00:11दिल्ली राउज एवनिकोट की तरफ से फैसला की केजिवाल को बरी किया गिया है
00:16और ये बड़ी और एहम जानकारिया को बता रहो
00:19पाथ शुलक नीती में केजिवाल आरपों से मुक्त हो गए है
00:23मनीश सिसौधिया को भी बरी कर दिया गया है
00:26कोट ने मनीश सौधिया और अर्विंद केजिवाल को आरोपों से बरी कर दिया है
00:32बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होते हैं ये कोट की तरफ से बहुत एहम टिपड़ी की गई है
00:49यह बड़ी जानकारी आपको दे रहे हैं और देखिए अब संजे शर्मा मारे साही हो गया हमारे साथ जुड़ गए
01:10इसमें नहीं आए क्या आपने उन गवाहों के जांत की जो आपके
01:16दावे के विपरीत गवाही दे रहे थे आप हमेशा ये सोच रहे थे कि आप जो दावे करेंगे अदालत उन
01:21पर बरोसा कर लेगी
01:22लेकिन अदालत आपके दाओं पर भरोसा इसलिए नहीं कर सकती क्योंकि उसके साथ सबूत नहीं है और जो सबूत आपने
01:28दिये हैं वो लचर हैं वो पर्याप्त नहीं है लहाजा सबसे पहले अदालत ने बताया कि जो कुलवीप सिंग है
01:34वो पूर वो डिप्ती कमिशनर है रा
01:50चार्शीट डायर की गई थी उसमें बहुत सी खामिया थी कमजोर थी हाँ कोड में कहा कि चार्शीट में बहुत
01:56सारे लकुनाज हैं जिसके जवाब हमें संतोष जनक जवाब नहीं मिल रहे हैं हाला कि जांचे जिंशी का कहना है
02:01कि वो इस आधेश को हाई चूनसी देगी हा
02:16यह बाहर निकलेंगे उसके बाद यह बताएंगे यह यह मामला अब उपरी अदालत में जाएगा क्या इस बात को लेकर
02:22अभी तक जानकारी है दूसरे पक्ष की तरफ से क्या उन्होंने मन बना लिया कि इस मामले को आगे चनौती
02:26दी जाएगी यहां बिल्कुल CBI के वकीलों क
02:30कि तरफ से यह कहा जा रहा है कि वो इस मामले को इस जो ऑर्डर है उससे संतुष नहीं
02:35है और इसके जो लकुनाज है इसमें और में उसको उनकी आधार पर वो हाई कोर्ट में इसे चुनोती देने
02:41के तैयारी कर रहे हैं फिलहार इस पुरे ओर्डर का अध्यान किया जाएग
02:58जी बिल्किल मांशु बहुत बड़ी राहत कहीं जा सकती है ये अर्विन केजरिवाल मनी से सोते हो और पूरी आमादमी
03:04पार्टी के लिए क्योंकि जैसा हमें याद है 2022 में जब दिल्ली एकसाइस का मामला चल रहा था आमादमी पार्टी
03:10के काफी जो नेता है वो जेल के अं
03:30आमादमी पार्टी पे और इनके नेताहों पे लगाये थे किस तरीके से दिल्ली एकसाइस पॉलिसी बनाई गई गई एक्जिक्यूट की
03:36गई ब्राइबरी करॉप्शन के चार्जिज जो है वो आरो पर लोगों पे लगाए गए इस मामले में आज को कहना
03:44है कोट ने साफ त
03:55सोदिया और अरवन केजरिवाल के खिलाफ इस केस इस मामले में नहीं बनता है सी बी आए की चार्ट शीट
04:00को काफी कमजोर बताया है अज दिली के राउस आविन्यू कोट में जैसा हमें याद है जो आरोप थे सी
04:07बैए किस मामले में वो थे किस सौ करोट से जादा के किक बै
04:25देप्यूटी सी एम थे जो पूरे responsibility थी इस policy को बनाने और execute करने की वो money से सोदिया
04:31पे थी और जो process follow किया गया था वो सही नहीं था लेकिन कोट ने आज इस चीज का
04:36एक तरीके से नारूपों को एक तरीके से खंणन किया है क्योंकि कोट का कहना है कि जो material जो
04:42evidence जो statements पे CBI rely कर
04:45के आरूप लगा रही है वो ही prosecution के case के एक तरीके से खिलाफ जा रहे है इस stage
04:51पे court का का काम charge सिफ ये देखना होता है कि चार्ट शीट में जो CBI ने कहा है
04:56क्या उसके हिसाब से कोई charges frame करने की ज़रूरत इन जो आरूपी है इन आरूपियों के खिलाफ बनती है
05:02या नहीं वो द
05:14सकता है serious allegations लगाए जब जाते हैं किसी एक public official पे because उस वक्त बनी से सोधिया deputy
05:21CM अर्विन केजडिवाल चीफ मिनिस्टर थे court का कहना है कि आपको serious आरूप आप लगा रहे हैं एक constitutional
05:27authority पे एक public servant पे तो आपके पास material भी होना चाहिए उसे प्रूफ करने का
05:32सुरिश्टी आप इस मामले को बहुत पहले से देखती आ रही हैं अब deputy CM और CM पर इतने गंबीर
05:37आरूप लगाए गए CBI ED की तरफ से बहुत कुछ कहा गया कि इत मामले में उनके पास पुक्ता सबूत
05:43हैं लेकिन जब court की तरफ से ये बात कही जा सकती है कि charge sheet मजबूत ही न
05:51रहे थे ऐसा कुछ है ही नहीं तो ये तो सवाल खड़े करता है ये बिल्कुल बहुत बड़ा observation है
05:58जो court की तरफ से आ रहा है हम बहुत केसे में देखते हैं जहां पर cases file किये जाते
06:03हैं CBI के द्वारा charge sheet file की जाती है काफी कम होता है कम cases होते हैं जहां पर
06:07framing of charges के stage पे ही discharge कर दिय
06:11जाता है लोगों को because थोड़ा politically relevant case भी है हम बात कर रहे हैं दो कुछ उन लोगों
06:18की जो किसी public position को public post को hold कर रहे थे उस ताइम समय deputy CM और sitting
06:24chief minister को arrest किया गया था इस मामले ये थोड़ा मामले के गंभीता को और भी बढ़ाता है
06:29कोड का क्याना भी है क्या serious RO जब किसी public position hold कर रहे इंसान पर लगाते हैं जैसे
06:36कोई CM or deputy CM तो आपके पास material भी होना चाहें
06:40otherwise अगर prosecution अगर CBI अपने allegations को evidence के साथ support नहीं कर पाएगा
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