवोच नेता के पद तक पहुँच गए है
11:46इसके पीछे कई लोग एक इमोशनल देव भी मान रहे है
11:50क्योंकि इस वक्त उनके पिता आयत अलाले खामनाई की हत्या हुई है
11:54ऐसे में कई लोग ये मान रहे हैं कि जो एक लहर है इस वक्त सहान भूती की
11:59वो इस परिवार के साथ है और इसलिए ये पद उनके बेटे को मिलनी चाहिए
12:03देखे कुल मिलाकर आज बात यही है कि क्या जिस आयत अलाला को सुप्रीम लीडर माना आ जाता था
12:10उससे इरान अब भटक गया है इससे आप ये भी समझ पाएंगे कि धर्म के नाम पर कई बार आम
12:15लोगों को कैसे बर्गलाया जाता है
12:17इरान के आम लोग यही सोचते रहे कि उनके सुप्रीम लीडर को अल्ला ने खुद चुनकर भेजा है
12:22और इसी वज़े से सुप्रीम लीडर के सभी फैसलों को इरान में अल्ला का सीधा आदेश माना जाता है
12:26लेकिन हकीकत में परिवारवाद ने इरान के इसलामिक शासन की पोल खोल दी
12:31और अब कहा जा रहा है कि इरान में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मुझतवा खामनाई के सुप्रीम लीडर
12:36बनने से खुश नहीं है
12:38तो देखे इस नाराज़की के कारण इरान की मजलिस पर लगता दबाव बढ़ रहा है कि वो मुझतवा खामनाई के
12:46लिए लोगों का समर्थन जुटाएं
12:48इसके लिए एरान के प्रमुक नेताओं इसलामिक रिवल्यूशनरी गार्ड कॉप्स यानि आई आर जीसी के कमांडर्स और दूसे सशस्त रुबलों
12:56के शीर शदिकारियों ने मुझतवा खामनाई के प्रती वफादारी की कस्में खाई हैं
13:00इसके लावा इरान के असेम्बली अफ एक्सपर्ट्स के सदस से हैदरी एलेकसिर ने ये सफाई दी है कि नए सुप्रीम
13:09लीडर का चुनाओं उसी सलापर हुआ है जो सला आयतल्ला खामनाई की और से दी गई थी
13:15आयतल्ला खामनाई ने कहा था कि एरान का नया सुप्रीम लीडर वही होना चाहिए जिसे दुश्मन अपना दुश्मन माने ना
13:23कि उसकी तारीफ करे
13:24और क्योंकि अवेरिका के राश्पती डॉनल्ल ट्रम्प और इसराईल ने मुच्तबा खामनाई को सुप्रीम लीडर बनाने का विरोध किया था
13:30इसलिए असेंबली आफ एक्सपर्ट्स ने उन्हें इस पड़ के लिए सही उमीदवार माना और उन्हें नया सुप्रीम लीडर न्यूक्ट कर
13:38दिया
13:40हलाकि इस पैसले के बाद इसराईल ने एक खुले शब्दों में धंकी दे दी है
13:44वो मुच्टबा खामनाई को किसी भी कीमत पर खत्म करके रहेगा ये कह दिया है
13:51इसराईल मुच्टबा खामनाई को मारने के लिए एक नया सैन्य ओपरेशन चला सकता है
13:56और इसमें अमेरिका भी उसकी मदद कर सकता है
13:58यहां दो और बड़ी बाते हैं
14:01पहली बात मुच्टबा खामनाई एरान के नए सुप्रीम लीडर बन गए है
14:05लेकिन उनके पिता और जो पूर्व सुप्रीम लीडर है आयतला खामनाई
14:10उनका शव दस दिन बाद भी किसी ने नहीं देखा है
14:15अब तक दो बार उनका जनाजा निकालने की कोशश हुई
14:18लेकिन दोनों बार इस कारेक्टरम को अलग अलग कारणों से स्थगित कर दिया गया
14:23इस सवाल और गहरा गया है कि क्या आयतला खामनाई का शव अब दुनिया के सामने कभी नहीं आएगा
14:30और दूसरी बड़ी बात अगर मुच्तबा खामनाई लंबे वक्त तक इरान के सुप्रीम लीडर बने रहते हैं
14:36और युद खत्म होने के बाद भी इरान की कमान उनके पास ही रहती है
14:40तो ऐसे में इरान और ज़्यादा कट्टर देश बन जाएगा
14:44इरान में मुस्लिम महिलाओं के लिए हिजाब और बुर्के के नियम और सख्त होंगे
14:48सारजनिक जगों पर महिलाओं के कपड़ों व्यवहार की निगरानी बढ़ाई जा सकती है
14:53इस्लाम कैटरवाद और शरीयत के नियमों को और ताकत के साथ लागू किया जा सकता है
14:58और मुझतबा खामनई के शासन में एरान、 आयतल्ला खामनई के एरान से भी क्या जाधा खाटर
15:04और जाधा अमेरिका और एसराइल विरोधी रुख अपना सकता है
15:08एक वज़ा ये भी है कि मुश्टबा खामनाई के पिता की हत्या के लिए इसराइल और अमेरिका जिम्मधार है
15:15तो ने सिर्फ एक दुश्मनी बलकि एक बदले की भावना भी रहेगी
