00:00यह परिसर एक एतिहासिक बिल्ड़िंग है जब कलकट्टा से अंग्रेजों के जवाने में जब कलकट्टा से तिसली राजधानी ट्रांसफर की
00:11गई थी तो उस वक्त यह बिल्डिंग बनाए गए थी 1912 में इस बिल्डिंग में 2022 में तकालीन श्री राम
00:24निवास गोयल जी के �
00:25प्रयास से यह पता चला कि एक कोने में एक फांसी घर था उस फांसी घर में स्वतंत्रता से नार्मियों
00:32को फांसी दी जाती थे
00:36स्पीकर साब ने उस तत्कालीन स्पीकर साब ने मुझे सी फिनिस्टर बुलाया कि इसको हमें टूरिस्क्स के लिए खोलना चाहिए
00:43ताकि लोग इससे प्रेर ना ले सकें मैंने वह खोल हमने उसका इनौगरेशन किया अब जब से इनकी सरकार आई
00:50है यह साबित करने में लगे
00:52हुए हैं कि वह फांसी कर नहीं था वो टिफिन रूम था मैं समझता हूं कि सुतंतरता से नानियों का
00:59इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता
01:04इनके पास आज विदान समझ में मेरे को बुलाया गया था यह कहने के लिए कि साबित करो वो फांसी
01:10कर था
01:10तो मैंने का वो उस टाइम के स्पीकर साथ ने सारी जाच करने के बाद किया था लेकिन मैंने का
01:16आप ये मेरे को बताईए कि आपके पास क्या सबूत है कि टिफिन रूम था ये फासी इनके पास कोई
01:21सबूत नहीं है तो इसका मतले भी जान बूज के सुतंतरता सेनानियों का अ
01:27उसको फांसी घर्स नहीं था यह साबित करने में लगे हूए है और वह टिफिन रूम था यह साबित करने
01:33में लगा।
01:33पर मेरा अपना यह कहना है आज जब से बीजेपी की सरकार आई है एक साल से मैंने अंदर इनको
01:40यह का मैंने का दिल्ली का बुरा हाल हुआ पढ़ा है।
01:57निभाइयां नहीं मिल रही हैं पानी के chúng ना आरहे हैं
02:03मैंने कची कि वारे में मुक्ख्य मंतरी था मुझू है
02:22experience है मुझे खुशी होती अगर इनकी कोई कमिटी मेरे को कहती के जिवाल जी बताइए सीवर कैसे ठीक करें
02:28बताइए सड़क कैसे ठीक मैं अपने
02:45से इनानियों को जब फासी दी जाती थी ऐसे स्थान को ये लोग ये साबित करने में लगे हुए कि
02:50वो फासी घर नहीं है और वो टिफिन रूम है
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