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  • 4 weeks ago
बिहार की रेणु देवी की कहानी प्रेरणादायक है, जिनकी मेहनत और जिद ने बेटे को IAS अधिकारी बना दिया. पढ़ें

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00:12बिहार के गया जिले में एक छोटा सा इलाका है डुमर्या कभी यहां नकसली दहशत की खबरें आम थी लेकिन
00:20इसी मिट्टी में एक मा की खामोश तपस्या भी चल रही थी
00:24ये रेनु देवी हैं पती के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी थी और बेटे का भविश्य दोनों इनके कंधों
00:34पर थी
00:34इन्होंने आसु पोचे और संभाल ली अपनी छोटी सी किराना दुकान
00:41रेनु देवी के बेटे संदीब ने मा की तपस्या को बेकार नहीं होने दिया और आईस अधिकारी बन गए
00:49बेटी की सफलता पर घरी मा फूले नहीं समाती साथी संघर्षों के दिनों को याद कर रो पड़ती हैं
01:10रेनु बताती हैं कि उनका बेटा गाउं से बाहर गया शहर में रहकर जब पड़ रहा था तो बस से
01:19जरूरी सामान भेजती थी
01:21एक दिन का खाना संदीप कई दिनों तक रख कर खाता था रेनु के बड़े बेटे नितीश अपने और अपने
01:31भाई की बहतर जिंदगी का हीरो अपनी मा को बताते हैं
01:36है या बड़ खाना भेशते थे दजन की मुझिए तैंटमकक्त से घड़ी उसी में भिशते थे ऊपनेपे लिए UP
01:54आ पनी थे परम मा अपसी है महां मैं तो श्राम इसगाना बहात का दताते हैं Dec
02:05My mother, we are from Mark Darshan and from Mark Darshan and from Mark Darshan.
02:14We live in this house and we will prepare our brother to prepare for this house.
02:19Whatever it is, it has been in this house and it has been in this house.
02:22It has been in this house and it has been in this house and it has been in this house.
02:34This house has written a story and has written a story about his son and his son.
02:40This is KTV Bharat.
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