15:20मुश्टबा खामनाई को इसलिए इरान का सुप्रीम लीडर चुना गया क्योंकि वो अमेरिका और प्रश्म संस्कृती के सबसे बड़े विरोधी
15:26है
15:27लेकिन विरोधावास ये है कि मुश्टबा खामनाई फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते है
15:33उन्होंने साइकोलजी और साइको अनालेसिस के विशाई की पढ़ाई की है
15:36वो सेना में रह चुके हैं और उन्हें नई तकनीक और डिजिटल सिस्टम्स के बारे में भी जानकारी है
15:43क्या आप कल्पना करेंगे किसी देश के उपर बॉम और विसाईले बरस रही हो
15:47और नीचे खड़े लोग भागने के बजाए जश्र मना रहे हो
15:51इरान में इस वक्त ऐसा ही हो रहा है
15:54इरान के श्वहान शहर में जब तक जब एक सरकारी अमारत पर अमेरिका और इस्राइल के लड़ाकों वमान बम बरसा
16:01रहे थे
16:01और इमारत के उपर काले धुए का खुबार दिख रहा था
16:04तब वहाँ एरान के नए सुप्रीम लीडर मुच्तबा खावनाई के समर्तन में इकटा हुए हजारों लोग
16:09अल्लाव अकबर के नारे लगा रहे थे और इन हमलों का उनके अंदर कोई डर नहीं दिखा
16:14झाल ट सुप्रियन소�य न कर ट डुए है
16:21पर आडियन या Trainer
16:24कर दा रहे इंदर के सहीं बn calcium
16:30भाव उच्वार कोई आडतनी आडियन संदर, हो आजकेуск
16:43ऑने आड हुए है
16:44अब आपको ये बताते हैं कि जब इरान इस युद्ध को रमजान वार या रमजान का युद्ध कह रहा है
16:50तब वो इसी दोरान मिडल इसके इसलामिक देशों पर मिसाईलें क्यों दाग रहा है आखर ये कौन सा रमजान वार
16:56है जिसमें ये मुस्लिम देश एक दूसरे का खु
17:13मिसाईलें और ड्रोन्स नहीं दागेगा लेकिन ये बादा कुछ घंटे भी नहीं तिका और इरान ने खाडी के मुस्लिम देशों
17:22पर 528 मिसाईलें और ड्रोन्स से हमला किया है इनमें UAE के दुबाई अबुधाबी और बाकी इलाकों पर सबसे जादा
17:3142 मिसाईलें और 350 आत
17:39मगाती ड्रोन्स दागे गए कतर पर भी 14 बिलिस्टिक मिसाईलों से हमला हुआ जबकि जॉर्डन पर 12 बहरेन पर 24
17:45और सौधी अरप पर इरान ने तीन बिलिस्टिक मिसाईलें दागे और ये हमले तब हुए जब इरान के राशपती मसूद
17:52पिजशकियान ने भरोसा दिया �
17:55कि इरान अब अपने पड़ोसी मुस्लिम देशों को निशाना नहीं बनाएगा उन्होंने ये भी कहा था कि इन मुस्लिम देशों
18:01को इरान के खिलाफ युद लड़ रहे अमेरिका और इसराइल की मदद नहीं करनी चाहिए इरान के इस दाव को
18:08कूटने तिक रूप से काफी
18:09अहम माना गया और ये कहा गया कि अगर इन मुस्लिम देशों ने अमेरिका को इसकी सेने ठिकानों में इस
18:15युद में इस्तमाल नहीं करने दिया तो ये इरान की बड़ी जीत होगी इसे अमेरिका अलग थलग पड़ सकता था
18:23और मिडल इसके ये देश इरान के साथ धार में �
18:26बंदी कर सकते थे और अपने खिलाफ युद को रोक तक सकते थे लेकिन ऐसा हुआ नहीं और इसके पीछे
18:32दो वज़ा रही पहली वज़ा तो ये कि राश्रुपती मसूद पज़शकियान के बायान के बाद भी अमेरिका ने साथी अरब,
18:40युएई, कटर, कुवेट, ओमान
18:42और बहरीन में अपने सेनिट हिकानों का इस्तमाल इरान के खिलाफ जारी रखा, और दूसा कारण, दूसा कारण ये था
18:48कि इरान में इस्लामिक शासन की हिफाज़त करने वाली आई-र-जी-सी यानि इसलामिक रिवल्यूशनरी गार्ड कॉप्स को ये
18:56रणनी ती पसंद नह
19:02मांगने के बाद आयर-जी-सी के शीर्ष कमांडर आग बबुला हो गए, उन्होंने मसूद पज़ेश के यान से ये
19:07कहा कि उन्हें रमजान में मुस्लिम देशों के भाईचारी की कोई जरूरत नहीं है, अगर अमेरिका ने इन मुस्लिम देशों
19:13की जमीन से इरान पर अमले
19:27बनाया कि उन्हें अपना बयान बदलना पड़ा, नए बयान से उन्होंने माफी का जिकर हटा दिया और ये कहा कि
19:32जो भी देश अमेरिका के साथ योद्मे शामिल होगा, इरान उसे अपना दुश्मन मानेगा, इरान के कट्टर पंती धर्म गुरू
19:41और सांसद हामिद रसा�
19:43रमजान की नया प्यालिका के प्रमुक मुहसेनी एजएई ने खुलकर राश्रपती मसूद पिजश्कियान के खलाफ नाराजगी जताई, और इस तरह
