- 2 days ago
Bon Appétit, Your Majesty Episode 4 | Hindi/Urdu Dubbed | Korean Drama | Full Episode
Bon Appétit, Your Majesty EP 4 Hindi/Urdu Dubbed | Historical Korean Drama | Full Episode
Bon Appétit, Your Majesty Episode 4 Hindi/Urdu Dubbed
A beautiful historical Korean drama where a talented chef suddenly finds herself in the royal palace and must cook for the king. Watch the exciting episode of Bon Appétit, Your Majesty in Hindi/Urdu dubbed.
🍜 Royal palace story
👑 King & palace politics
❤️ Comedy, romance & historical drama
If you love Korean dramas then don’t forget to follow our channel on Dailymotion for more episodes.
📺 Drama: Bon Appétit, Your Majesty
🎞 Episode: 4
🌏 Language: Hindi / Urdu Dubbed
🎭 Genre: Historical, Romance, Comedy
Bon Appétit, Your Majesty EP 4 Hindi/Urdu Dubbed | Historical Korean Drama | Full Episode
Bon Appétit, Your Majesty Episode 4 Hindi/Urdu Dubbed
A beautiful historical Korean drama where a talented chef suddenly finds herself in the royal palace and must cook for the king. Watch the exciting episode of Bon Appétit, Your Majesty in Hindi/Urdu dubbed.
🍜 Royal palace story
👑 King & palace politics
❤️ Comedy, romance & historical drama
If you love Korean dramas then don’t forget to follow our channel on Dailymotion for more episodes.
📺 Drama: Bon Appétit, Your Majesty
🎞 Episode: 4
🌏 Language: Hindi / Urdu Dubbed
🎭 Genre: Historical, Romance, Comedy
Category
📺
TVTranscript
00:00:06झाल
00:00:51एक जालम तानाशा का बावर्शी बन कर जीना
00:00:54मतलब भ्रोज जान हथेली पर रखकर इमतहान देना
00:00:57मैंने ऐसा कभी नहीं चाहा था
00:00:59लेकिन शायद मेरी किसमत में यही है
00:01:11राज माता हमें विशय बताने की क्रिपा करें
00:01:27बताने की ही यही एक जार्ड़्रे को लेकिन Creating
00:02:13किया होगा?
00:02:15अरे यार, ये तो टेड़े मेड़े अक्षरों में लिखा है
00:02:19न्याई, संतान धर
00:02:21इस प्रतियोगिता का विशय है संतान धर
00:02:26हाँ, जरूर, न्याई की बातें यहां कहां होंगी
00:02:32इस प्रतियोगिता में आप सब जो पक्वान बनाएंगे
00:02:35उनमें बच्चे का माता-पिता के प्रतिकर्तव्य और संतान धर्ण की जलक दिखनी चाहिए
00:02:40उसमें टोफू और टैंजन का इस्तिमाल करना होगा
00:02:45आपके पास केवल एक शुजिन का समय है
00:02:51तो शुरू कीजिए
00:03:05अब हम प्रतियोगिता शुरू करने जा रहे हैं
00:03:18शाहि भोजन बना कर तो मैं वैसे भी अन रसओं योग को नहीं हराबाऊंगी
00:03:23फोकस कर फोकस
00:03:25टोफू और टैंजन्ग, टोफू और टैंजन्ग, टोफू और टैंजन्ग
00:03:30कुमारे पापा ने आज एक नई डिश बनाई है ये क्या है तुमने कभी टैंग जंग पास्ता की बारे में
00:03:35सुना है टैंग जंग पास्ता पापा ये तो बहुत टेस्टी है सच में तो खाओ ना तो ठीक है मैं
00:03:43वही टैंग जंग पास्ता बना कर जीतूंगी जो पापा अकसर �
00:03:46बनाया करते थे इस डिश्ट से मैं राजमाता को अपनी काबलियत का स्वाज चखा कर खश कर दूँगी
00:03:55डायन कोई गलती मत करना वरना तुम्हें कोई नहीं पचा पाएगा यह यह मुस्कुरा क्यों राए यह आत्मी वाका यजीव
00:04:04है
00:04:14खाना बनाने में सबसे ज़रूरी चीज होती है अच्छे सामगरी का इस्तमाल करना
00:04:21मुझे कोई नहीं आ सकता
00:04:24यह तो
00:04:29महराज यह आपके लिए वाकर निराशा की बात होगी
00:04:32लगता है आपको उस डायन बावर्ची से काफी लगाव हो गया है
00:04:38एक कहावत है दादी मा नदी की गहराई उसे पार करके और
00:04:41इनसान की परक उसके साथ समय बिता के ही पता चलती है
00:04:44आखिर तक किस की किसमत साथ देगी यह तो वक्त आने पर पता चल ही जाएगा ना
00:04:49आपको ये जानना चाहिए महराज इन दिनों मैं काफी ठका ठका महसूस कर रही हूँ
00:04:54भूग भी कम हो गई है
00:04:56दादी मा सब जानते हैं कि आप अपने नाजुक स्वभाव और खाने में नक्रे के लिए मशूर
00:05:01और आप कह रही हैं आपकी भूग कम हो रही है
00:05:03बढ़िया है इससे प्रतियोगिता का मज़ा और बढ़ जाएगा
00:05:08मैं ये देखना चाहूँगा कि हमारी नई मुख्य राज रसोई है
00:05:13अपने खाने के स्वाद से आपकी भूख लोटा पाएगी या नहीं
00:05:19मैंने उसकी मौध ठान रखे दी
00:05:22लेकिन उसने तो मेरी जिन्दगी ही बदल दी
00:05:25हाँ ये तो वक्त ही बताएगा
00:05:29देखते हैं महराज
00:05:30जैसा आप कह रहे हैं वैसे होता है या नहीं
00:05:33महराज मुझे उस टायन का हाथ नहीं काटना
00:05:40मुझे तो आपका दिल चीरना है
00:05:56ये तो प्जाएपा आपका देखते हैं
00:06:12कुछ मेरी लिए भी छोरदू
00:06:15कुछ मेरी बीचोर दो
00:06:16ये मुचा दो ये मेरा है
00:06:23यह तो सब चूरा हो गया है यह लोग मुशे पागल करते हैं तो मैं जीतू है जो मलेट मचली
00:06:37है वो सफेद परत वाली ही सबसे स्वादिश्ट होती है
00:06:39एरे एरे एक भी नहीं पकड़े जानी है क्या आए एक पिस्टाइब जानी है
00:06:58अरे यार टूटा फूटा टोफू तो ठीक है पर कुछ बनाने के लिए मेरे पैस इतना टैंजिंग नहीं है अब
00:07:06मैं क्या करूँगे यह कितने घटिया लोग है अब क्या करूँ
00:07:16यह तो पालक है और काफी ताजा लग रही है अरे हां पालक तो गोरियों के आखेर और छोसोन के
00:07:22शुरुवाती समय के भी चाही गया था तो यह काम कर जाएगा
00:07:25यह अच्छा रहेगा पालक खड़िया मजबूर करने और खोन की कमी दूर करने में अच्छा है तो दादी मा के
00:07:31हेल्थ के लिए यह बिल्कुल सही रहेगा पालक का पैस्तो बना कर डालती हूं ठीक है थोड़े और लेती हूं
00:07:36तो अभी तक यहां क्या कर रही हो बस सामगरी �
00:07:39बाकी बावर्ची अपना सामान जुटा कर पहले ही राजमादा के महल के सामने पहुंच चुके है सुनिये क्या मुझे कहीं
00:07:46से टैंग जंग मिल सकता है टैंग जंग संगवान में रखे मटके में टैंग नहीं रखा क्या यह मटका खाली
