00:00पहली बार भारत ने इरान के सुप्रीम लीडर आयातुला अली खमनाई की मौत पर शोक जताया है
00:08इरान के दूतावास में कंडोलन्स बुक रखी गई है और ये जो तस्वीरे आप देख रहे हैं ये भारत के
00:15विदेश सचे विक्रम मिस्री वो इरान के दूतावास पहुँचे और उन्होंने इस कंडोलन्स बुक पर समवेदना किये जो पुस्तक वहां
00:26रखी गई है उस पर �
00:28अपने हस्ताक्षर किये विदेश सचे विक्रम मिस्री एरान के दूतावास पहुंचे भारत ये कई बार कहे चुका है कि एरान
00:36के साथ भारत के एतेहासिक संबंदें बहुत मजबूत संबंदें और आयातुला अली खमनाई एरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर
00:46अमेरिका और
00:47इसरेल की बंबारी में उनकी मौत होई और भारत ने अपचारिक तोर पर इसमें समवेदना अब प्रकट की है पूरी
00:56दुनिया की निगाहें इस पर थी कि भारत की क्या प्रतिक्रिया रहती है और भारत की ये प्रतिक्रिया अब सामने
01:03आई है
01:07सुमित भारत के इसरेल और इरान दोनों के साथ पारमपरे को बहुत प्रगाड बहुत मजबूत संबन्द है
01:14लेकिन यहाँ पर आयातुला अली खमनई प्रधान मंत्री नरिंद्र मोदी से पहले साफ कर चुके है
01:19कि यह युद का नहीं शांती से बाची डायलोग और डिप्लोमसी होनी चाहिए
01:24लेकिन यह अपचारिक तस्वीर आज सामने आई है
01:26बिल्कुल और आज आपने जैसा खुद बताया कि देखिए वहां पे बुकलेट रखे गए शर्दांजली के लिए कोई नोट लिखना
01:32हो मेसेज लिखना हो इसके लिए
01:33हर डेलिगेट या फिर आपके सकते हैं बड़े अधिकारी वहां पर पहुशन है खासओ पर रश्यन अब्बैस्टर भी वहां गए
01:39थे और इसके बाद आब भारत के फॉर्ण सेकेटरी वहां पहुशे है और हम आपको तस्वीरे भी दिखा रहें लेकिन
01:44गौरफ सबसे इं�
01:44इसके बात क्या है आपने बहुत सही का कि भारत के परदान मंतरी ने हमेशा हर मंच पर चाहिए वो
01:49रूस यूक्रेन की बात कर लीजे उन्होंने रूस की राश्पती के सामने मंच पर का कि ये लड़ाई का नहीं
01:54ये शान्ती का या फिर समझोते का ये बाचीत का दोर है यह
02:14उतने ही स्ट्राडजिक इंपॉर्टन लोकेशन जा आप कह सकते हैं रिश्टे रहे हैं और यही वज़े है कि भारत ने
02:20अब भी इस पूरे संगर्श पर इस पूरे विवात पर भारत का रुख बिलकुल साफ है कि शान्ती और बातचीत
02:26से इस मसलों को सॉल्व किया जा सकता
02:28है रिजॉल्व किया जा सकता है शादी इसी वज़े से आप यह देख रहे हैं कि जिस तरीके से इसराइल
02:33में भी भारत ने बातचीत की थी उसके बाद मिडलिश्ट के देशों से बात कि और आप एक बार पिट
02:36से यह तस्वीरे बया कर रहे है कि भारत का स्टांड हमेशा से
02:39शांती को ले कर रहा है करो और भारत से अगर यह कहा जाए कि आप एक पक्ष को चुनिये
02:46तो भारत किसी पक्ष को चुनने के पक्ष में नहीं है सुमेथ भारत किसी खेमे का भाग नहीं है भारत
02:53अपने राश्ट्रे हितों को साथते हुए तटस्थ खड़ा है और चाहता है
02:58कि दोनों देश आपस में बातचीत करें
03:00अगर भारत की कुईसी मित्रता की आवशक्ता होगी
03:03तो भारत मदद करने को तैयार है
03:05लेकिन शांती से डायलोग और डिप्लोमसी
03:09कूटनीती से बातचीत से
03:11हर समस्या का समधान निकलना चाहिए शुमेट
03:13बिलकुल और देकिस समधान निकलना चाहिए और शायद
03:15ultimate हमेशा जंग के दौर के बात करते हैं
03:19गौरफ हमेशा बात करते हैं जंग हुई
03:20लेकिन ultimate goal क्या होता
03:21ultimate solution क्या निकलता है बातचीत
03:24यानि समझोते के बिना कोई जंग नहीं रुख सकती
03:26चाहिए वो जंग 4 साल चले, 5 साल चले,
03:29अल्टीमेटली दोनों को, दोनों देशों को
03:30या तमाम देशों को बाचीत के लिए
03:32एक साथ आना ही पड़ता है,
03:34शायद यह इसलिए भारत का जोर,
03:36हर देश पर यही रहता है कि जब आपको इतना ही जादा,
03:38आपको जब अल्टिमेटली गोल बाचीत है तो फिर इन जगड़ों का इन लड़ाईों का क्या कारण है और शायद इसी
03:43वज़े से अगर आप देखे कि भारत ने जब यह पूरा संगर शुरू हुआ था उसके बाद प्रदान मंतरी ने
03:47खुद मिडलिस्ट के कई देश के नित
04:08आफर या फिर बाचीत का समझाते पर आने के लिए बात कहता रहा है यह महत्वपूर आप बात कर रहे
04:12हैं और भारत खाड़ी के लगभग हर देश के राश्ट्रा ध्यक्ष से प्रदान मंतरी नरेंडर मोदी ने खुद बात की
04:20समवेदना भी जटाई उन देशों पे जो हम
04:33निकलेगा
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