19:51एरान और खाड़ी के मुस्लिम देशों के बीच रमजान के नाम पर जो धार्मिक लाम बंदी हो सकती थी, वो
19:56टूट ग
20:11में मुस्लिम देशों को आपस में लड़वाने और बाटने का बड़ा आरोप लगाया है, उन्होंने कहा है कि एरान पर
20:17हमला करने के लिए कुछ पडूसी देशों की जमीन और सैने ठीकानों का इस्तमाल किया जा रहा है, और ये
20:22मुस्लिम खशित्र को बाटने की राजनीती
20:25है, लेकिन एरान इसके सामने नहीं चुकेगा।
20:55मजबूर होना पड़ता है, जब हम जवाब देते हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि हमारा उस देश से
21:00जगड़ा है, या हम वहां के लोगों को नुकसान पहुचाना चाहते हैं, इरान दबाव, अन्याय और हमलों के सामने आसानी
21:07से जुकने वाला नहीं है, हम पहले भी नह
21:22मानवादिकार संगठन, Human Rights Watch की एक रिपोर्ट ने नई बहस छेर दी है, इस रिपोर्ट में दावा है कि
21:29इसराइल ने अपने पड़ोसी देश लेबनान के दक्षणी इलाकों में वाइट फॉस्फोरस बॉम का इस्तमाल किया है, ये भी दावा
21:37है कि जिन घरों पर ये वाइ
21:51से लेकर उसकी हड़ियां तक गल सकती है, शरीर की चमरी प्लास्टिक की तरफ पे घल कर नीचे गिर सकती
21:58है और वो इनसान तडप तडप कर मर सकता है, और इसराइल पर आरोप है कि वो लबनान में इसी
22:06वाइट फॉस्फोरस का इस्तमाल कर रहा है, जो अंतराश्रे मानवि
22:09कानून का उलंगन है, Human Rights Watch का कहना है कि जब वाइट फॉस्फोरस हवा में फटता है, तो उसके
22:15लगभग 116 जलते हुए टुकडे चारों तरफ फैल जाते हैं, और इस दौरान ये 125 से 200 मीटर के दाइरे
22:23में गिर सकते हैं, और दावा है कि तीन मार्च को दक्षणी लेबनान म
22:30वही हिस्सा जो इसराइल से लगा हुआ है, जहां पर अभी तक हिस्बॉल्ला का पूरा कब्जा रहता है, जहां से
22:35वो इसराइल पर अटाक करता है, उसी दक्षणी लेबनान में हुए हमलों में इसी वाइट फॉस्फोरस का इसराइल ने इस्तमाल
22:43किया है, यहाँ बहुत स
23:00क्योंकि यह मानता है इसराइल की डक्षणी लेबनान में इन आतंकियों को पनाह मिलती है, वहां के आम लोग अगर
23:08इनके खिलाफ हो जाएं तो उसको सफलता मिलेगी, वो वाइट फॉस्फोरस के डर से यहां के आम लोग अगर दूसरे
23:15अलाकों में पलाइन करके चले जाए
23:16और इसके बाद इसराइल हेजबुला को चुन-चुन कर मारने में कामयाब होगा, ऐसा नहीं है कि इसराइल पर पहली
23:22बार वाइट फॉस्फोरस को इस्तमाल करने के आरूप लग रहे हैं, यूमन राइट्स वाच ने साल 2023 में भी इसराइल
23:27पर गाजा और लेबनान पर वा�
23:44मेहमी से मारा जा रहा है, जो अंतराष्ट्रिय, मानविय, कानूनों का घोर उलंगन है.
24:37एक तरफ लेबनान में वाइट फॉस्फोरस के बंबरस रहे हैं, तो दूसी तरफ एरान में अब आसिड रेन की आशंग
24:42का जयता ही जा रहे हैं.
24:43अमेरिका और इसराइल के लडाकों विमारों ने साथ मार्च की रात को तहरान और अलबोर्ज में चार ओल डिपोज और
24:50पेट्रोलियम उतपादों के एक ट्रांसपोर्ट सेंटर पर हमला किया.
24:53यह हमला इतना भीशन था कि इन ओल डिपोज में एक के बादे कई धमाके हुए और इसे पूरे शहर
25:00में अफरात तफरी मच गई.
25:01हालात यह हो गए है कि अब इरान में इन दोनों ही शहरों पर आसेड रेन की आश्रंका जताई जा
25:09रही है.
25:09आसेड रेन का मतलब उस बारिश से होता है जिसमें बहुत जादा सालफर हो, बहुत जादा नाइट्रिजन वाली गयसे हवा
25:17में फैल जाती है.
25:18ऐसा होने पर जब बारिश होती है तो यह गयसे पानी के साथ लोगों पर बरसती है और इससे शरीर
25:24की चमरी तक जल सकती है.
25:25बच्चों की सोचिये जानबूज कर कहा जाता है कि उनकी चमरी पर उनके स्किन पर बहुत बुरा प्रभाव पढ़ता है,
25:33उनका स्किन पिघल कर गिर भी सकती है.
25:35इसी खत्रे के कारण इरान में लोगों को अगले 72 घंटों के लिए घरों के अंदर रहने की सलाह दी
25:41गई है.