00:07:51हो चुका है क्योंकि बाकी बावर्�
00:08:07तो क्या सच चलेगा जोलमी टेंग जिंग तो नहीं है पर यहीं पीशे तीन साल पुराना टेंग जग रखा है
00:08:12मेरे साथ चलो
00:08:20महल में या चिकाओं और अपमान जनक शब्दों से जुड़ी इस शर्मनाग घटना को देखते हुए लगता है राज माता
00:08:27ने इस मामले को खुद सुलजाना सही समझा
00:08:29मैं राज माता की मन्शा समस्ता हूँ लेकिन हमारे पास सच में इतनी फुरसत है कि हम प्रतियोगिता के नतीजे
00:08:34का इंतजार करें
00:08:35भले ही वो घट्या औरत इस प्रतियोगिता को जीट जाए लेकिन उसे मुख्य राज रसोया बनाने की इजाज़त हम कभी
00:08:42नहीं देंगे
00:08:59कभी-कभी ऐसा हो जाता है शुक्रिया राजकुमार जेसन इस मामले पर आप भी अपनी राय दीजिए
00:09:11सुसू बहुत जोर से सुसू आ रही है शौचाले कहा है तुछ नहीं होता सहन नहीं होता
00:09:20शुसू लगी है चलिए मेरे साथ शुचाले ले चलो आहाहा अराम से अराम से बस चलिए अराम से
00:09:27मुझे हाट मुझे हाट
00:10:24मुझे जापानी गाओं में खाना बनाना सीखा हो
00:10:27पर अगर मचली का मास काटते वे वो बराबर की मोटाई का ना हो
00:10:31तो बतादू भाब में पकाते समय उसके पतले हिससे तूट जाएगे
00:10:34मुझे नहीं लगता इस वक्त आपको मेरी चिंता करनी चाहिए
00:10:37क्योंकि आप यौनपो टैंक बना रहे ना तो तोफू पर ध्यान रखिए वो ठीक से पका है या ने मुझे
00:10:42मत पकाई है
00:10:43मौका मिला है तो तुम्हें वो शोर्वा बना कर दिखाता हूं जो मैंने शिचुवान में सीखा था
00:10:48अ हुआ
00:10:48यह
00:10:49छुआ
00:10:58हुआ
00:10:59हुआ
00:11:00हुआ
00:11:01ईप हुआ
00:11:05हुआ
00:11:10हुआ
00:11:18सब ठीक हो जाएगा तो कर सकती है
00:11:47जाएगा तो कर सकती है
00:12:12मैंने शायद कुछ गुंधा है मतलब ये लच्छे बना रही है क्या प्रतियोगिता के लिए साधारण नहीं हो जाएगा पर
00:12:20ये तो कोई अचीब सी सबसी कच्छी उपाल रही है मैंने ये सबसी पहले कभी नहीं देखी शाही सकी आपको
00:12:27जोकुंशे के बारे में भी नहीं पत
00:12:29कैसे पता होगा आपने तो कभी कुछ काम ही नहीं किया अच्छा तो ये जोकुंशे है पर वो तो मुक्ना
00:12:35मोल है ना जैसे सुखाकर कहा जाता है इतना ही नहीं वो उसमें कुछ डाल कर पीस रही है देखो
00:12:41समझनी आ रहा है बेवकूफी कर रही है या कुछ बड़ा मुझे �
00:12:58को फॉइस पफॉतेर्ज आपंधा जैसफूर। ब करना रही है बावरची में लगता है फाहिते हैं जिसके पिछली दावत में राज
00:13:04-माता ने तारीफ की थी और बावरची ऐन लगता है मशहोर यॉनपो टैंक बना रहे है
00:13:10मुझे तो अभी सभूक लगने लगी है
00:13:12ओ, ओमान्डू और यॉन्पो टैंग
00:13:16मुझे इनका इंतजार है
00:13:18क्या खयाल है महराज
00:13:20पता नहीं
00:13:22इन पकवानों में
00:13:24कुछ भी नया स्वाद नहीं है
00:13:28महराज शायद अभी भी
00:13:30उस डायन बावर्ची के पकवान का इंतजार कर रहे हैं
00:13:33हाँ, मुख्य राज रसोया का खाना
00:13:35हमेशा एक नए स्वाद का हैसास दिलाता है
00:13:39अब सवाल है
00:13:40क्या मुझे भी वैसा ही स्वाद महसूस होगा
00:13:44जैसा आपको हुआ था
00:13:45बहुत उत्सुख हूँ मैं
00:13:48जरूर होगा दादी मा
00:13:50इंसान का मुझ जूट बोल सकता है लेकिन उसकी जुबां का स्वाद कभी जूट नहीं बोलता
00:14:20टैंग जंग शोरवार राज माता के लिए खास महत्व रखता है
00:14:23इसलिए वो इसे बार बार मंगवाती है
00:14:25एक ताजा और उमामी स्वाद
00:14:27वो बचपन सही खाने में नकरे करती रही है
00:14:30और सुना है जिस दिन वो महल में आई थी
00:14:32कुछ खाई नहीं पाई
00:14:34क्योंकि उन्हें अपने माता पिता की याद आ रही थी
00:14:36तभी वो खाने में इतने नकरे दिखाती है
00:14:38उनकी माने उनके लिए जो आखरी बार खाना बनाया था
00:14:41वो स्याम नदी के टैंग जंग से पकाया गया शोरवा था
00:14:44उनसे कहा गया था
00:14:45चावल को शोरवे में डुबो कर खायें
00:14:47और वो आकसर कहती हैं कि तब का टैंग जंग शोरवा बहुत स्वादिश्ट था
00:14:51वो उन्हें आज तक याद आता है
00:14:54शायद उन्होंने कहा था उसका ताज़ा उमामी स्वाद था
00:14:56और बताएए ना
00:14:58रसोईयोंने पूरी कोशिश की कि वैसा ही स्वाद वाला टैंग जंग शोरवा बना सके
00:15:02लेकिन वो हमेशा कहती रही कि इसका वो स्वाद में भी
00:15:05अब क्या करूँ
00:15:06वो ताज़गी भरा उमामी स्वाद जिसे राजमाता ढूड रही है
00:15:10आखिर कैसा स्वाद रहा होगा
00:15:12क्या सच में उन्हें वो स्वाद इसलिए याद रहा
00:15:14क्योंकि वो उनकी मा के हाथ का बना आखरी खाना था
00:15:17मुझे नहीं लगता कि एक साधारन टैंग जंग पास्ता असरदार होगा
00:15:24अदित्र ध्यान से आप कौन से कहालो में खोई होई है
00:15:27ध्यान से कीजिया, ध्यान से
00:15:34इस रस की खुष्भु तो कमाल की है
00:15:36अब थोड़ा हरा प्यास कात लेता हूँ
00:15:41मैने अपना था बालते लिया
00:15:44बावर्ची मैंग, अपने पास से थोड़ा हरा बास देना
00:15:48पढ़ा नहीं मेरा सारा प्यास खतम हो गया जवाब क्यों नहीं दे रहे हो सुनाई नहीं दे रहे क्या लगता
00:15:55है पास जाकर बोलना पड़ेगा मैंने का मुझे थोड़ा हरा प्यास चाहिए
00:16:00इसी बड़ी पतियों गेता में अपनी सामगरी का ठीक से इस्तेमाल ना कर पाना बाहर होने का कारण होना चाहिए
00:16:05वैसे विजटा को यह की बनेगा सूचा नहीं था कि तुम ऐसे इंसान हो बहुत ज्यादा बेर है मुँ एक
00:16:14ताजा उमामी स्वात हां उन्होंने कैसे बनाया हो
00:16:23कि वह पुराण थाड़ने के लिए टाइम है
00:16:43हाँ
00:17:03एक ताजा उमामी स्वार, समझ गही, शोर्बे के लिए इतना काफी होगा
00:17:31इसे यहां लेकर आओ, मुझे जाने दीजे, मेरे साथ इसा मत कीजे
00:17:41यह क्या हो रहा है?
00:17:44मुझे बस एक और सामगरी की ज़रूरत है, मुझे जाने दीजे
00:17:47यह क्या बहाना बना रही हो तुम, वापस अपनी जगह पर जाओ
00:17:52मेरी बात को समझे, मुझे जाने दीजे
00:17:54तक तुम्हें कौन सी सामगरी चाहिए?
