00:00आयशा एक किसान की बेटी खेतों में अथक परिश्रम करती थी, बहतर खेती के तरीके सीखती थी। उसकी कड़ी मेहनत
00:08ने उनकी फसलें बढ़ाई जिससे उसके परिवार को धन मिला। अमीर बनने के बाद भी वह विनम्र रही। गरीबों की
00:16मदद करती रही। शिक्षा का स
00:19समर्थन करती रही और दूसरों को सिखाती रही। उनकी समर्पन और दयालुता ने उन्हें सभी के द्वारा सम्मानित और प्रिय
00:26बनाया।