25:41और इरान के विदेश मंत्राले ने इसे युद अपराद नागरिकों के खलाफ केमिकल वारफेर बताया है.
25:47इसके अलावा इस हमले की वज़र से शहर में पेट्रोल डीजल की किल्लत हो गई है, जिसे ठीक होने में
25:54कम से कम दो से तीन दिन लगेंगे.
25:57बड़ी बात यह है कि देखिए, इसराइल और अमेरिका चाहते तो वो इरान के तेल भंडार को निशाना बना सकते
26:02थे, लेकिन उन्होंने ऐसा ना करके इरान के उन ओल डीपोस को निशाना बनाया है, जहां से आम लोगों को
26:08पेट्रोल डीजल की आपूर्ती होती है.
26:11अब इससे ये भी समझ आता है कि अमेरिका और इसराइल तेल आपूर्ती को रुकवा कर, एक तरह से रोक
26:16कर, इरान में लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करना चाहते हैं, वो ऐसा संकट पैदा करना चाहते
26:23हैं, जिससे जरूरी सामानों के लिए लोग सरकार
26:26के खिलाफ सड़कों पर उतरे, वहाँ विरोट प्रदर्शन हो, आप इन तस्वीरों को देखिए कि कैसे एरान के ओल जीपों
26:32बेलगी आग ने हाकार मचा दिया है
26:56प्रूर्शन वादो कि खिलाफर करना चाहते हैं, तस्वीरों के अज़ की रहा हाँ
27:36इरान की विदेश मंत्राले के प्रवक्ता इसमाइल बगाई ने अमेरिका पर इरान को तोड़ने की साज़श कारोप लगाया
27:41और यह कहा है कि अमेरिका इरान का तेल चाहता है और इसलिए वो इरान को कमजोर करके कई टुकड़ों
27:47में वाटने की कोशिश कर रहा है
27:48लेकिन एरान किसी भी दबाओ के आगे जुकेगा नहीं
27:54इस बात में कोई शक नहीं है कि अमेरिका का उद्देश क्या है
27:57क्या अब तक किसी को इस बात पर संदेह रहा है कि अमेरिका का लक्ष दूसरे देशों के संसाधनों पर
28:02कबज़ा करना है
28:03आपने लिंट से ग्राहम का बयान भी देखा होगा
28:05उन्होंने खुल कर कहा कि अगर हम वेनिजवेला के तेल के साथ साथ इरान के तेल पर भी कबज़ा कर
28:22लें
28:27ये तेल ना सिर्फ भारी और गाड़ा है बलकि इसमें सालफर की मात्रा जादा है सबसे जादा
28:32इस से वेनिजवेला के कच्चे तेल को निकालना उसे रिफाइन करना बहुत खर्चीला काम होता है
28:49और इरान के कच्छे तेल की API ग्राविटी 33 से 36 के बीच है
28:53इसके अलावा इरान के कच्छे तेल में सलफर की मात्रा बहुत कम है
28:57लगबग 1.3 से 1.5 प्रतिशत
29:01इसे इरान का कच्छा तेल निकालना, बाद में रिफाइन करना, अंतराश्ट्य बाजार में बेचना सस्ता है
29:08और यही कारण है कि अमेरिका ने वेनिजोला के कच्छे तेल पर नियंटरंट तो हासल कर लिया
29:12लेकिन उस कच्छे तेल से उसकी प्यास नहीं बुजी और अब इरान के कच्छे तेल को हासल करना चाहता है
29:19अब से कुछ दिर पहले एक और खबर यह आई है कि इसराइल ने फिर से इरान पर बड़ा हमला
29:22किया है
29:23और उसके मिसाइल ठिकाने और सिक्यूरिटी हेड़पोर्टर्स को नश्ट कर दिया है
29:26इसराइल ने उन फैक्टरियों को निशाना बनाया है जहां रॉकिट इंजिन बनाया जाते है
29:31और साथ ही उन लाँच साइट्स पर भी हमला किया गया है जहां से इसराइल की और बिलिस्टिक मिसाइले दाजगी
29:39जा रही थी
29:40इसराइली सेना ने इरान के इंटर्नल सिक्यूरिटी फोर्स और अर्दसैनिक पल बसीच के भी कई ठिकानों को खत्म कर दिया
29:49है
29:49दूसी तरफ इरान ने बहरेन की जो बापको तेल रिफाइनरी है उस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला
29:57किया है
29:57इस हमले के बाद इस तेल रिफाइनरी में आग लग गई वहां से दूएं का भारी गुबार उटने लगा
30:02बहरेन सरकार ने कहा है कि सितरा इलाके में इरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया है और इस
30:09हमले में जान माल का भारी नुकसान हुआ
30:12चश्मदीदों के मताबिक हमले के तुरन बाद पूरी जो रिफाइनरी है वो धूएं के घेरे में आ गई जिससे आसपास
30:17के इलाकों में दहशत पैल गई देखिए
31:04इस युद के बीच नेटों का सदस्य देश तुर्किये भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है
31:08कुछ दिन पहले एरान की एक मिसाइल तुर्किये की ओर पहुँच गई थी हलाकि उसे नश्च कर दिया गया लेकिन
