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  • 2 days ago
खामेनेई की मौत पर अमेरिकी अखबार का बड़ा खुलासा, देखें

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00:00वाल स्ट्रीट जर्नल का एक दावा है क्योंकि देखिए ऐसे वक्त पर जब यूद होता है सब अपनी अपनी बाते
00:05कहते हैं कई बार वो प्रोपगांडा का भी हिस्सा होता है अपने अपने देश के लिए लेकिन अमेरिकी अख़बार के
00:11हवाले से खबर है कि एरान पहले ही �
00:14सेने ठेकानों पर मिडली इसमें हमला कर सकता था इसलिए इतना बड़ा ओफेंसिव इरान पर लांच किया गया है यही
00:21वाल स्ट्रीट जर्नल का दावा है खामनाई की मौत को लेकर वाल स्ट्रीट जर्नल का ये बड़ा खुलासा है उनका
00:26ये कहना है कि खामनाई के ठेकानो
00:35पर हमलाग करने वाला था इसलिए अमेरिका ने इतना बड़ा ओफेंसिव किया है।
01:31इस शनिवार के दिन मिल गया।
01:35पर हमला करें और इसलिए ये किया गया है।
01:37लेकिन जो भी हो ये तो कहना ही होगा कि अमेरिका ने जिस तरह से खामने के ठिकानों पर तीस
01:42बॉम गिरा है।
02:05अलग अलग जगों की तस्वीरे आप देख रहे हैं।
02:11आप देख रहे हैं चारों तरफ लोग पहुच गए हैं।
02:13और एक जो वीडियो है उसमें आप देख रहे हैं कि अंकर बताते बताते कि
02:18याली खामने को मारा गया है वो रो पड़ा।
02:20मस्जिदों में लोग जबा हो रहे हैं।
02:22सडकों पर लोग उतर रहे हैं।
02:24धर्म के नाम पर ये देखिए ये तस्वीर है स्टूडियो की।
02:30बलंद मलकूती कुह नस्टूह वलायत
02:35पदर महर्बान उमत
02:37रहबर व इमाम मुस्लमी
02:40हजरत आयत लाहल उजमा सेद अली हुसीनी खामने
02:45दर रह सर बलंदी हरम जमूरी इसलामी एरान
02:51शहत शवाई गवारा ये शहादत रा नूशीदन
02:55वब मलकूत अला प्यवस्टन
02:58बाद अमरी मुजाहिदत
03:01तो ये बताते बताते वो रो पड़े
03:03दूसी तरफ आप दिखाएए मस्जिदों में वहाँ पर लोग जमा हो रहे है
03:06अब देखे यही सबसे बड़ी चिंता पूरे विश्व के लिए होनी चाहिए
03:10क्योंकि अली खामनाई जैसा कि हम बता रहें
03:12सिर्फ एरान के एक सुप्रीम लीडर नहीं थे
03:14वो एक आइडियोलोजी को बढ़ाते थे
03:16वो कटर इसलाम के सबसे बड़े आड़ोकेट थे
03:19वो जिस तरह किया महौल वहाँ पर पैदा कर चुके थे
03:22और उसकी वजह से ये माना जा रहा है
03:25कि धर्म के नाम पर भी एक लामबंदी हो सकती है
03:28और यही पूरे विश्व में सबसे बड़ी चिंता होगी
03:31इराक से लेकर इरान की सड़कों पर अगर लोग पहुँच रहे हैं
03:35और इस तरह से मातम बना रहे हैं खामनाई की मौत के बाद
03:37तो यह सबसे बड़ी चिंताब विश्व के लिए हो सकती है
03:40बेल्कुल और देखे यह तस्वीर हम आपको अलगलग इलाकों से दिखा रहे हैं
03:44इरान के और यह इसलिए दिखा रहे हैं क्योंकि देखे
03:46प्रो रिजिम को लेकर भी सरकार की तरफ से एका जा रहा था कि जब नाशनल डे बनाए गया
03:51तब यह कहा गया कि चार-पांस सालों पहले तक इतनी भीड नाशनल डे पर इरान के नहीं दिखी थी
03:56जो इस बार 11 फरवरी को देखी गई
03:58और इसके पीछे का मकसद यह था कि वो अमारी की दावो को यह वेस्टन मीडिया के दावो को जुटलाना
04:03चाह रहे थे
04:03कि देखें कोई रिजिम नहीं चेंज करना चाहता लगाता
04:06लोग वहांके रिजिम के सपोर्ट में ही और अभी जब सुप्रीम लीडर को मारा गया है
04:10तब एक बार फिर से उसी सड़को पर आप ये पूरा इलाका जो है
