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  • 1 minute ago
आदिमानव भाषा का प्रयोग कैसे सीखें होंगे , यहां बताया गया है। भाषा की परिभाषा और प्रकार।

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Transcript
00:00कि मेरे प्यारे हिंदी प्रेमि स्थियों भया भनूं मेरे छात्र छात्राओं डॉक्टर उमेस हिंदी एकेडमी चैनल पर आपका स्वागत है
00:09अभिनंदन है वंदन है तो आईए आज हम लोग पहला वीडियो सुरू करते हैं हिंदी भासा से संब्ढदित हिंदी भासा
00:19शुर�
00:29में भटकते थे गिरी कंद्राओं में रहते थे पेरों पर रहते थे तो उनके बीच भी विचारों का आधान-प्रदान
00:38करने की समस्या होती होगी किसी बात को लेकर विचार का आधान-प्रदान तो होताई होगा ना आदमी इस्वर की
00:50सबसे उत्तम कृति हैं स्रौत्तम कृ
00:53लाने परती बिचारों का अधान पर्दान जरूरी अब लीजिए कि आदिमानो में
01:01प्यास लगी होती कि तो आपस में में जब एक जगल रहते थे ड्मूँ है
01:06जगल ढते वाते
01:10खम पर
01:11लोप और कंद्राओं में गुफाओं में अगर उन्हें प्यास लगेगी तो एक दूसरे से कैसे कुछ
01:18पूछेंगे कहीं पानी देखा है क्या पानी है क्या हम लोग तो भासा का विकास है तो पूछ लेंगे भाई
01:25पानी चाहिए या कहीं पंघठ है कुआ है
01:28है चापा नल है क्या उसमें क्या होता होगा तो उसमें इसारों से इस तरह से या मालेजिए कि कोई
01:38सांप वगएरा देख लिया तो क्या करते हैं सांप तो बोल नहीं सकते हैं वैसा कोई सिंबल नहीं था उसके
01:44लिए तो इस तरह से वह इसारा करते होंगे फिर धीरे ध्वनिय
01:56का विकास हुआ होगा एक-एक ध्वनी से फिर सब्द बने होंगे सब्दों के मेल से फिर वाक बने होंगे
02:05और फिर मानव
02:06अपने मन के विचारों को दूसरे पर असपष्ट रूप से व्यक्त करने में सक्चा हुए होगे तो भासा की परिभासा
02:16इसी तरह बनती है
02:17जब हम अपने मन के भावों को किसी दूसरे पर व्यक्त करने के लिए जिस साधन का उप्योग करते हैं
02:27उसे हम भासा काते हैं
02:29अपने मन के भावों को विचारों को किसी अन्व परव्यक्त करने के लिए जिन माध्य हम का जिन साथनों का
02:39प्रयोग करते हैं उसे हम भासा काते हैं भासा के दो रूप हैं पहला मौखिक और दुसरा लिखित
02:47है तो पहले मौखिक ही चलाओगा भाला भासा का पहला रुप मौखिक है क्योंकि लोक बोल करके
02:55ढफनियों से सबदों का निवान हुआ होगा और फिर बोल करके लोग मन के भावों को व्यक्त किया हमें पानी
03:05है ना तो इस तरह से बोल करके फिर इनज़नियों आतो
03:10लिखने के लिए लेखन चिन्नों का विकास हुआ होगा अविस्कार हुआ होगा वे लिपी कहलाते हैं मौखिक ध्वनियों को लिखित
03:22रूप प्रदान करने के लिए जिन लेखन चिन्नों का परियोग करते हैं उन्हें हम लिपी कहते हैं
03:31हिंदी की लिपी देवनागरी है संस्कृत की लिपी देवनागरी है नेपाली भासा की लिपी देवनागरी है उर्दू भासा की लिपी
03:41फार्सी है अल्रेजी भासा की लिपी रोमन है तो इस तरह से इस चैनल पर आपको हिंदी की जरकारी विस्तार
03:52से मिलेगी छोटे-छोटे
03:54वीडियो के माध्य हम से फिर हम लोग अगले वीडियो में अज्ड़े बातों पर चरचा करें भाशा किसा लग rij
04:05अज
04:09क्लास के वीडियों पश्चार्च कुरिए कर दोस्तों करीगा तब तक के लिए
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