00:17:57बीच में बोलने के लिए माफी चाहती हूँ
00:17:59लेकिन ऐसा करने की अनुमती नहीं है महराच
00:18:04अभी ये कहना मुश्किल है रसोये किस तरह का पकवान पेश करेंगे
00:18:07लेकिन अब जब बाकी बावर्चियों की पकवान लगभग बन चुके है
00:18:10तो ये औरत बीच में सामगरी बदलना चाह रही है
00:18:13इससे पता है कि ये बाकी रसोयों का मुकाबला नहीं कर सकती
00:18:16इसलिए अब वो अपना पकवान बदलने की कोशिश कर रही है
00:18:19नियम था पकवान समय के अंदर पूरा होना चाहिए
00:18:21नहीं कहा कि दुबारा सामगरी नहीं ला सकते
00:18:24भाले ही ऐसा पहले नहीं कहा गया
00:18:26लेकिन डायन भावर्ची ने देख लिया है कि बाकी रसोयों क्या बना रहे है
00:18:30तो इससे अब और सामगरी लाने की इजास्त देना ठीक नहीं होगा महराज
00:18:39यह सच है मैंने पक्वान बदलने के बारे में सोचा
00:18:41लेकिन मज़ए वो बिल्कुल नहीं है जो आप सोच रही है
00:18:45पक्वान को बीच में बदलना बहुत मुश्किल है
00:18:47मैं जो मांग रही हूँ वो तो कुछ भी नहीं है
00:18:50वो मेरा समय निकला जा रहा है
00:18:53यह तुम्हारी ही तो गलती है सुनिये दादी मा मैं मानता हूं सखी खांगने सही कहा यह नियम के विरुद्ध
00:18:59है पर जैसा मुख्य राज रसोईये ने कहा दोबारा सामगरी ना लाने का कोई नियम नहीं था
00:19:05तो इसे और सामगरी लाने दीजिए और अगर ये फिर भी हार जाएं तो आप इसके दोनुँ हाथ काट देना
00:19:17ये पागल साइको है क्या कुछ भी बोले जा रहा है मेरा दमाग खराब कर रहा है ये तो बहुत
00:19:24अच्छा सुझाब है महाराज
00:19:30तो ठीक है हमें मन्जूर है पर अगर जैसा सखी खांग ने कहा तुम्हारा इरादा हमारा अपमान करने का था
00:19:36तो तुम्हारा सिर भी कलम किया जा सकता है
00:19:40ठीक है मैं आपकी बात समझ गई
00:19:45ऐसे दादी मा सच का हूँ तो चाहे हाथ जाया सिर मेरा तो दी एंड ही है
00:20:02मेरे पास तो टाइम ही नहीं है अगर आप गई तो खत्म नहीं कर पाऊँगे
00:20:11खेल गए माँ चाली जाँ मुझ पर बरुसा रखी
00:20:26ठाइम हुआई तो आप प्राइम है
00:20:53जोलमी टैंग्जन के स्वाहत को मात देने का यही एक तरीका है
00:20:56मुझे इसमें स्मोकी फेवर देना होगा
00:21:01ओहो, क्या बेहूदा नौटंकी है
00:21:04यह कितना सादा बत्ता है
00:21:39वो टोपो को किस तरह से पका रही है
00:21:41इसने तो सीधे तेल में डाल दिया
00:21:47देदी, मैं बस पहुचे गई
00:22:03देदी
00:22:16खेल गम अभी तका है क्यों नहीं
00:22:29बावर्ची में आई से मुझे पूरी उमीद है
00:22:30और मांडू चकने का मुझे बेसबरी से इंतसार है
00:22:36बावर्ची इमका यौनपो ठैंग भी कमाल का दिख रहा है
00:22:40ऐसा लग रहा है जैसे वो पूरी दावत सजा रहे है
00:22:44बिल्कुल सही कहा
00:22:57शौर्बे के अंदर मुकना मुल डाला?
00:22:59क्या कहा? वो जौकुंचे को टैंजंग के शौर्बे में डाल रही है
00:23:05या तो इसका दिमाग खराब हो गया है या ये कोई नया पकवान है
00:23:09तुम्हें अपने पकवान का लाजवाब स्वाद राजमाता को चखाना ही होगा
00:23:22खिल्गम चल्दी करो अब मैं और इंतजार नहीं कर सकती
00:23:35दीदी
00:23:38खिल्गम तुम आ गई?
00:23:42कहा रहे गई थी?
00:23:44मुझे माफ कर दीजिए आने में देर होगी
00:23:46क्या हुआ चोट कैसे लगी?
00:23:47सिर से खूर आ रहा है
00:23:49मुझे कुछ नहीं हुआ हम बात में बात करते हैं
00:23:51इसे लीजे और चाहिए
00:23:53महार बहुत शुक्रिया खिल्गम
00:23:54अरे कोई बात नहीं
00:23:56ध्यान से काम कीजेगा
00:23:57कोई ज़बास ही नहीं है ठीक है?
00:24:04यही तो चाहिए था
00:24:05क्या टाइमिंग है ख्यल्गम
00:24:13उस डायन बावर्ची ने अभी क्या डाला?
00:24:16कुछ समझ ही नहीं आ रहा
00:24:21मैं इस बारे में नहीं जानती राजमाता
00:24:23इनको भी नहीं पता
00:24:24उसने थोड़ी देर पहले
00:24:26जौकंशे को टैंजन के शोर्बे में डाला था ना
00:24:29क्या ये तरीका पहले कभी इस्तिमाल हुआ है?
00:24:31वो टैंजन शोर्बा ही बना रही है
00:24:33पर इसे ऐसे बनाने का तरीका
00:24:35मैंने पहले कभी नहीं देखा
00:24:37सच मच, ये तो अजीब है
00:24:39जरा सोची अगर उसका खाना खाने से
00:24:42सब बीमार हो गए तो
00:24:43क्या जोकुंछे खाने से कोई बिमार हो सकता है
00:24:46ये कैसी बाते कर रही हो
00:24:47असल में मैंने उस चीज को
00:24:49इस तरह उबालते और मसाला लगाते नहीं देखा
00:24:52इसलिए मेरे लिए कहना मुश्किल है
00:24:53अरे लेकिन मैं ऐसा कुछ कैसे खा सकती हूँ
00:24:57तो क्या मैं उसे खाना बनाने से रोक दूँ
00:25:02आप ये क्या गुस्ताखी कर रही है
00:25:04मुख्यर राजरसो ये के पद के लिए
00:25:06इस प्रतियोगिता का आदेश मैंने ही दिया था
00:25:08माहराज माफी चाहती हूँ
00:25:10शान्त हो जाईए
00:25:11मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई माहराज
00:25:13वरिष्ट शाही सेवक के शब्तो केवल शाही नियमों पर आधारित थे
00:25:16वो आपका मजाक उड़ाने की हिम्मत नहीं करेगी
00:25:19कृपया शान्त हो जाईए
00:25:21शाही नियम?
00:25:28क्या? क्या कहा आपने शाही नियम?
00:25:32मैंने ये प्रतियोगिता इसलिए रखी ताकि मुख्य राजरसुये का फैसला कर सके
00:25:36इसे मेरे राजा होने के अधिकार का अपमान भी माना जा सकता है
00:25:40क्यूंकि इसे मुख्य राजरसुया मेरे आदेश पर बनाया गया था
00:25:43महराज मेरी बात
00:25:44मैं जानता हूँ ऐसा कभी नहीं हुआ
00:25:45इसलिए मैंने आप सब की चिंता समझी
00:25:47और तभी ये प्रतियोगिता सुविकार की
00:25:49अगर आप यही चाहती हैं
00:25:51तो खाना चाखे बिना ही इस प्रतियोगिता को रोका जाए
00:25:53सिर्फ इसी लिए कि बावर जी यौन अंजान पकवान बना रही है
00:25:56और मेरे आदेश का क्या मान
00:25:57क्यूंकि मैंने ही उन्हें इस पद के लिए नियुक्त किया था
00:26:00आप ही बताए मैं गलत हूँ
00:26:01महराज शान्त हो जाए
00:26:04जैसा महराज ने कहा
00:26:05ऐसा कोई नियम नहीं है
00:26:07जो डायन को राजरसोया बनने से रोकता हो
00:26:09लेकिन मेरी बस यही इच्छा है
00:26:11कि आगे के लिए ये कोई गलत मिसाल ना बने
00:26:14आपकी बात मान ली गई है महराज
00:26:16तो चलिए
00:26:18अब हम पकवान का स्वाच चक कर ही
00:26:20अपना फैसला करते हैं
00:26:22मैं जानता था
00:26:24इस प्रतियोगिता का असली मकसद
00:26:25सिर्फ और सिर्फ मुख्या राजरसोया को हटाना है
00:26:28जिसे मैंने नियुक्त किया था
00:26:32तुम बस
00:26:33समय पर खत्म कर लो
00:27:17आप सब का समय सम आप तु हुआ
00:27:27बावर्ची यौन
00:27:28अब खेल बस तुमारे खाने के स्वाद पर टिका है
00:27:31या तो तुम मेरी सच्ची राजरसोया बनोगी
00:27:35या यहीं सब कुछ खत्म हो जाएगा
00:27:57कर तुम जाएगा
00:28:01कर दो दो पर खत्म है
00:28:05याँ
00:28:11झाल
00:28:42ये काफी मुलायम है और रस से भरा हुआ
00:28:45इस पकवान में ऐसा क्या है जो इसे इतना नरम बनाए रखता है
00:28:50जी राज माता ये नमी आती है मलेट मचली से बनी इसकी पतली बाहरी परत की वज़ा से
00:28:57ये वाकई में बहुत नरम ओमांडू है
00:29:02मलेट डंपलिंग की महीम परत पर मकई आता जो बना है बारी काते हुए मास से
00:29:08भुना खीरा मूं के अंगूर और टूफू का जो मिश्रण है चबाते ही स्वाद मूं में घुल जाता है
00:29:14महाराज आपकी स्वाद के पहचान कमाल की है
00:29:17ये तो बहुत ही स्वादिष्ट है तारीव के लिए शब्दी नहीं है मेरे पास
00:29:21वाकई स्वादिष्ट है लेकिन
00:29:26मुझे इसमें टेंजंग का ज्यादा स्वाद नहीं आ रहा
00:29:31टेंजंग को सिर्क्य और शहद के साथ मलाकर एक लाजवाब चटनी तयार की है
00:29:38तो चटनी में है
00:29:52हाँ टेंजंग का स्वाद तो है इसमें
00:29:56लेकिन दस इसे चटनी में ही डाला है
00:30:01उमांडू की जो परत है जीब छूते ही पिघल जाती है बहुत ही लाजवाब है
00:30:06और उमांडू के अंदर का नर्म और रस्तार मिश्रन स्वाद से भरा है
00:30:09हर एक उमांडू बिलकुल सही पका है
00:30:12सही कहा इन्होंने मेरी जैसी बुड़ी भी इसे आसानी से खा सकती है
00:30:18ये मेरे लिए सम्मान की बात है
00:30:20तो बताईए इस पकवान में आपने संतान धर्म का भाव कैसे जोड़ा
00:30:26महराज इस प्रजा के लिए एक पिता के समान है
00:30:29प्रजा ने महराज को ये सामगरी अपना संतान धर्म मान कर अरपित की है
00:30:33उसी सामगरी से मैंने ये तयार किया और राज माता को प्रस्तुत किया
00:30:37अगर ये संतान धर्म की सबसे बड़ी सद्धा नहीं है
00:30:40तो फिर और क्या है बताईए
00:30:43अच्छा जवाब दिया
00:30:45कावे समझदारे भारा जवाब है
00:30:48अगर ऐसी बात है
00:30:49तो ये नियम महल के सभी खाने पर लागो होता है
00:30:52जो प्रजा की सामगरी से बनते है
00:31:14क्या ये टोफू यौनपो टैंग है
00:31:16जी आपने सही कहा राजमाता
00:31:19पिछली दावत में मैंने देखा था आपको ये अच्छा लगा था
00:31:22इसलिए सोचा आज थोड़ा और बहतर बनाओ
00:31:50इसका स्वाद साधा है
00:31:52क्या इस टोफू का साधा स्वाद किसी खास कारण से है
00:31:56क्योंकि मैंने टोफू के बीच में बकरे की चके मुर्गे का मास भरा है
00:32:00जिससे इसमें चिकनाई कम हुई है
00:32:02और टोफू की कुमलता उभर आई
00:32:04तुमने ये टोफू आखिर बनाया कैसे है?
