00:23ुशेवजा सूरी के ख़ाब को चकना चूर कर दिया था
00:26उस वक्त किले पर चन्देल साशक राजा किरस सिंग का शासन था
00:32शेवजा सूरी किले के अंदर जा रहा था
00:34तब ही किरस सिंग ने उस पर हमला कर दिया
00:40तो जिस केने के आलम जीर द्वार जिसको पहते हैं
01:10इस तरह ये किला कभी अफगानों तो कभी मुग्लों और कभी आज़ा कर दिया तो प्रमुग गेट हैते हैं
01:15अंग्रेजी हुकुमत से लोहा लेता रहा
01:17इसने मेंबूत गजनवी से लेकर हुमायू और कुतुबदिन एबग तक के हमले झेले
01:23लेकिन कोई भी इस पर विजय हासिल नहीं कर पाया
01:31भारत के साथ अज़े किलों में भरतपूर किला, कलिंग का किला और कालिंजर किला इस तरह से साथ अज़े किले
01:38थे भरतपूर का भी किला है
01:40इस किले का निर्मान किसने कराया इस पर इतिहास मौन है
01:44people think that this is a family of dogs,
01:47or there are other people who have just found us.
01:52With the Sathiyug in the Kirtinagar,
01:54then in the Trita Yug was not a good idea,
01:56but in the situation of the Dwa Pariyug,
01:57some people would call them a single name as they had just found out.
02:01It is only clear that in the 6th century,
02:04the Chandi Raajan greed,
02:05has made this sense of power,
02:07and it took the the nokia for the peace and give it.
02:11This is a great place for the people of Kala and the people of Kala.
02:16The people of Kala have been seen in this place.
02:20The people of Kala have been seen here.
02:27This has been made by the people of Kala.
02:40foreign
02:57foreign
03:04ुत्तर प्रदेश और मद्रप्रदेश के सीमा पर कालिंजर का किला बुंदेल खंट के बांदा जिला मुख्याले से करीब 60 km
03:12की दूरी परिस्तित है
03:13किले के पश्मी हिस्से में एक प्राचीन निलकंट मंदिर है
03:18ऐसी मानेता है कि समुद्र मन्थन के निकले विष्ष को पीने के बाद भगवान शिप यहीं आये थे
03:24और यहीं से उनके गले को ठंडक मिली
03:32यह पहले मा काली के स्थान था यहां भगवान बिराजमान है यह बिंद्र जल परवत के नाम से लाना जाता
03:38था
03:59यहां के शिवलिंग की एक अलग खासियत है जो लोगों को हैरान करती है
04:06कहा यह भी जाता है कि निलकंठ का जो यहां पर शिवलिंग है उसके गले से
04:12साल के बारों महीने पसीने के रूप में पानी बहता रहता है
04:16जिसकी कई बार जाच की गई कई विश्यशग आये लेकिन यह पता लगाने में नाकाम हो गए
04:25मंदिर में रोजाना घंटे और घर्याल के साथ भगवान शिवकी आती होती है लोग भगवान शिवकी पूजा करते हैं
04:39और यहां की एक विशेश मानता है कि जो भी भगवान नीलकंठ आता है अपनी मनो कामनाएं लेकर उसी की
04:47सभी मनो कामनाएं पूर्ण होती हैं
04:50और जो भी स्वर्गा रोहन कुंड का जल ग्रहन करता है वह असाध से असाध रोग उसके नश्ट होते हैं
04:57कालिंजर के कीले के पौराणिक तालाब में 12 महीने पानी रहता है लोग इसे पवित्र मान कर इसकी पूजा करते
05:05हैं
05:05Look at this, in Kalinjar's village, there is a great opportunity for the people here.
05:13This is the reason why people are coming here.
05:17U.P. is a heritage tourism destination, so that it doesn't exist.
05:27E.T.V. BHARAT for the Uttar Pradesh, Anand Tiwari,
05:32Kitty Poo.
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