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Thomas Massie ने वर्तमान राजनीतिक माहौल की तुलना इराक युद्ध से पहले की परिस्थितियों से करते हुए चेतावनी दी कि अमेरिका कहीं वही पुरानी गलतियाँ दोहरा तो नहीं रहा है। तीखी बहस के दौरान Thomas Massie ने कहा, “यह इराक 2.0 है,” और 2003 के आक्रमण को सही ठहराने के लिए किए गए सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) के झूठे दावों को याद किया।

George W. Bush के प्रशासन ने दावा किया था कि Saddam Hussein के पास सामूहिक विनाश के हथियार मौजूद हैं, लेकिन इराक पर हमले के बाद ऐसे कोई हथियार नहीं मिले।

Thomas Massie ने Donald Trump पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक नेता एक बार फिर युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनके तीखे बयान के बाद वॉशिंगटन में यह बहस फिर तेज हो गई है कि क्या अमेरिका संदिग्ध दावों के आधार पर एक और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रहा है—ठीक वैसे ही जैसे दो दशक पहले इराक युद्ध के समय हुआ था।

Thomas Massie compared the current political narrative to the lead-up to the Iraq War, warning that the United States may be repeating the same mistakes. Speaking during a heated exchange, Thomas Massie declared “This is Iraq 2.0,” recalling the false claims about weapons of mass destruction used to justify the 2003 invasion. George W. Bush’s administration had claimed Saddam Hussein possessed weapons of mass destruction, which were never found after the invasion.

Thomas Massie also took aim at Donald Trump, accusing political leaders of misleading the public again about war and national security threats. His explosive remarks have reignited debate across Washington over whether the U.S. could be heading toward another major conflict based on questionable claims, echoing the controversies that surrounded the Iraq invasion more than two decades ago.