00:32:07टोफू को हलका सा सेख कर मैंने उसे जल धनिया के डंठल से बान लिया जिससे उसमें महग बिल गई
00:32:13फिर मुर्गे के मास के शोरबे और जोलमी टेंजन के साथ मिलाकर उसमें डुबो दिया
00:32:17तो इसलिए टोफू शोरबे के साथ बहुत स्वादिश्क लग रहा है
00:32:20इसमें डाले अलग-लग प्रकार के मश्रूम्स भी अच्छे लग रहा है
00:32:24आपका शुक्रिया महराज
00:32:26इसके लिए मैंने जिनान के प्योगों कुकुर मुत्ते और ताकत देने वाली कीला जड़ी का इस्तमाल किया है
00:32:33आपके इस यौनपो टैंग में संतान धर्म का भाव कैसे दिखता है?
00:32:38म्यूंग शिंग बाउजियान में लिखा है जिस घर में मेल मिलाप हूँ वहाँ सब कारे सिद्ध होते हैं
00:32:43और जहां संतान माता पिता के प्रती भक्ती करे वहाँ उनके रदे में सुक भर जाता है
00:32:48मैंने ये पकवान इसले बनाया है कि सभी साथ मिलकर इसका आनन ले सके
00:32:53ये वाकई में ऐसा खाना लगता है जिसे माता पिता और बच्चे साथ बैठ कर खा सकें
00:32:59हाँ, आपने सही कहा, राज माता हमें तो आपकी वो दावत याद आ गई
00:33:04लेकिन कहना पड़ेगा इस बार का टोफू उससे ज्यादा अच्छा है इनका स्वाद वाके ही अच्छा है
00:33:11हम, तो इस पकवान में तुमने संतान की माता पिता के प्रती सेवा का भाव डाला है
00:33:18जी, जी, जी, जी, आपने सही कहा, महाराज
00:33:44यह तो सिर्फ शोर्बा है
00:33:46क्या बोल रहा है, लगा था मुझे सपोर्ट करेगा
00:33:50इससे बनाते वर्क्त, तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा था
00:33:55यह टैंक जिंग शोर्बा खास आपके लिए बनाया गया है राजमाता
00:34:00शक्कर देखे
00:34:04क्या बोल रहा है
00:34:37यह पॉस क्यों हो गए, इन्हें मेरा सूप पसंद आया या नहीं
00:34:42यह ताजगी भरा उमामी स्वाद, हैरानी की बात है इसे, जोडने का ख्याल उसे आया
00:34:49हो ही नहीं सकता, क्या इसे समझा गया, इसकी स्वाद की पहचान तो सच में बेमिसाल है
00:35:12तो बताओ, इस पक्वान में संतान धर्म का भाव कैसे लाया गया?
00:35:16इस पक्वान में संतान धर्म का भाव कई रूप में है, पहली बात तो ये है कि ये टैंक जंग
00:35:22शौरबा, दुने टैंक जंग का गहरा स्वाद, मा के हाथों के पक्वान की याद दिलाता है
00:35:26दूसरी बात, ये जो तला हुआ टोफू है, ये स्वाद को उभारता है, इसके अंदर…
00:35:31बक्वास बंद करो, सीधे मुद्धे पर आओ, नहीं तो इसी समय तुम्हारे हाथ खटवा दूगी
00:35:35बस करो
00:35:40इस पक्वान में
00:35:46संतान धर्म है
00:36:11वो खा रही है, आप जाकर शांती मिली है
00:36:21मा नहीं, मुझे ये नहीं खाना, मुझे बस यहां से जाने दो
00:36:26बिना कुछ खाए महल जाना, तुम्हारे लिए बिलकुल ठीक नहीं है बेटा
00:36:31ये चैंग जिन वही है, जिसे लाने के लिए मैंने किसी को दूर सौमजिन नधी तक भीजा था
00:36:40महल में कदम रखते ही, तुम्हारा हमसे मिलना बहुत कम हो जाएगा बेटा
00:36:45बस एक चम्मच और खा लो
00:36:51बसित्क हुआ है
00:36:59प्यूम्हारा है
00:37:00बसित्चाना
00:37:02बस्टाना
00:37:03छोबश्ग
00:37:04बस्टाना
00:37:08फससी कि तूम्हारा
00:37:11उपा जाएएवा
00:37:13प्यॉत
00:37:14खरो
00:37:15कि व्यॉत
00:37:17ऐसा कैसे हो सकता है, इसे ये सुवात कैसे मिला, मैंने सोचा था उससे संतान धर्म के बारे में पूछ
00:37:28कर डांट लगाऊंगी, लेकिन उसने ऐसा खाना परोसा जिसे मैं ही पिखल गई, वो आखरी सामगरी जो तुम लेकर आई,
00:37:39वो क्या थी?
00:37:43वो जे चाप था
00:37:50तासगी से भरा शोर्बा बनाने में जे चाप से बढ़कर कुछ नहीं, छोसोन एरा में सिर्फ सौमजिन नदी या नांटॉंग
00:37:57नदी के पास रहने वालों को ही इसका स्वाद मिल पाता था
00:37:59जे चाप का ये तीखा और तासगी भरा स्वाद जो इन्होंने अपने हाथों की बाजी लगा कर जोड़ा है, उससे
00:38:06शोर्बे का स्वाद कई गुना बढ़ गया है
00:38:11एक अच्छा जालम राजा
00:38:16गटिया औरत तो इस तरह से ये महाराज को लुभा रही थी
00:38:21क्या जे चाप से तुम्हारा मतलब उन छोटे सीप से है जो सीप के शोर्बे में होते हैं
00:38:27जी, सही पहचाना, हाँ यही वो रहस्य है तासगी भरे स्वाद का जिसे आप जीवन भर खोशती रही है
00:38:35मुझे यकीन था कि आपकी मा के बनाए आखरी टैंग जंग शोर्बे में भी सोमजन नदी की सीपी का स्वाध
00:38:42होगा
00:38:44इसलिए मैंने उसके अनोख है पन को इस टैंग जंग शोर्बे में जोड दिया
00:38:59लेकिन मैं पहली बार इस रूप में इसका स्वाद ले रही हूँ
00:39:02यह जोकुंचे टैंग शोर्बे में डालने का खयाल तुम्हें कैसे आया?