31:15अब तुर्किये कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता
31:17इसलिए उसने अपनी और जो नौट साइप्रस की सुरक्षा है उसके लिए छे एफ-16 लड़ा को विमान और मिसाइल
31:25डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिये है
31:26तुर्किये ये भी कह रहा है कि वो वहां रह रहे है तुर्किये समुदाई की सुरक्षा के लिए प्रतिबद है
31:32और जरूरत पढ़ने पर आगे भी बड़े कदम उठाएगा
31:35अब इस सवाल पर आते है कि क्या कच्छे तेल की कीमते प्रती बारल दो सोट डॉलर तक जा सकती
31:43है
31:43देखें ये चंताएं आज पूरे विशुप पर मंडरा रही है अगर ऐसा होता है तो इसका आप पर हम पर
31:49क्या असर होगा
31:49ये सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि इस युद्ध की शिरुआत से पहले फरवरी के आखरी हफते में प्रती
31:55बारल कच्छे तेल की कीमते 68 डॉलर थी
31:5728 परवरी को जब इसराइल अमेरिका ने इरान पर हमला किया तब ये कीमते प्रती बारल 75 डॉलर हो गई
32:04लेकिन अब यही कीमते 110 डॉलर प्रती बारल पहुँच गई
32:10साल 2022 में जब युक्रीन और रश्या का युद्ध शुरू हुआ था तब आखरी बार कच्छे तेल की कीमते प्रती
32:15बारल 100 डॉलर के पार गई थी
32:17लेकिन इस बार कच्छे तेल का खेल पूरी दुनिया के सामने एक नया संकट पैदा कर सकता है
32:22क्योंकि ये मध्य पूर्व के तमाम देश इस युद्ध में एक के बाद एक जोके जा रहे है
32:28इसके पीछे दो बड़े कारण है
32:31पहला बड़ा कारण ये है कि इरान खाड़ी देशों की ओयल रिफाइनरीज को निशाना बना रहा है
32:36और दूसरा ये देश जितने कच्छे तेल का उतपादन कर भी रहे है
32:40वो कच्छा तेल युद्ध के कारण पर्शन गल्फ और स्ट्रेट ओफ और मूज में कहीं न कहीं फसा हुआ है
32:46अब अगर यही हाल रहा यही स्थिती रही अगले 15 दिन यही स्थिती बनी रहती है
32:52तो अनुमान है कि प्रती बैरल कच्छे तेल की कीमते 1500 डॉलर तक पहुँच जाएंगी
32:56और अगर यह संगर्श एक महीने के बाद भी जारी रहा तब कच्छे तेल प्रती बैरल 200 डॉलर तक जा
33:02सकता है
33:03इनमें भी सबसे खतरनाक स्थिती वो होगी जिसमें ये खाड़ी देश जुद के कर कच्छे तेल और LNG यानि लिक्विफाइड
33:12नाच्रल गैस का उत्पादन करना बंद कर देंगे
33:15और अभी ऐसा हो भी रहा है
33:18इरान लगातार खाड़ी देशों की ओयल रिफाइनरी इनको निशाना बना रहा है
33:24इनमें UAE के आबुधाबी में मसाफा फ्यूल टर्मिनल पर आत्मगाती ड्रोन से हमला हुआ
33:30जबकि फुजेरा में भी इरान ने वहां की सबसे बड़ी ओयल रिफाइनरी को निशाना बनाया
33:35इसी तरह के हमले साओधी अरब में हो चुके है
33:38साओधी अरब ने अपनी सबसे बड़ी ओयल रिफाइनरी रास टैनुरा को ड्रोन हमले के बाद बंद किया
33:43जिसका संचालन अराम को कमपनी द्वारा किया जाता है
33:46कातर ने भी दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट को बंद किया
33:49और ये बताया है कि रासलफ़ान में एरान ने अपने आत्मगाती ड्रोन से LNG प्लांट को निशाना बना है
33:56जिसके कारण जो कतर एनरजी है उसके LNG उत्पादन करने वाली जो शमता है उसको भी तदकाल प्रभाव से रोक
34:06दिया गया
34:06और यही चीज ओमान ने भी किया इरान ने ओमान के जो पोर्ट अफ दुक्म है उसमें एक फ्यूल टैंक
34:15और टैंकर पर हमला किया
34:16और इसी के बाद इरान ने ओमान के पोर्ट अफ सलाला को भी निशाना बनाया जिसके कारण ओमान ने भी
34:22ये कहा कि वो अपने तेल उत्पादन को घटा देगा
34:25अपचंता की बात यह है कि अगर इन खाड़ी देशों ने युद्ध के कारण कच्छे तेल का उत्पादन बंद कर
34:30दिया तो दुनिया में कच्छे तेल की कीमतों में आग लग जाएगी गल्प को आपरेशन कांसल में साओधी अरब यूएई
34:38कुवेट कतर ओमान और बहरीन
34:39जैसे देश आते हैं यह वो छे खाड़ी देश है जो हर दिन एक करोड़ सतर लाक बैरल कच्छे तेल
34:47का उत्पादन करते हैं दुनिया का 23 प्रतिशत कच्छा तेल अकेले इनी छे खाड़ी देशों से निकलता है इसके अलावा
34:54दुनिया में कच्छे तेल का जो बाजार है �
