00:04जहां फागुन की रंग और शोर में पूरा देश डूबा होता है।
00:30कर दो देशी में तो कि अपूरा में है संथवाब हो पारा गारी गारी गाला मैंरे गारे वाण अपनु नाय
00:43टुझन जहां
01:09Bihar Shariif
01:11Sati 5 Gow, Patwana, Baswan Bigha, Divrarar
01:15Par, Nakatpura
01:17Or Deedhara
01:18Me Holi Ka Suroop Bilkul Alag
01:21Or Adhyatmik
01:22लोगों के अनुसार, एक संत बाबा ने होली में हुर्दंग और गाली गुलोज लराई से बचनी के लिए अखंड कीर्तन
01:30का मार दिखाया था
01:55इन पांच गाओं के या परंपरा आज के समय में एक संदेश देती है
02:00कि तेवहार की बल बाहरी रंगों का नहीं, बलकि आत्नशुद्धी और सामाजिक साहोद्र का भी प्रतीक है
02:07यहां होली का असली रंग भक्ती, सैयम और एक्ता में नजर आता है
02:12विडियो भारत के लिए नालंदा से महमूद आलम की रिपोर्ट
02:16झाल workers कोववद यहाराय और ज भारत की रिवाद्य?
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