00:39:07यह बहुत ही नरम है और बहुत जादा मीठा भी अरे इतने सिंपल सी बात क्यों पूछ रही है
00:39:13क्या आज यहां मैंने जेचाप पालक टैंग जंग शोर्बा क्रियेट किया?
00:39:18जोकुंचे जब शोर्बे में डाला जाये तो वो मुलायम और मीठा हो जाता है
00:39:23तो यह टैंग जंग के साथ धी अच्छा लगता है
00:39:24हलका उबाल कर तुरंथ मसाना डालने से भी इनका स्वाद बढ़ जाता है
00:39:28और…
00:39:29और?
00:39:31मैंने देखा था आपको संतुलन बनाय रखने में कठिनाई हो रही थी और आपके हाथ काप रहे थे
00:39:37जो कुछे हड़ियों और खून की कमी दोनों के लिए अच्छा है तो इसे खाने से आपको फायदा होगा
00:39:46और वैसे भी राजमाता सिक्याक दौंग वांग तो आप जानती ही होगी
00:39:51मतलब खाना भी एक तरह की दवाई ही है
00:39:53चुनना ही पड़े तो कडविदा नहीं बलकि आप स्वादिष्ट खाना चुनकर भी स्वास्त रह सकती हैं
00:40:06तुम वाकई समझदार और अच्छी सोच रखती हो
00:40:14तुम्हारी काबियत पर मैं और शक नहीं करूंगी बेटा
00:40:19लेकिन क्या तुम फिर से मेरे लिए ऐसा खाना बना पाओगी
00:40:25जी
00:40:29जी मैं जरूर बनाओगी
00:40:36लगता है कि आपने विजेता तै कर लिया है
00:40:49आज की प्रतियोगिता जीती है
00:40:59बावर्ची यौन ने
00:41:09मैं जीत गई
00:41:10मैं बच गई
00:41:12मैं बच गई
00:41:16बावर्ची यौन का बनाया गया जौकुंचे टैंजंग शोरबा वाकई में संतान धर्म की मिसाल है
00:41:22और ऐसी विधी से जो हमने पहले कभी न देखी
00:41:25उसने जे चौप और जौकुंचे का उप्योग करके ऐसा पकवान बनाया
00:41:29जिसमें ताजगी और पॉष्टिकता भी थी
00:41:33और जिसने मेरा दिल छू लिया
00:41:40राजशाही रसोई घर की
00:41:42मुख्य राज रसोईया है
00:41:47यौन परिवार की छीयों
00:41:55आप सब ही ने बहुत मेहनट की है
00:41:58अच्छा काम किया है
00:42:04तो आप
00:42:08समय आ गया है दंड देने का
00:42:18प्रतियोगी ता हारे हुए दोनों रसोईयों को
00:42:20सजा अस्थेल पर लाया जाए
00:42:21जी
00:42:22सखेजी पठेगे
00:42:28क्यासा सच में होता
00:42:31इनके हाथ सामने रखे जाए
00:42:39इनके हाथ सामने रखे जाए
00:42:43इनके हाथ सामने रखे जाए
00:42:58रुक्चाए रुक्चाए महराज
00:43:05बीच में बोलने की गुस्ताख ही कि तुमने
00:43:10माफ कीजे महाराज
00:43:12पर अगर आप इन दोनों रसोयों के हाथ कटवा देंगे तो
00:43:14ये प्रतियोगिता बेकार हो जाएगी
00:43:16क्या आप सच में ऐसा ही जाते हैं
00:43:18आखर ये क्या बक्वास कर रही हो तुम
00:43:20बचंदिया है निभाना पड़ेगा
00:43:27रुख जाड़े
00:43:30आज की प्रतियोगिता का विशे था संतान धर्म
00:43:32आखरी बार कह रहा हूं पीछे हट जाओ
00:43:35माराज राज मात आप तक इन दोनों रसोयों का बनाया हुआ खारा
00:43:39खुशी जखाती रही है और इसी से उनका स्वास्त भी अच्छा रहा है
00:43:42क्या इन रसोयों के हाथ काटना
00:43:43राज माता की प्रति संतान धर्म का अपमान नहीं होगा
00:43:46तेरी गुस्ताख ही माफ नहीं होगी
00:43:48मैंने तुछे जीवित रखा क्योंकि तो एक अच्छी बावर्ची है
00:43:51और अब तुम मुझे ही उपदेश दे रही है
00:43:54तुझे इसी वक्त मरना है क्या
00:43:56मैं जिन्दा रहना चाहती हूँ
00:43:58और ये दोनों भी जिन्दा रहना चाहते हैं
00:44:00किसी बावर्ची के हाथ काटना
00:44:02उसे मार डालने से कम नहीं है
00:44:04हम तो अच्छा पकवान बनाने की प्रतियों की तामे उतरे थे
00:44:06ये वृत्यों दंड का अपराद कैसे बन गया महराज
00:44:09अपना मूँ बंदकार
00:44:23महराज
00:44:25बावर्ची यौन सही कह रही है
00:44:28इन दोनों रसोयों को माफ कर दीजिए
00:44:31शुर्वात से ही ये सब मेरी भूल से हुआ
00:44:36कि मैं आपकी मन्शा को ठीक से नहीं समझ पाई
00:44:39सच कहूं तो
00:44:41मुझे इस बात का बुरा लगता था
00:44:44कि आप हिर्णों से नफरत करते थे
00:44:46क्योंकि स्वर्गी अराजा को हिरन पसंद थे
00:44:49और सिर्फ इसलिए
00:44:51आप हिरन का शिकार करते थे
00:44:55हाल ही में मुझे पता चला
00:44:56बावर्ची यौन ने अंजाने में
00:44:58आपको हिरन का मास परोज दिया था
00:45:01और इसी लिए इस प्रतियोगिता का विशय मैंने
00:45:03संतान धर्म रखा
00:45:08अच्छा तो ये कहानी है
00:45:11ये तो सच में अलग है किस्म के इंसान है
00:45:14आप पता से नफरत कर सकते हो पर अतनी नहीं
00:45:16लेकिन आप बावर्ची यौन जो अभी-भी
00:45:20मुख्य राजरसो या नियुक्त होई है
00:45:22उसने अपने भोजन से
00:45:24मुझे असली संतान धर्म समझाया है
00:45:27समझ सकती हो आपको इससे इतना लगाव क्यूं है
00:45:32माहराज
00:45:33आज के लिए
00:45:36बात यहीं खत्म कर देते हैं
00:45:44लेकिन
00:45:46एक प्रतियोगिता प्रतियोगिता होती है
00:45:49हमें नाम और सजा की बीच में अंतर रखना चाहिए
00:45:54ऐसे में उचित होगा
00:45:55कि इन दोनों रसोयों को
00:45:57शाही परिवार के प्रति अपनी वफादारी सिध करने का आफसर मिले
00:46:02और ये बावर्ची यौन से
00:46:04अच्छा खाना बनाना सीखें
00:46:08मुझे माप कर दीजे माराज
00:46:11माप कर दीजे मुझे
00:46:13हमें बग दीजे
00:46:14मुझे में बख़ते हैं
00:46:17मुझे रसे माराज
00:46:19मुझे रसे रसे रसे
00:46:24अच्छा।
00:46:41मुझे रसे
00:46:51दोनों बावर्चियों कान खोल कर सुनों, प्रतियोगिता में दिया हुआ वचन हर हाल में निभाया जाएगा, लेकिन नई मुख्य राजरसुया
00:47:00और राजमाता के कहने पर, मैं तुम दोनों रसुयों की आज के दिन जान बख्ष देता हूँ,
00:47:08राजमाता के आदेश से, आज से ये दोनों बावर्ची यौन के शागिर्द बनकर उससे खाना बनाना सीखेंगे, इसी के साथ,
00:47:16ये प्रतियोगिता यही खत्म होती है, इन्हें आजाद कर दिया जाए, जी!
00:47:32महराज, क्यों ना आज हम दोनों साथ बैठकर चाहे पियें, आज मैं…
00:47:37शाटेंजंग शोर्बे ने आपको उसकी याद दिला दी जिसकी आपको चाहत थी, और आज तो आप कुछ ज्यादा ही दरिया
00:47:44दिली दिखा रही हैं,
00:48:15आज के बाद डायन बावर्ची पर अब कोई भी सवाल नहीं उठा पाएगा।
00:48:20आपने देखा की नहीं, सकी कैंक सबसे पहले गई।
00:48:24गुस्सा तो आएगा ही न, उसकी चाल जो बेकार हो गई।
00:48:27बस भी करो, कम से कम अब वो बार-बार यहां आकर मुझसे अपनी बकवास बाते तो नहीं करेगी।
00:48:34मगर जैसे ही प्रतियोगीता खत्म हुई, क्या आपको नहीं लगा कि महराज का गुस्सा एकदम से बढ़ गया था?