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Transcript
00:00इतिहास कवा है कि एक जूट पूरी दुनिया को आग में छोग सकता है
00:03क्या हमें 2003 का वो साल याद है
00:06सामोही कुमिनाश के हतियारों का वो दावा जो कभी सच नहीं हुआ
00:10लेकिन जिसने एक देश को तबाह कर दिया
00:13आज वाशिंटन के गलियों में एक बार फिर वही आहट सुनाई दे रही है
00:16और सवाल उठ रहा है क्या हम एराक 2.0 की देहलीज पर खड़े हैं
00:21अमेरिके सांसत थॉमस हैरोल्ड मैसी ने एक ऐसा बयान दिया है
00:25जिसने पूरी दुनिया के राजमीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है
00:28फॉमस हैरोल्ड मैसी ने बरतमान हालात की तुलना सीधे तोर पर इराक युद्ध से कर दी है
00:34उन्होंने तीखे शब्दों में कहा है कि अमेरिका वही पुरानी गल्दिया दोहरा रहा है
00:38याद करिये जॉर्ज डबलू बुश का वो दौर जब सदम हुसैन के पास खतरनाक हतियार होने का दावा कर हमला
00:45किया गया
00:45लेकिन अंत में हाथ लगी तो सिर्फ राक और नाकामी
00:50लेकिन बात सर्फ इतिहास की नहीं है
00:52मैसी ने सीधे तोर पर डौनल्ड ट्रम्प को घेरे में लिया है
00:55कारोप है कि आज के नेता एक बार फिर राष्ट्रे सुरक्षा के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे है
01:01क्या फिर से संदिक दावों के आधार पर दुनिया को एक नए संघर्ष, एक नए युद्ध की ओर धकेला जा
01:06रहा है
01:07बहौल गर्म है और सवाल वही पुराना है
01:09क्या सत्ता की भूक एक बार फिर मासूमों के खून से मिट जाएगी
01:14क्या सच में ये इलाग टू पॉइंटों की शुरुवात है
01:17मैसी ने संसत में ट्रॉम्प की खिलाफ क्या कुछ कहा जरा सुनिये
01:22अध्यक्ष महुदय जेम्स मेडिसन ने 1709 में थॉमस जेफर्सन को लिखा
01:27सम्विधान मानता है जैसा की सभी सरकारों का इतिहास दर्शाता है
01:31कि सत्ता की कारेकारी शाखा युद में सबसे अधिक रुची रखती है
01:35और उसकी ओर सबसे अधिक प्रवित्त होती है
01:38इसने सोच समझ कर युद का अधिकार विधाईका को सौपा है
01:42सम्विधान स्पष्ट है हमारे सम्विधान का अनुचेद एक धारा आर्ट खंड ग्यार कांग्रेस को युद्ध शुरू करने की शक्ति प्रदान
01:52करता है
01:53हमारे समविधान का अनुच्छे दो खंड दो उपखंड एक राष्ट्रपती को युद्ध संचालन की शक्तियां देता है
02:01भले ही यह निकाय यह दिखावा करे कि 1973 का युद्ध शक्तियां प्रस्ताव समविधान की स्पष्ट भाशा को अधिभावी करता
02:09है
02:10राष्ट्रपती ने फिर भी उस कानून द्वारा ही आवश्यक शर्टों को पूरा नहीं किया है
02:151974 का युद्ध शक्ति प्रस्ताव स्पष्ट रूप से कहता है कि राष्ट्रपती केवल तीन शर्टों के अधीन अमेरिकी सशस्त्र बलों
02:25को शत्रुता में शामिल कर सकते हैं
02:28पहला युद्ध की घोशना दूसरा विषिष्ट वैधानिक अनुमती या तीसरा अमेरिका पर हमले से उत्पन राश्ट्रिय आपात काल आज ऐसी
02:39कोई स्थिती नहीं है
02:40इरान ने अमेरिका पर हमला नहीं किया है कांगरेस ने युद्ध घोशित नहीं किया है
02:45और कांग्रेस ने कोई विशिष्ट वैधानिक अनुमती नहीं दी है
02:49समवैधानिक प्रश्ण से परे यहां एक और भी महतवपूर्ण प्रश्ण है
02:54हम इरान के साथ युद्ध क्यों कर रहे ने
02:56हमें अपने सैन्य कर्मियों को एक स्पष्ट मिशन देना चाहिए
03:01और मेरे जिले के अमेरिकी परिवार जानना चाहते हैं
03:05कि यह उन्हें किराना खरीदने में कैसे मदद करेगा
03:08यह उन्हें उनके स्कूलों या पडोस में कितना सुरक्षित बनाता है
03:12यह उन्हें घर का खर्च उठाने में कैसे मदद करेगा
03:15क्या हमने मध्य पूर्व में छेडे गए युद्धों और शासन परिवर्तन के प्रयोगों से कुछ नहीं सीखा
03:21जिन्होंने इराक, लीबिया, सीरिया, अफगानिस्तान में कम से कम आठ ट्रिलियन डॉलर का कर्ज जमा कर दिया है
03:28इरान के साथ लंबा युद्ध क्षेत्र को स्थिर नहीं करेगा
03:32इसने क्षेत्र को बढ़का दिया है
03:34या तंकवादियों की नई पीडियों को कटरपंथी बनाएगा
03:38और यूरोप व अमेरिका में शरनार्थियों के जुंड भेजेगा
03:43इरान वेनेजुएला नहीं है
03:45आयातुला राश्ट्रपती नहीं थे
03:47वह कटरपंथी इसलामवादियों के लिए कुख्यात क्षेत्र के धार्मिक नेता थे
03:52और अमेरिका व इसराइल ने उन्हें शहीद बना दिया
03:55इस प्रक्रिया में ओदे हमने अर्बों डॉलर खर्च किये हैं
03:59और इससे भी दुखत चा अमेरिकी परिवारों को अपने बेटे बेटियों को खोना पड़ा है
04:05और किसलिए ये प्रशासन हमें सीधा जवाब भी नहीं दे सकता
04:08कि हमने ये पूर्व व्यापी युद्ध क्यों शुरू किया
04:11राश्ट्रपति कहते हैं हमें पहले हमला करना पड़ा क्योंकि इरानी हमला आसन था
04:15इस बीच रक्षा विभाग ने स्वीकार किया कि किसी आसन इरानी हमले का कोई सबूत नहीं था
04:24कुछ ने कहा ये युद्ध परमाणू हत्यारों का था पर चेह महीने पहले हमें यकीन दिलाया गया था
04:30कि इरान पर हमारे पिछले हमले ने उनके परमाणू कारेकरम को तबाह कर दिया था
04:34तो कौन सा सच है मुझे लगता है कि सबसे सीधा जवाब विदेश मंत्री से आया
04:40जिन्होंने प्रेस को बताया कि इसराइल ने हमें मजबूर किया और हमें फिर से इस युद्ध में घसीटा
04:46और यही सच्चा है कि युद्ध का निर्णे कांग्रिस को ही लेना चाहिए
04:51अगर अमेरिकी जाने और खून दाव पर हो तो यह फैसला अमेरिकी जनता के प्रतिनिधियों द्वारा बहस और मतदान से
05:00होना चाहिए
05:01और वह बहस कठिन हो और वह वोट मुश्किल हो
05:05मेरी एक थियोरी है मुझे लगता है कि मेरे सहकर्मी सारवजनिक रूप से नहीं बोलना चाहते
05:11क्योंकि मध्यपूर्व में दखल अंदाजी का हमारा रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है
05:16जब बात बिगड़ती है तो वे अपना नाम इससे नहीं जोड़ना चाहते
05:20लेकिन कांग्रेस को अपने समवैधानिक करतवे की परवाह नहीं है
05:24क्योंकि इस सदन में कईयों के लिए दूसरों के बेटे बेटियों को
05:28उनके मत के बिना युद्ध में भेजना आसान है
05:47कुछ कहते हैं कि जब हम युद्ध का भुगतान करते हैं
05:51तब कांग्रेस उसे अधिकृत करती है
05:53समस्या ये है कि हमने अपने बेटे बेटियों के लिए
05:56मिशन तै करने का कठिन काम नहीं किया है
05:58जो लड़ने जा रहे हैं वो बज़ट बिल में नहीं है
06:01यह कभी नहीं होता और युद्धरत सैनिकों को मैं आपका भारी हूँ और आपकी सुरक्षा की कामना करता हूँ
06:10यह प्रस्ताव मैंने आपके लिए लिखा है हम सब यहाँ इस सदन में इतनी मेहनत कर रहे हैं ताकि यह
06:14मतदान हो सके ताकि आपको वह स्पष्ट लक्ष मिले जिसके आप हकदार हैं ताकि आप जान सकें कि इसे हासिल
06:20करने पर आप घर लोट सकते हैं और इसी के साथ मैं इस प
06:41subscribe to one India and never miss an update
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