04:14ये अजादी स्क्वेर का इलाका है तेरान का वो इलाका है जिसे सिंबॉलिक तोर पर
04:18देखा जाता है इरानियन रेविलुशन के साथ 1979 के साथ
04:21और ये इसले इंपॉर्टन्ट है क्योंकि यहाँ पर हजारो लाकों की संक्या में लोग एकठा होते हैं
04:26जिसमें नासर पोरोष, महिला, बच्चे भी इन्वाल वोतर
04:29यहाँ पर हमेशा हम देखते हैं कि एंटी अमारिकन सेंटिमेंट्स को भी लगातार दिखाया जाता है, दर्शाया जाता है
04:34इसराइल के खिलाब बड़े-बड़े पोस्ट बैनर लगाया जाते हैं
04:37और नितिनाहू के लोकेर भी बड़े-बड़े दावे भी किये जाते हैं
04:40आईए एक बार फिर से आपको तस्वीरे इराक की दिखाते हैं
04:43देखें इराक में इस युद्ध का फैलना जहां लगबग 60-65 फीज़दी शिया मुस्लिम रहते हैं
04:49अगर वो खुलकर अमेरिकी बेस पर वहाँ पर हमला कर रहा है इराक
04:53वहाँ पर इराकी मिलिशिया ने बीते दिन कांसलेट पर भी अमेरिकन कांसलेट पर हमला किया
04:57तो ये युद्ध बहुत ही जिसको कहते है क्रूर रूप अपना सकता है बहुत बुरी तरह से फैल सकता है
05:04और खामनाई की हत्या के बाद अब उसकी मौत के बाद एक बहुत बड़ा बैकलाश आपको शिया जो बहूल देश
05:11है
05:11वहां से अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ देखा जा सकता है और इससे ये युद्ध का जो पैमाना है वो
05:16बदलेगा
05:16लेकिन दूसरे नजरिये से अगर इस पूरे मामले को हम देखें धर्म के नाम पर लामबंदी
05:22मतलब ये पहले भी थी क्योंकि जो आतंकी होते हैं वो उसी नाम पर लामबंदी करते हैं और ये देखें
05:28ये बगदाद की हम तस्वीरे दिखा रहे हैं इसको किस तरह से देखें दुनिया
05:32आपको लग रहा है जनरल मेस्टरन के आपको लग रहा है कि ये भी एक दो दिन का रिवोल्ट है
05:36उसके बाद शान्त हो जाएगा या उगर रूप ले सकता है लेकिन अगर इसको टीपली आनलाइज किया जाए ये जितने
05:45भी शिया कॉम्निटी के लोग है हर जगा येस उनको
05:48शौक और जटका लगा है लेकिन क्या वो एक टेरिरिजम एक्ट और कर सकते हैं उसके लिए उनको चाहिए काफी
05:55चीजें नमबर एक तो उनको जमीन चाहिए जहां वो ट्रेनिंग कर सकते हैं जैसे आपने देखा था किस प्रकार पाकिस्तान
06:01ने अपना टेरिटरी दिया था
06:02और किस प्रकार बिन लादन को उन्होंने अबटाबाद में दिया था लेकिन आज इरान को कौन ये देगा और अगर
06:09इरान में ये रिजीम चेंज की बात हो रही है और में को लगता है लॉग टर्म इरादा इनका ये
06:14है अमेरिका और इसराइल का ये जो आयर जी सी है उसको �
06:19भी मतलब जो फ्रेक्शनलिजम है उसको थोड़ा डिवाइड करना और उनकी जो आम फोर्सेज है उनको जाके सुप्रीम लेकर लेकर
06:25आना जो एक डिमोक्रेटिक फंक्शनिंग होता है तो अगर ये सब होता है तो मेरे को लगता है इरानियन टेरिट्री
06:31में भी ये सब पॉ
06:48इस उस इलाके से अब मेरे को दिख रहा है बिलकुल जाता हुआ ये तो इसलिए मैं बोल रहा हूँ
06:53ये भारत के लिए एक बहुत बड़ा विन-विन सिच्विशन है क्योंकि चाइना बहुत इंडोर्स कर रहा था उसका जिबोती
06:58में भी बेस है अब भारत को अमेरिका के सा
07:01मिलके मेरे क्याल अपना प्राइम नाशनल इंटरस्ट देखते हुए पाइमे कावरी डोर पे फोकस करना चीए जो रुका हुआ था
07:08और जहाता प्लिफ्सीन का सवाल है इस बोर्ड आफ पीस है तो इसका भी एक मकसद है
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