34:57इन खाडी देशों की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत है ये देश हर दिन दुनिया को एक करोड़ 20 लाख बैरल कच्छे
35:05तेल का निर्यात करते हैं और ऐसे में सोचे अगर इन खाडी देशों ने कच्छे तेल का उत्पादन रोग दिया
35:11तो वेश्विक बाजार से 28 प्रतिशत कच्�
35:18कच्छे तेल की भयंकर कमी होगी और इस कमी के कारण असर्फ महंगाई बढ़ेगी बल्कि दुनिया आर्थिक मंदी की तरफ
35:24जा सकती है और ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ एक आशंका है जो कुवेत हर दिन 27 लाख बैरल
35:30कच्छे तेल का उत्पादन करता है उसने यह एलान किया
35:33है कि वह अब प्रती दिन एक लाख और आने वाले हफ्ते में तीन लाख बैरल कम कच्छे तेल का
35:39उत्पादन करेगा इसी तरह
35:43अगर आप देखिए तो इसी तरह का फाइसला साओधी अरब और यूए जैसे देश भी लेने वाले है अब्जवेटरी ओफ
35:49एकनॉमिक कंप्लेक्सिटी के मुताबिक साओधी अरब इस यूद्ध से पहले तक हर दिन एक करोण यूए चालिस लाक कातार अठारा
35:59लाक ओमान
36:0110 लाक और बहरेन प्रती दिन 2 लाक बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता था लेकिन इरान के हमलों के
36:06कारण ये सारे देश इस उत्पादन को रोकने के बारे में सोच रहे हैं
36:11इससे भी बड़ी समस्या ये है कि जो कच्चा तेल उत्पादन के बाद जहाजों में बेजा जा रहा है वो
36:16कहीं न कहीं फसा है
36:17वो जहाज या तो पर्शन गाल्फ और स्ट्रेट फॉर्मूज में कहीं न कहीं फसे हुए है
36:21और अगर यही सिती आगे भी रहती है तो आप इसका सथ बढ़ा होगा पूरे विश्यो पर होगा
36:27पेट्रोल डीजल और गैस की कीमते बढ़ने से बाइक, कार, आटो और कैब का खर्च बढ़ जाएगा
36:32सबजिया, राशन, सब कुछ आने वाले वक्त में महंगी हो जाएगी
36:37फूट डिलिवरी या ओनलाइन डिलिवरी की फीज बढ़ेगी
36:40गैस सिलिंडर महंगा हो सकता है, ट्रांसपोर्ट से जुरी हर चीज प्रभावित हो सकती है
36:45कच्छे तेल से पेट्रो केमिकल्स बनते हैं, इससे प्लास्टिक से बना लगबग हर सामान महंगा हो सकता है
36:50पॉलियस्टर, नायलॉन जैसे जो सिंथेटिक फाइबर्स है वो भी तेल से बनते हैं और पेट्रो केमिकल्स अन्ने चीजों का इस्तमाल
37:10होता है
37:10इससे फसलों का उत्पादन घट सकता है और अगर फसलों का उत्पादन घटा महंगाई बढ़ेगी
37:16चिंता तो ये तक है कि खादे संकट ना हो
37:19देखे, एनरजी प्लांट तेल या ग्यास से चलते हैं जितने भी, उनके कारण बिजली भी महंगी हो सकती है
37:25ट्रांसपोर्ट कॉस बढ़ने से घर बनाना महंगा हो सकता है, सिमेन, स्टील, इट, रेट, सब ट्रांसपोर्ट से आते हैं
37:32यानि देखे, असर कैस्केडिंग होगा, इसको कैस्केडिंग एफेक्ट कहते हैं अंग्रीजी में
37:36यानि कच्चे तेल की कीमतों का असर रोज मर्रा की जो चीजें हैं वहां तक पहुचेगा
37:41यानि कच्चे तेल की कीमते ऐसे ही बढ़ती रही तो मिसाइलों से ज़्यादा तबाही महंगाई से होगी
37:46और कुछ देशों में तो इसका असर दिखने लगा है
37:48अमेरिका में पेट्रोल डीजल की कीमतों में 14 प्रतिशत, ब्रिटिन में 6 प्रतिशत, औस्ट्रेलिया में 15 प्रतिशत, दक्षन कोरिया में
37:5910 प्रतिशत, पाकिस्तान में 20 प्रतिशत, मॉल्जीव्स में 22 प्रतिशत, श्रिलंका में 15 प्रतिशत, चायना में पेट्रोल डीज
38:12दीजल के दाम नहीं भड़े हैं और ये भारत के लिए बहुत अभी राहत लेने वाली बात है लेकिन आगे
38:18की तैयारी जरूरी है हमारे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमते उतनी ही है जितनी इरान युद से पहले
38:24थी भारत सरकार ने ये भी बताया है कि देश में अभी �
38:30इतना कच्छा तेल मौझूद है जो लगभग आप सोचिए कि दो महीना धाई महीना यानि 74 दिनों तक चल सकता
38:37है और सूत्रों के हवाले से हमारे पास यह भी खबर है कि अगर कच्छे तेल की कीमते एक सचालेस
38:44डॉलर प्रती बारल जाती है तब भी सरकार पेट्रल डीजल
39:15की कीमतों में व्रिदी नहीं करेगे
39:26एक तरफ भारत है जहां कच्छे तेल की कीमते प्रती बारल एक सोचालीस डॉलर होने पर भी पेट्रोल डीजल बहंगा