00:48:42हाँ, तुमने बिल्कुल सही कहा, मुझे डर है कि कहीं उने सच में उस घटना का पता न चल गया
00:48:47हो।
00:48:47वही तो वरना महराज का राजमाता के साथ ऐसा व्यवार करने की कोई और वज़ा हो ही नहीं सकती थी,
00:48:53है न?
00:48:53आखिर ये तुम कैसी बाते करे जा रही हो, तुम्हें पता है न, इस बारे में बात तक करने की
00:48:58अनुमती नहीं है।
00:49:00शाय टेंजंग शोरबे ने आपको उसकी याद दिला दी जिसकी आपको चाहत थी, पर आज तो आप कुछ ज्यादा ही
00:49:06दरिया दिली दिखा रही हैं।
00:49:09उस घटना के लिए सर्फ हम ही दोशी कैसे हो सकते हैं। अगर निकाली गई रानी ने अपमान जनक व्यवार
00:49:14नहीं किया होता, तो वो सब कभी नहीं होता।
00:49:16ये सोच कर कि महराज को पता चला तो, मेरी लू कामती है, हम इस बारे में कुछ सोचना चाहिए।
00:49:23अब बस भी करो, महराज को तो ऐसा लगता है कि उनकी मा का दिहाद इक बिमारी से हुआ था,
00:49:28उन्हें नहीं पता कि उनकी मा को जहर दिया गया था।
00:49:31वैसे किसे पता, ऐसा भी हो सकता है वो, किसी से जांच करवा रहे हैं।
00:49:36अब कोई कुछ नहीं बोलेगा, महराज को अगर सच्चाई का पता चल भी जाए, तो भी हम इस बारे में
00:49:43कुछ नहीं कर सकते।
00:49:45चाहे समय पीछे भी चला जाए, मैं फिर भी वही करती जो मैंने तब किया था।
00:49:57और हाँ, शाही सकी भी वहां मौजूद थी महराज, पर बावर्ची यौन की वज़े से राज्येपाल हॉंग को देश निकाला
00:50:03देने का जो इल्जाम है, शायद वो अफवा चाहूंग वान से फैली है।
00:50:07तो ये सब सकी कांग ने किया है। रुक जाओ।
00:50:19चाहूंग वान वापस चली गई है। तो हमें भी वहां ले चलाओ।
00:50:32अरे भापरे, मेरे पैर तुख रहे हैं।
00:50:37जंदगी में कुछ भी आसानी से नहीं मिलता है। क्यों है ना खिलो मौ।
00:50:41हाँ, सही कहा। हमें तो इसका डर लग रहा था कि आज शायद हमारे हाथ ही कट जाएंगे।
00:50:53ये क्या कर रहे हूं।
00:50:57हाँ, हमें बचाने के लिए शुक्रिया। तुमसे बहुत कुछ सीखा हमने।
00:51:03चलो अच्छा है।
00:51:05हम सभी मुश्किलों से जूझ रहे हैं।
00:51:08ऐसे में तारीफ मुलना अच्छा लगता है।
00:51:11पताने इतनी प्यास क्यों लग रही है।
00:51:14अगर कोई पानी पिला देता तो महरबानी हो जाती।
00:51:20अगर कोई थोड़ा पानी ला देता तो महरबानी होती।
00:51:39वैसे मान लेता हूं आज किसमत तुम्हारे साथ थी।
00:51:42उसी किसमत के सहारे हम सब जिन्दा है चलो अच्छा है किसमत से आज में धन्यावाद कहना है तो सीधे
00:51:49सीधे कहे तो ना
00:51:59शायद मुझे थोड़ी भूग भी लग रही है तुम्हारे बनाई हुए अमांडू अभी भी बचे हैं क्या?
00:52:05ओ.. ओमांडू?
00:52:10थोड़ी तो बचरे होंगे ना?
00:52:16कुछ बहुत भी ने सकता है
00:52:31हाँ मैं अभी आया है
00:52:41अरे वाह दीदी अब तो आप सच मुछ मुख्य राज रसोईया बन गई है जान में जान आई शाही रसोई
00:52:48में कौन किसके उपर है ये भी तैय हो गया
00:52:51अरे खिलकम तुम्हारे सर पर चोट लगी थी ना हुआ क्या था वो असल में मैं तो सांगोन से आपकी
00:52:59मंगवाई गई सामगरी लेकर लोठी रही थी कि अचानक किसी ने मुझे अपने हाथ से धक्का दे मारा और मैं
00:53:04फटाक से जमीन पर गिर पड़ी क्या सच मैं तुम्हें म�
00:53:20मैंने नहीं देखा मैं से भरी टोकरी पकड़े हुए गिर पड़ी तभी एक आदमी आया और धाका देने वाले पर
00:53:27जोर से चिलाया जिससे वो तुरंत वहाँ से भाग गया वो मुझे बचाने वाला और कोई नहीं वो कलाकार खौंगिल
00:53:34था खौंगिल
00:53:42वो घटिया औरत कोई आम इंसान नहीं है उसे छोड़ दिया तो मुसीबत बन सकती है वो जरूर किसी इरादे
00:53:49से आई है किसी के इशारे पर भेजी कई जासूस होगी पर ये सच है कि उसमें खाना बनाने की
00:53:55कला है महराज उसे यूहीं पसंद नहीं करते है उसे चुपचाप
00:53:58पगवा करके कहीं बेच दे जल्दबाजी नहीं कर सकते है उसकी किसमत उसके साथ है एक बड़ा जाल बिछाना पड़ेगा
00:54:07मैं समझी नहीं महराज पधार रहे है
00:54:21आप ठीक तो है ना आपको मेरी चिंता हो रही थी महराज वहां से मैं जल्दी आ गई क्योंकि मेरा
00:54:28सिर तर्द करने लगा था
00:54:30मैंने सुना आज की प्रत्योगिता आपने ही करवाई और ये भी की बावर्ची यौन की बज़े से मैंने राज्यपाल हॉंग
00:54:37को निर्वासित किया ये अफवाद झांग मौन से शुरू हुई
00:54:43महराज
00:54:53बताईए
00:54:57क्योंकि आपने ऐसा
00:55:00मुझे जवाब दीजिया आपने ऐसा क्यों किया
00:55:04मेरे आदेश से बनी मुख्य राजरे सुई एको आयोग्य ठहराना
00:55:07खुद मेरे यानी राजा की अधिकार को नकारना है ये बाद जानती है ना आप
00:55:10महराज क्या आप
00:55:13सच में इस वक्त उस डायन की तरफ तारी कर रहे है
00:55:15क्या क्या
00:55:17अपनी मा की मौत की वज़ा ढूनने के लिए आपने ना जाने
00:55:20कितनी राते बिना सोई बिताई है
00:55:22आप भूल गए उस दिन क्या हुआ था
00:55:24आपको याद है वो तेन जब आपकी मा को निकाला गया था
00:55:28अपनी मा की मौत का पदला लेने की कसम खाई थी उसका क्या हुआ
00:55:31मूँ बंद रखी आपना
00:55:35मेरी मा के बारे में एक शब्द भी और मत कहना
00:55:38ऐसे नाजुक सम्मे में आप ना सिर्फ एक अंजानवंच वाली डायन को महल में ले आए
00:55:42बरकि उसे मुख्यराज रसोयय बना दिया और फिर आप चाहते में चुप-चाप ये सहते रहूं
00:55:47इसलिए आपने बिना मुझ से बात किये ही इतना बड़ा कदम उठा लिया
00:55:50मैं आप से निराश हो चुका हूँ
00:55:55गलत फेहमिया छोटी सी बात से भी पनब सकती है
00:55:59पर जब हालाद बिगड़ते हैं तो हदबार हो जाती है
00:56:02ठीक वैसे ही जैसे स्वर्गिय महराज ने आपकी मा के साथ किया था
00:56:07चुप हो जाईए
00:56:09अपना मुझ बंद रखे
00:56:15अपनी मा की मौत वचर धूड़ने के लिए आपने नाचा ने कितनी राते बिना सोई विताई है
00:56:19आप भूल गए उस दिल क्या हुआ था
00:56:22अपनी मा की मौत का बदला देने की कसब खाई दी उसका क्या हुआ
00:56:26महराज
00:56:28आप थीक तो है ना महराज
00:56:31महराज
00:56:33मैं आपको अभी शान करती है
00:56:37शान को जहीं माराज
00:56:49माराज
00:56:52माराज
00:57:07वो डायन बावर्ची तो सच में कमाल की है
00:57:11राज माता से अपनी काबिलियत की सरहाना मिलना सबके बसकी बात नहीं है
00:57:15उस बावर्ची का बेमिसाल हुनर अब तो मैं भी देखना चाहता हूं
00:57:20उसका खाना चखने का हक है आपको राजकुमार
00:57:26माराज के साथ शाही भोजन करते हुए उस डायन के खाने का स्वाद लेने का अच्छा मोका है
00:57:31मच्छा सुझा दिया है
00:57:34वैसे सालगोजी जंगल वाले कातिल का क्या हुआ
00:57:36आपका शक सही था राजकुमार
00:57:39किम्यांसौन किम्सौन के बड़े भाई जिन्हें मौत की सजा दी थी
00:57:44बदला लेने के लिए अकेले ही काम कर रहे थे
00:57:48उसे कहा था समय से पहले अकेले कुछ मत करना फिर भी उसने
00:57:53वो कातिल मिला क्या?
