Skip to playerSkip to main content
  • 1 hour ago

Category

🗞
News
Transcript
00:06आज जाक्तिक महला देन स्त्री शक्तिचा सन्मान करने सा और तीचा कर्तुत वाला सलाम करने सा दिवस
00:13आज आपन एका अश्राज असामान या महले बदल जाड़न घेना रहोत
00:17जिने समाजाचा तीरसकाराची परवान करता मानुस कीचा एक नवा आदर्शोबा केला है
00:23जा वस्तिचा नावा वरून समाज नाक मुररतो त्याज वस्तितील शेक्डु मुलांचा अंधरमाय आयुशाद आज एक नवी पहाड फुल लिया है
00:33आणी ही पहाड जांचा जिद्धितुन साकारली आहे त्या आधुनिक सावित्री मंजेज लीला इसो सुमारे 24 वर्शान पुर्वीची ही गोष्ट शिक्षनाचा
00:44निमित्तान केरर चा लीला इसो आणी तैंसे पती नाकपुर आताले
00:48नाकपुर ची बद्नाम वस्ती मनु नोलक असलेल्या गंगा जमुना परिसरात त्या जहमा काउंसलिंचा कामा सटे गेल्या तेमात इतली परिस्तिती पहुंत्या
00:57आतुन हाधरुन गेल्या
00:58वारांगणांचा मुलांचा नशिबी असलेली उपेक्षा, सतत्सा अपमान आणी शिक्षना पासुन वंचीत असलेला तैंसा बालपन
01:06हे जाज़ा इस सत्य लीला यन्नी उग्णया डोया नी पाहिला
01:10ट्याक्षणी तैंनी निर्णे गेतला इतुन पुडिल माज संपुर्णा आयुश या मुलांचा संगोपन आणी शिक्षना सथी असेल
01:18हा निर्णे सोपा नहुता घरचांचा विरोज समाजाचा धमक्या आणी आर्थीक संचन
01:25पनलीला दग्मगल्या नाहिल
01:28जावे मुलांचा शिक्षना सथी पैसे कमी पडूलागले तेम्हाया दामपत्याने असा निर्णे गेतला जो अईकुन पुणासी ही डोलेत पाना उतिल
01:37तैंनी चक्क आपली केरर मदिल संपत्ति विकली
01:41यवडे वरहीन थामता लीला यानी स्वताचा अंगावर्च सुन नान ही या लेकरांचा भविश्या सथी अरपन केला
01:48रत्ताचा नातनस्ताना ही हजारों मुलांचा आईश्यात
01:52मायचा स्पर्श देनार शरंस्तान
01:55हे वस्तिग्रुह आज अशास अफार्ट त्यागात नो बराईला
02:04असमंटा कि प्रत्तेक यश्यश्वी पुर्शा मागे एक स्त्री असते
02:08पण इथे एका यश्यश्वी स्त्री चा संगर्शा मागे पती चे भगकम धालू भी होती
02:14इसो डैनियल यानी लीला यानना प्रत्तेक वैणा वर्शा दिली समाजातिल वाइट नजरान पासोन या मुलान ना वास्वत तन्ना संसकारा से
02:23धड़े देत आज याव संस्ते चा वटरुक्ष ज़ला हे
02:26केवल नाकपुरा तस नही तर पच्छिम बंगाल मदेई हे कारिया आज अविरत सुरुआ हे
02:37आज लीला इसो स्वताहा करकरोगा सर्ख्या गंबीर आजाराशी जुन्जदेता हे
02:43पन शरीर थकत अस्तान नही तैंचा डोले तिल चमक कमी झालेली नही
02:48त्या आज अही या मुलान साथित ज़कता हे
02:51शरंस्तान चा माध्यमातून आज शंबर हुन अधिक मुलमली स्वताचा पायावर उभीरा हुन
02:56स्वाभी मानान समाजात वावरता हे
03:02देखिए हमारे शुरुआत ऐसे है कि हम दोनों मेरे पती ईसो दानियल और में दोनों बैच्छा है
03:10उनको लेकर के हम पढ़ाई कर रहते हैं उसके दोरा नाकपु शेहर में आया करते थे
03:16दोहजार से 2002 में भी आये थे और उसके बाद हमने एक बर 2002 में जब हम लों आये थे
03:24पढ़ाई के दोरान इधर में एक एसपोश्र ट्रिप को मिला है गेंगा जबना में
03:28और दूसरे वो किसके द्वारा मेरी देवर जो है इस शेतर में पहले से काम शुरू किया है तो उन्होंने
03:38हमें पताया है कि इन महिला और इन बच्छों को जीविंदगी के बारे में असली में क्या रेटलेट एरिया क्या