39:33नहीं होगा जिस तरह का ऐलान किया जा रहा है और दूसी तरफ पाकिस्तान अभी से एक लीटर पेट्रोल उसकी
39:40करंसी में 321 रुपे का हो गया है
39:43डीजल भी प्रती लीटर 336 रुपे का और पाकिस्तान का मीडिया ये रो रहा है कि आखर वो भारत की
39:48तरह रश्या से कच्छा तिल क्यों नहीं खरीच सकता सुनिये
39:51मुस्लिम लीग्ट नून वाइपाउट हो गर रही अनके गले पड dúd bagus यहीं मुण recommend you
39:59इनका क्या है? इसे पाकिस Сान कब बचा लेगे ये अकरिक को बचानाे तो फिर जाते की है जाके डारिणल्ल
40:02ट्रॉक को कियते हैं
40:03कि आपने इंडिया को दे दी ये सहूलत कहल सते है
40:06가 sila को को खोल रुस लगंए तक हम भी मगवा लेते हैं
40:29के पास कोई चॉइस नहीं है उसने क्या करने है गौर्मनट आफ पाकिस्तान के उन्होंने का जी तेल की स्टेट
40:36आफ हामों से सप्लाइ बंद हो गई है तो उन्होंने का जी ठीक है हम तेल की कीमतें बढ़ा देते
40:41हैं और इंडिया के ड्वांटेज देखें आप कि उन नहीं �
40:44अजए होज पायinek िंदियेगैं पर पहुत को ड्वांटेज और उस तेल बेचेंगे और उसको तैल बेचेंगे
41:13तो अमेरिका किसका सखा हुआ, फेवरेट फील्ड मार्शल इदर है, सथा तेल लेगा इंडिया, और पैसा भी बनाएगा इंडिया, ये
41:22जो फेवरेट फील्ड
41:23मार्शल और फेवरेट वदीर आदम है न, ये अमेरिका ने ऐसी लात मारनी है न पाकिस्तान को.
41:27हकومت کا फजल की कीमतों में और प्रेटरोल की कीमतों में 55 रुपे अजाफे का एलान कर दिया है
41:33मैं समझता था 25-30 करेंगे
41:37कीमतों में 55 रुपे का अजाफा हो गया है मेरे पाकिस्तानियों
41:42पर लीटर महंगाई का तुफान आने वाला है
41:46अमरीका ने रशिया को रशिया से तेल लेने की छोट दिये भारत को 30 दिन के लिए
41:51तो माजी में हम भी रशिया के साथ एक डील कर चुके हैं
41:53बलके हाली में हमारी एक कंपनी ने भी अमरीका से कंटेनर्स मंगवा हैं
41:57तो क्या हमारे लिए वाइबल हैं ये आप्शिंस अगर हम इस पर जाने की कोशश करें तो
42:01पाकिस्तान की रशिया के तेल के लिए बहुत ज़्यादा उस तरह आप्टिमाईज नहीं है
42:09हम जो है वो लाइट अरेबियन लाइट क्रूड ज़्यादा चलाते हैं ये इतना हैवी क्रूड नहीं चला सकते
42:14इंडिया की रिफाइन जो है वो रशिया के क्रूड के लिए आप्टिमाईज है
42:18कच्चे तेल का ये संकट अमेरिका के कारण पैदा हुआ है और जानते हैं कि अमेरिका के राश्यपती जॉनल्ड ट्रम्प
42:22इस पर क्या कह रहे है
42:23हो कह रहे है कि इरान के परमाणू खत्रे को खत्म करने के लिए अगर कच्चे तेल की कीमते बढ़ती
42:29भी है
42:29तो ये एक छोटा सा त्याग होगा और अभी पूरी दुनिया को ये त्याग करना चाहिए
42:33लेकिन हमारा सवाल यह है कि अमेरिका द्वारा शुरू किये गए इस युद का खामियाजा पूरी दुनिया क्यों भुगते
42:40अमेरिका ने हर बार दुनिया को युद की आग में धके लाए
42:43और आपको यकीन नहीं होगा पिशले तीन दशकों में अमेरिका के युद के कारण 10 लाग से भी जादा लोग
42:48अपनी जान गवा चुके है
42:49साल 1999 में जब अमेरिका के ततकालीन राश्रपती बिल क्लिंटन ने कोसोवो के लिए सर्बिया पर बम बरसाने के नर्देश
42:56दिये
42:57तब उसमें 13,000 लोग मारे गए
43:00इसके बाद साल 2001 में जब ततकालीन राश्रपती जॉर्ज डबलू बुश ने अफगानिस्तान में आतंगवाद के खलाफ युद चेड़ा तब
43:07भी इसमें 20 सालों के दौरान धाई लाख लोग मारे गए
43:10साल 2003 में ततकालीन राश्रपती जॉर्ज डबलू बुश ने ही इराक के खलाफ युद चेड़ा जसमें 5 लाख लोगों के
43:17मारे जाने का दावा किया गए
43:19इसके बाद बराक उबामा अमेरिका के राश्रपती बने लेकिन उनके कारकाल में भी अमेरिका ने लिब्या में हमले किये और
43:26वहां भी 10 से 30 हजार लोग मारे गए
43:29इसके बार अमेरिका की राश्योपती बने और उनके पहले कारकाल में सिर्या पर बंबारी की गई और दूसरे कारकाल में
43:35अब तक राश्योपती टरंम कुल आठ देशों पर हमले करा चुके
43:38इन में भी इरान के खिलाफ अमेरिका का युद अब भी चल रहा है