00:57:55हाँ, मिल गया था लेकिन
00:57:57लेकिन क्या पच निकला?
00:57:59उसका चहरा नकाब से ठका था
00:58:01इसलिए पहचान नहीं हो पाई
00:58:03कहते हैं उसकी चाल ऐसी थी मानो हवा को भी पीछे चोड़ने
00:58:06अपने काम में वो काफी वाहे था
00:58:12राजकुमार, मुझे बस तीन दिन दीजिए
00:58:15मैं उसे खुद खोज निकालूंगा
00:58:16और उसका काम तमाम कर दूँगा
00:58:22नहीं, हमें उससे पहले आज रात कुछ करना होगा
00:58:27वो काफी खास लोग हैं
00:58:29तो तयार रहना
00:58:34मुझे पता चला है तुमने इस प्रतियोगिता में कमाल का काम किया है
00:58:44और वो जो तुम्हारा थैला है उसे भी मैं एक दिन जरूर ढून निकालूंगा
00:58:49महराज का दिल जीतने का ये अच्छा मौका है
00:58:51महराज को सजदज कर रहने वाली लड़किया बहुत पसंद है
00:58:54तो गहने पहन कर ज़रा अच्छे से तैयार हो जाओ
00:59:22महराज को मुझ से कोई खास लगाब नहीं है
00:59:24बस इतना ही कहना था और कोई खास बात नहीं है
00:59:28हाँ हाँ बस यही बात है
00:59:30छुपो जाओ
00:59:31तुम एहसान फरमोश हो
00:59:33तुम्हें इस बात का जरा सा भी एहसास है
00:59:35कि तुम्हारी जान बचाने के लिए महराज ने क्या-क्या किया है
00:59:37अच्छा आप प्रतियोगिता की बात कर रहे हैं ना
00:59:41दिखने में भले ही लगे कि उन्होंने मुझे बचाया है
00:59:43पर असल में कहानी वैसी नहीं है
00:59:46क्योंकि सच तो ये है कि मेरे खाने नहीं सब का दिल जीता है
00:59:51तुम्हें सच में ऐसा लगता है कि तुम अपने खाने के दम पर बच पाई
00:59:57क्या बावर्ची यॉन कहा है आप शाही भोजन परोसने का समय हो गया है
01:00:00अहां बस आहीं रहे हैं
01:00:04ठीक है तो मैं भी चलता हूँ
01:00:06आप अपनी मात पूरी कीजे ना क्या कह रहे थे कहो
01:00:11तो आज भी महराज के साथ चक्कम जरूर चलाणा इस चक्कम ने तो चक्कर कर दिया है
01:00:24महाफ करना देर हो गई हाँ थोड़ी सी देर हो गई
01:00:29मुख्या राज रसो ये के नाते आज पहला दिन है उम्मीद करती हूँ आप सब साथ देंगे
01:00:34सबसे पहले बाबर्ची एमाप अरे भाई सब सुनो अरे क्या हुआ मंत्री जी एक बुरी ख़बर है सुनने में आया
01:00:44है चांगवान में महराज को दौरा पड़ा है और वह वापस अपने कक्ष में चले गए है
01:00:49क्या उनने अभी दौरे पड़ा है कहतो रहें थोड़ी देर में शांत होगे थे पर जब अपने कक्ष में गए
01:00:56तो थोड़े से बेसुद होगे थे आज आज आई बोजन के समय ज़रूर किसे न किसी के शामत आएगी
01:01:04सुनो सब कुछ भी करो चाहे दोबारा चको सौध में कमी नहीं होनी चाहिए
01:01:14महाराज को दौरे पड़ते रहते हैं क्या ये ना ही पूछो तो अच्छा है
01:01:19ताही खाने में जहर किसने मिलाया शुदात होती है खाने के बरतन फेगने से सब तहस तहस कर देते हैं
01:01:26सुना ये भी है कि वो कापने लगता है और उन्हें ब्रम भी होता है जब भी उन्हें दोरा पड़ता
01:01:30है महल में काम करने वाले बहुत डर जाते हैं सारा महाराज महाराज आप ठीक तो है ना
01:01:36सकी खांग ही उनके इस रूप को समाल पाती है वो जालिम राजा था ये तो सुना था पर इस
01:01:43बात का जिक्र कहीं नहीं है तो अब क्या करना है
01:01:53आम तोर पर तो वो नॉर्मल रहते हैं शायद जालिम राजा वाली हरकतें और कभी-कभी अचानक से भड़कने के
01:02:01पीछे कोई दमागी मिवारी हो सकती है और जो उनकी मां के साथ हुआ उसकी वज़ा से भी
01:02:10तो आज हम मो बनाएंगे जिससे खाकर महराज का दमाग थोड़ा शान्त हो जाएगा
01:02:16तुम्हें डर नहीं लग रहा है क्या डर तो यहां लगता ही है पर मेरी कोशिश होगी कि आज मरने
01:02:25से बच जाओ
01:02:35ही ओर है लग बनाएंगे जांक� descमा जा है?
01:03:18तुम सबको आज ही मौत को स्विकारना है क्या अभी पर्मान सुनाता हूँ
01:03:30महाराज शाही भोजन तयार है
01:03:48सभी करमचारी यहां से दफा हो जाओ तो महाराज शाही भोजन का क्या करें
01:03:55तुम्हे अभी मौत चाहिए क्या एक ही बात को बार बार नहीं धोराओंगा जी महाराज
01:04:06तुम नहीं रुको बालो में नीला कपड़ा बांधा है तुम मुख्या राज्रसोया हो ना
01:04:18कई काम से जी महाराज तुम यहीं पर रुकना
01:04:30कि अचे तुमने बाताओ आज क्या खास बनाया है तुमने
01:05:04क्या ये लच्छे हैं तो महाराज आज के शाही खाने में है टैंग जंग पास्ता ये पास्ता नूडल्स कुटू के
01:05:13बने हैं इसका रस्सा थोड़ा खटा है और नमक के साथ फ्राई किया है जिससे उमावी सुआ दाता है
01:05:19तुम मेरा मजाग बना रही हो क्या दिन में भी मैंने टैंग से ही बना भोजन किया था अभी तो
01:05:25ये किसी और ही मूड में है प्रतियों गिता के समय थीक ही लग रहा था नहीं माराज ये खाना
01:05:33इटली का है इसे पास्ता कहते हैं पास्ता का मतलब होता है गुंदा हुआ आटा �
01:05:38आपको लग रहा होगा इसमें टांग जंग का रसा क्यों है फिर इसका स्वाद बिल्कुल अलग है माराच
01:05:44इटाली का बसता इटली पासता बसत्रा पासता पासता पास पास पास
01:06:00पहले तुम चक्के देखो
01:06:12पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता
01:06:29पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता पासता �
01:07:01ईदेख सेंक दोन bir है कि दोगना, हिए क्वाइ।
01:07:01यदेखी वके?
01:07:01ऑ商कते वा?
