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00:03अतिश है सर्वह सामन्य घरात ली अमची भीन आए चुलापूर मदे अतिश्य घरा मदे रहना रहाँ परिवार आएए त्यामडे कुटले
00:17परिशिती प्रकर्टी तेनने मागनी के लिए नो थी तेने कधी माजाकडे आश्या प्रकार्ट राज्य सभीता विशै काडला नो द
00:25जानना देखिला अननपेक्षित असा निरने आमें घेतलेला है तरनना देखिल यहाची कल्पना ही नहोतीजी त्यामन मला वाटतक के जो विश्वास
00:36आमें धाको लाए शोषेने धाको लाए को विश्वास सार्त करूनु दू जुटिताई राकोटीजी तब भाई पट कुमी
00:55जुटिताई जिए प्रणकी जिनकलोस हुआ रन्तु अधर निया चरद पोर साइब अलेली विनन्ती अनि एक अंधरीट प्रेंस जेकाई जेश्टत वाजना
01:14आए तैनी देखिल रज्जास अधि देशामते जेखिलेला का रहा है यहाता सर्वानित विचार के लानी सर्वा
01:23अधर बहाना उती कि ही बिन भीन विरोद भावे तो यह तिकानी में अप्लेले संगुज हुआ तो लोकमन्य दिलकाजन मंतु
01:37दॉक्तर रुषित दिल यह जब अब आप्तित आपे विचार के ला होता अनी देंसा देखिल कंलकाम आये अने एक सबस्द
01:49दिंचा लोकमन दिल
01:51कर अबाचा आब चाहर दिवासिश ए और जिए रुक मोटा संसा अनेक संसाल वर्ट आया है पुद्एक्षा है अनि तेंचा
01:58देकल समाझी ताम अनुन रक्षार देओ अमी तेंचा पतल देकल अनकिछ वसी यह विचार के लाऊ था परांतो पहर साथाब
02:06क्यों है यह विचार �
02:14पदल नहीं निवर्णों के लिए दॉक्टर रुइट जिलत नकिच यह पोड़े देखिए स्वबत काम करते हैं अनी शुबत लोकांची सेवाई
02:29किक
02:31अनेख भिश कर देखिए संथरों नर्फ में परद।
02:34नहीं भूकार के लता है् ध्यूरह काम क्ये लेसे चुम है।
02:54आजय थे दोर्णान चाथी काम केला और आणी समाज अचाथी काम केला हैं जो प्रहमानिक पेस्ट सब्सक्राइब है तर नक्किछ
03:03वाक्ष विचार करतास्टो अच्छ आजय श्वाक्ष आफ्शय चांगला दिनौंग केतास्टो अन मिरे
03:10कि शरू समानी कारेकरता, या मनी शरू समानी कारेकरता थांला दुकांटरे जला नकीच, आशा प्रकार्चा सद्देवेंगा
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