43:43और इससे आप ये भी समझ पाएंगे कि अमेरिका ने पिछले 30 सालों में
43:479 मुस्लिम देशों पर हमले करके 10 लाक से जादा लोगों को मारा है
43:51लेकिन अमेरिका से कभी कोई सवाल नहीं पूछा गया
43:55और इस युद से भी जब पूरी दुनिया स्थिर हो रही है तब अमेरिका को किसी से कोई फर्क नहीं
44:00पड़ता
44:00आप सोचें सबसे बड़ी बात तो यही है कि दूसरा देश जैसे रश्या अगर दूसरे पर अगर हमला कर दे
44:07कोई अपने देश में नुकलियर टेस्ट कर ले तो अमेरिका उन पर सैंक्शन्स लगा देता है और उसके पीछे पीछे
44:13बाकी के नेटो देश
44:14लेकिन खुद अमेरिका आज ऐसा कर रहा है अमेरिका दूसरे देशों को तो लोकतंत्र मानवाधिकारों के मुद्धे पर बड़े बड़े
44:23लेक्शर देता है
44:27तो उसकी कोई जवाब देही नहीं होती
44:29आज भी एक नया विडियो आया है जिसके आधार पर ये कहा जा रहा है कि 28 परवरी को इरान
44:34के मिनाब शहर में जिस प्राइमरी स्कूल पर हमला होने से 165 बच्चियों की मौत हुई
44:38वो हमला मानवादिकारों के चैंपियन बढने वाले अमेरिका नहीं किया था
44:42दावा है कि अमेरिका की टॉमोहॉक मिसाइलों ने इरान के इस प्राइमरी स्कूल को निशाना बनाया
44:48और जब बाद में इस सवाल उठे तो अमेरिका ने इन आरोपों को स्वीकार करने से इंकार किया
44:53और ये कहा कि वो इस हमले की चांच कराएगा जबकि न्यू यॉयॉक टाइम्स अब खुलकर अपनी रिपोर्ट में लिख
44:59रहा है कि इस हमले के पीछे अमेरिका है
45:01अज बड़ा सवाल ये है कि क्या इस हमले के लिए अमेरिका और राश्पती ट्रम के खिलाफ मामला चलेगा और
45:07क्या उनके खिलाफ जांच होगी अरेस्ट वारंट जारी होगा जैसे राश्या के राश्पती व्लादमिर पूतिन के खिलाफ हुआ था यूकरेन
45:13पर हमले के ब
45:42इरान ने अमेरिका और इसराइल को छे महिने तक यूद में फसाय रखने की धमकी और इस धमकी को अमेरिका
45:47ने गंफीरता से लिया
45:48अमेरिका को लगा था कि एरान युद दो से तीन हफतों में खत्म हो जाएगा
45:52लेकिन अब उसे लग रहा है कि चाइना और रश्या की मदद से एरान लंबे समय तक युद लड़ने का
45:56दम भर रहा है
45:57अमेरिका ना चाइना पर आरोप लगाया कि वो इरान को सेन आर्थिक और खुफया जानकारी देकर मदद कर रहा है
46:03अमेरिकी खुफया विभाग का दावा है कि चाइना अरान के मिसाईल एर डिफेंस सिस्टम को रपेर करने
46:08और स्पेर पाथ समेत जरूरी कंपोनेंस की डिलिवरी कर रहा है
46:12इसके लावा वो इरान को साइबर हमलों से बचा रहा है
46:15और साथ ही शाडो फ्लीट के जरीए उससे तेल भी खरीद रहा है
46:22इरान इंटरनाशनल ने तो अपनी एक रिपोर्ट में ये दावा किया है
46:26कि चाइना ने इरान के दो माल वाहक जहाजों में मिसाईल इंदन भर कर भेज से इंटृर्व común dad
46:41को बाइए रश्या हमरा में ने। बेर ही रश्या खळ और सामने ना आया हो लेकिन वो इरान की हर
46:53संभ предлаг
46:53मदद कर रहे हैं हाला कि अमेरिका के आरोपों पर चाइना ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है
47:00समुद्र के रास्ते चाइना और रश्या का इरान तक पहुचना मुश्किल है
47:06क्योंकि अमेरिका ने इरान की समुद्री घेराबंदी की हुई है
47:09कुछ 익sperts या दावा करें की एरान को जो मदद मिल रही है
47:12वो साल 2016 में बने एरान चाइना रेल कोरिडॉर से मिल रही है
47:15एकसपर्टS का कहना है कि साल 2025 में व propor बारत दिन के युद्ग के बाद
47:20इस रेल कोरिडॉर को इरान रनितिक रूप से काफी एहम मानता था
47:24अब सवाल ये है कि क्या सच में चाइना इरान की मदद इस रास्ते से कर रहा है
47:35तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही
47:38अब आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी कल रात 9 बजे
47:41तब तक आप खुश रहिए सुरक्षत रहिए स्वस्त रहिए
47:46और मरने वाला किसी का बेटा था या पिता समाज को फर्क नहीं पड़ता
47:51उसे तो बस ये जानना है कि वो हमारे पाले में था या उनके
47:56नमस्कार
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