01:07:28अबस तारा
01:07:44कि अबस अबस कर दो आए पर इसका स्वाद तो बिल्कुल अलग है
01:08:07जो कुंछे के साथ मिलकर एक सौंधा सा मीठा बना रहा है
01:08:10और हाँ, कुटू की महक और इस पकवान का उमामी वाकई एक अलग ही स्वाद दे रहा है
01:08:16जी हाँ, मिलकुल सही कहा
01:08:20दरसल यही टाइंग जंग पास था, मेरे पिता जी मेरे लिए बनाते थे
01:08:24खासकर तब जब मैं किसी बात को लेकर दुखी होती थी
01:08:28मैंने देखा कि आज आप भी कई बातों को लेकर दुखी हुए थे
01:08:32और मेरा भी आज पूरा दिन वियस्त था तो मैंने सोचा
01:08:36पिता जी की याद में एक स्वादिष्ट सा पकवान बनाया जाए
01:08:43अच्छा तुम्हारी मा कहा है जब मैं चोटी थी तब ही वो गुजर गई
01:08:55अकेला पंजेला होगा तुमने
01:09:00बहुत दुख भी सहा होगा यह मुझे दलासा दे रहे हैं वो भी तब जब खोद इतने दुखी है
01:09:08तुम भी शायद मेरी तरह ही अकेली हो
01:09:13अच्छा तो अभी तुम्हारे पिता जी कहा है पता
01:09:18फिलाल तो पिता जी मुझे कहीं न कहीं जरूर ढूंड ही रहे होगा
01:09:24अब शायद उन्हें पता नहीं होगा कि तुम महल आ गई हो
01:09:27क्या उन्हें संदेश भिजवा दूँ नहीं नहीं महाराज
01:09:31मैं आपको कितनी बार ही बता दूँ पर आपको यकीन ही नहीं होगा
01:09:35पर मैं सच कह रही हूँ मैं भाविश्य से ही आई हूँ
01:09:40मैं इसे एक बार मुझे मेरा बैग मिल रहा है तो इन लोगों को सब सावत कर दूँगे
01:09:45तो तुम इसे ही डूड रही है?
01:09:46हाँ, मैं इसे ही डूड रही थी, थाक्यू, वाँ
01:09:50उस ठेले की बात कर रही हो जिसे मैंने पहाड़ी से फेका था
01:09:55हाँ, उसमें एक किताब है, उस किताब का नाम मांगुन्रोग है, अगर आप वो किताब देखते हैं, तो आपको मुझ
01:10:03पर जरूर भरोसा होता है।
01:10:05मांगुन्रोग? वैसे, ये मांगुन्रोग किस तरह की किताब है?
01:10:13मुझे लगता है उसी किताब ने मुझे शायद इस यूग में पहुचा दिया है
01:10:19किताब ने इस यूग में पहुचाया
01:10:22यह कैसे हो सकता है
01:10:27टाइम स्लिप से हो सकता है
01:10:33किसी जादुई किताब की तरह मुझे भवश्या से यहां पास्ट में पहुचा दिया
01:10:39मुझे अब भी समझ में नहीं आ रहा है कि तुम क्या कह रही हो
01:10:42खेर
01:10:45ऐसा है तो मुझे मेरा भविश्य बताओ
01:10:47अगर तुमने सही बताया तो मैं तुम्हानी बात पर यकीन कर लूगा
01:10:50और मैं तुम्हारा सामान रूनने के लिए अपने सिपाही भेज़ दूगा
01:10:54सही लगा
01:10:56महाराज यौन ही आने वाले समय में छोसौन राज्य में एक बड़ा खापसिन विद्रो होने वाला है
01:11:03तो अब इंतिजार किस बात का बताओ
01:11:07इसे खापसिन विद्रो इसलिए कहा गया क्योंकि ये खापसिन साल में हुआ था
01:11:11और फिर राज महल में एक तक्ता पलटने सब कुछ बदल दिया और आखिर में आपको राजकती से उतार कर
01:11:15महल से बेदखल कर दिया क्या
01:11:17इसे कैसे बता हूँ लेकिन भाविश्य भी नहीं बदल सकती
01:11:20तो क्या आपको सर्च में भाविश्य जानने का मन है
01:11:29सबसे पहले आपका ये साल सही सलामत जाना ज़रूरी है और अगर बहुत गुस्सा आए तो उसे सहलो और करीबी
01:11:37लोगों से साफधान रहना
01:11:53क्या खापस इंविद्रोड़।
01:12:07क्या खापस इंविद्रोड सच में होगा क्या इस वक्त मुझे किसी और की चंता करनी चाहिए
01:12:16मैं क्या करूँ हूँ
01:12:33ग्योंजिन महीने की बीसवी तारीक गिहे दिन को
01:12:36मुख्य राजरसोया राजमादा द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में पहले स्थान पर आई
01:12:40कई साल हो गए हैं जब मैंने हौंग मंगवान के मुख्य लेखा की छैंगी उनको वो पत्र ढूनने का आदेश
01:12:44दिया था
01:12:45वो आज मुझसे मिलेंगे और बीस साल पहले हुई मेरी मा की मौत का राज आज मुझे पता चल जाएगा
01:12:56दरसल उसमें एक बहुत ही जरूरी किताब है और उस किताब का नाम है मांगुन्रोक
01:13:03मांगुन्रोक
01:13:06मांगुन्रोक
01:13:13क्या इसका मतलब है बादलो की चाहा रखना
01:13:44मांगुन्रोक
01:13:52महराज, मैं हूँ उरिम्भी का मुख्य सेना पती
01:13:54आजाए
01:14:00बताइए क्या बात है
01:14:01महराज, एक अन्होनी हो गई है
01:14:04हौंग मुगवान के मुख्य लेखक गायब हो गए है
01:14:07क्या कहा, ये छांग यून गायब
01:14:09जी हाँ, हमने देर रात उत्तर द्वार पर मिलने तक का तै किया था
01:14:14समय बीतने पर भी वो नहीं आये तो
01:14:16आसपास की तलाशी लेते हुए मैं एक जगा पहुँचा
01:14:18जहाँ चारों और खून पहला हुआ था
01:14:25कोई हत्यारा उन तक पहले पहुँच गया
01:14:27जी हाँ
01:14:32चलो
01:14:33खून के दपो और इस पहचान मोहर से लगता है
01:14:36कि उने किसी हत्यारे ने मारा जा है
01:14:39ये नहीं हो सकता
01:14:46इच खून को दिया गया आदेश बहुत कुप था
01:14:49फिर इसके पीछे कौन हो सकता है
01:14:52मेरी माने ऐसा कौन सा अपराद किया था
01:14:54जिसे छिपाने के लिए इतनी कुशिशे की जा रही है
01:14:58हो सकता है
01:14:59मेरी मा की मौत के साज़िश में
01:15:02जिनका हाथ था
01:15:03वो सब वही लोग हो
01:15:05वो सब जो सकता और ताकत के भूक है
01:15:14मैं किसी पर भरोसा नहीं कर सकता
01:15:18फिर से
01:15:21मैं हमेशा की तरह केला हो गया
01:15:26महराज, बाहर बहुत ठंड हो गई है
01:15:30बैतर होगा आप अंदर आकर आराम कर लें
01:15:32मेरे लिए मदिरा ले आईए
01:15:36लेकिन इस वक्त
01:15:38जी चाहता है मदिरा में टूट जाओ
01:15:58महराज, कि एवल मदिरा पीना आपके स्वास्थे के लिए ठीक नहीं है
01:16:03बैतर होगा आप इसके साथ कुछ खा लें
01:16:22बबर्ची आउन, कि आप अंदर है
01:16:26बबर्ची आउन
01:16:29आपके साथ को आपके साथ कहा है
01:16:43महाराज, आपके लिए खाना तैयार है
01:17:00महाराज
01:17:05महाराज, आप ठीक तो हैना महाराज
01:17:10तुम आ गई
01:17:13इसने पी रखी है क्या
01:17:14अरे यार
01:17:17इसके तो अलग ही कारणा में
01:17:22हाँ, मैं आपके लिए कुछ बना कर रहा ह।
01:17:33महाराज
01:17:39यहीं रुक जाओ
01:17:42यहीं रुक जाओ
01:17:43पर मैं
01:17:44कहीं मत जाना
01:18:15मस्कोचब
01:18:16ताओ कुछक ताओ
01:18:19यहीं रहीं आपकोचब
01:18:22यहीं क्द़ कुछक तो क्या शुक्षब
01:18:35कि झायां और नहां प्राइब नहां नहां है कि दो प्रमीन किसे लेंगी जहां जहां है
01:19:03그댄 내 맘에 계속 있어줘요
01:19:09아직도 난 그대를 생각해 바라고 있어요
01:19:17이젠 내 옆에 함께 있어줘요
01:19:24여전히 나의 모든 마음을
01:19:29그댄 기다려요 사랑해요
01:19:37그댄 봉양간
01:19:40아프지 않으세요
01:19:41아프지 않으세요
01:19:42아프지 않으세요
01:19:43아프지 않으세요
01:19:47아프지 않으세요
01:19:49아프지 않으세요
01:19:50아프지 않으세요
01:19:51아프지 않으세요
01:19:52사장님, 오늘의 마음이
01:20:08예수님은 오늘의 마음이
01:20:10아니요
01:20:10तो अब बस मेरा कमान देखना है
01:20:40अब बस मेरा कमान देखना है
Comments