03:44है उस समय हमारे आखो को पुला जब हम जाके उदर व
03:59कोई भी उस शेतर में काम ने कर रहा है कोई भी संस्ता नहीं था जब हमारे संस्ता उदर शुरू
04:04किया था वह सारा अभी एकदोटोस अधा आया हुआ हुआ है उस शेसंता पर उससी समय में बहुत सारा अभाला
04:12लोते हैं लगबग नापुर शहर का गैंगा जम्णा में
04:16चार हजार से पांच हजार चोटी महला लोग चोटी बैची से लेके महला लोग तक उसी में देविवसाइग कर रहे
04:25थे उनकी बैचलो भी है बहुत पतितिक कंडिशन था प्रॉपरली सानिटेशन नहीं था बैचलो बेर फूर्ट में कर रहे थे
04:33उनको कोई पढ़ाई के लि�
04:46कोई मोका नहीं मिलाता कोई प्रॉपर जो महला लोगों को जो बीमारी हो रहे है चेवी एट्स बारे में उस
04:54समय में भी कोई इलाज प्रॉपरली नहीं मिल रहा था इस सारह चीज़े शरणस्तान के द्वारा इस कामुनिटी के डैवलप
05:02करने के लिए हमने शेतर में शुर�
05:16और हिंदी बोलने वाले थे क्योंकि बिन बिन शेतर से लोग ट्राफिकिंग हो करके आते थे चतिसकर बिहार और विलेच
05:26महाराष्ट्र विलेच तो कॉमन लेंगे जो दर हिंदी जादा यूस करते थे और इसलिए कुछ बैरियर ने था शुरुआत कितने
05:44बच्चों से हु�
05:46रूम रेंड में ले करके उदर शुरुआत किया तो 140 बैचलों दोनों रूम में था फिर लगबख बैचलों को इंक्रीस
05:54हुआ है 200 बैचलों कमुनिटी एजुकेशन के द्वारा फिर से दीरे दीरे हमने रेसिलेशल होम से शुरू किया डे केर
06:02शुरू किया मेडिकल आवेर
06:08इस सारा चीज प्रिवेंशन इंडर्वेंशन इन सबक द्वारा यह कमुनिटी को आपने डेवलोप किया स्किल्ट्रेणिंग किया अडेल्ट लिटरसी किया और
06:19लेडि लोगों को सिलाई क्लास शुरू किया था इस सारा चीज से अमने उस कमुनिटी को अप्रोच कि तिक ह�
06:34करना पड़ा क्यूंकि एक तो हमें प्रॉपर्ली इन बैच्वें को अच्छा एड्यूकेशन देना हो तो हमें रिलेशन्शिप नेटवर्किंग मित अधर
06:46इंस्टिटूशन और इस सामना करने के लिए हमने बहुत चलेंजस किया फिर ब्रॉतल ओनर्स जो ट्राफिकर से इ
07:09लोगों को नहीं पताता है कि और जो स्टाफ अमारे साथ में लाइक मैंडेट स्टाफ लोग को मिलना जैसे कि
07:18एक एड्यूकेशन टीचर उदर आकर के पढ़ाने के लिए हमको अच्छा एड्यूकेशन वाला कोई मिलना उदर नहीं आने आस नहीं
07:26सकते थे वह अगर कोई अ
07:34बोला तो बोला नहीं नहीं पढ़ा सकते हैं उदर नहीं आ सकते हैं क्योंकि हम उस अमाज में आने से
07:41मेरे विवाह नहीं होगा और मुझे मेरे समाज में कोई अंगेकार नहीं करेगा तो इसलिए इस अब चलेंज बहुता है
07:49अभी हमारा का कितने बच्चे हैं अब भी प्र
08:03उसके अलवा हम एजुकेशन, डेकेर दोनों जगा करते हैं, दोसों बचलोगों को, आज भी हम लोग पड़ाई करा रहे हैं।
08:12आखरी दवार, इस उसका जो आपकी, उसका अर्ख क्या था? जान जवार?
08:18शरंस्तान एक साल्स्क्रीट वर्ड है, आपलोग हिंदी में भी शरं लेनिक स्तान और प्लेस ओफ रिफ्यूज
08:27जाक्तिक महिला दिनाने मित्त केवर भार्षना तुन नवे, तर प्रत्यक शक्रूती तुन स्त्री शक्तीची उलत करून देनार्या लीला इसो यन्ना
08:35आमसा माना सा मुजरा
08:37तैंचा या कार्याची ही विशेश गाथा, तो मला कशिवाटली हैं मला नक्की करवा
08:43क्षित जादेश मुग, लोकमड.com नाक्पोर
Comments

Recommended