00:00भरजी इस सच्चे प्रेम की पहचान क्या जिया न जाए शायद इसको ही इसक कहते हैं जैसे कोई दिल को
00:07मश्ला कर एक पीड़ा जदै में एक भ्या कुलता है उन्हें प्यारे के लिए दरात्री में नीद आती है न
00:17भोजन अच्छा लगता है ना हसना अच्छा लगता है ना क
00:23मुल्बाची तच्छा लगता है
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